आपसे चुदने आती रहूंगी

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आपसे चुदने आती रहूंगी

Kamukta, hindi sex kahani, antarvasna:

Aapse chudne aati rahungi संध्या मुझे कहती है कि गुंजन आज हमारे कॉलेज का आखरी दिन है तुमने अब आगे क्या सोचा है मैं और संध्या हमारे कॉलेज के कैंटीन में बैठ कर बात कर रहे थे तभी हमारी सहेली चंद्रिका भी वहां पर आ गई। चंद्रिका हमसे पूछने लगी कि संध्या तुम और गुंजन यहां पर क्या कर रहे हो संध्या ने चंद्रिका को जवाब दिया और कहा बस कुछ नहीं ऐसे ही बैठे हुए थे और इस बारे में बात कर रहे थे कि आज तो हमारे कॉलेज का आखरी दिन है और उसके बाद शायद सब लोगों से मुलाकात हो भी पाती है या नहीं। चंद्रिका मुझे कहने लगी कि मैं तो अपने मामा जी के साथ इंग्लैंड जा रही हूं और उन्हीं के साथ मैं रहने वाली हूं चंद्रिका के मामा जी का इंग्लैंड में बिजनेस है और चंद्रिका ने जब मुझसे यह कहा तो मैंने चंद्रिका को कहा तो क्या तुमने अब इंग्लैंड में ही रहने के बारे में पूरा मन बना लिया है।

वह कहने लगी कि हां मैंने अब इंग्लैंड में ही रहने का पूरा मन बना लिया है। मैं और संध्या साथ में बैठे हुए थे चंद्रिका ने मुझे कहा कि मैं अभी चलती हूं मैंने चंद्रिका को कहा ठीक है चंद्रिका हम लोग दोबारा मिलते हैं। जब हम लोगों का कॉलेज खत्म हुआ तो उसके बाद चंद्रिका तो मुझे आज तक नहीं मिली और कॉलेज खत्म हुए करीब 5 वर्ष हो चुके हैं 5 वर्षों में सब कुछ बदल चुका था मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब कर रही हूं और संध्या की शादी हो चुकी है। मैंने अभी तक शादी के बारे में कोई विचार नहीं बनाया है और ना ही मैंने इस बारे में अभी तक सोचा है परंतु संध्या से मेरी बात अक्सर फोन पर होती रहती है। मैं अपनी लाइफ में बहुत बिजी हो चुकी हूँ और भागदौड़ भरी जिंदगी से मैं काफी परेशान भी हो चुकी थी थोड़े दिनों के लिए मैं अपने लिए समय निकालना चाहती थी इसके लिए मैंने पापा मम्मी से कहा कि क्या हम लोग कहीं घूमने के लिए चलें। पापा और मम्मी मुझे कहने लगे कि बेटा अभी तो संभव नहीं हो पाएगा क्योंकि फिलहाल बजट नहीं है। पापा और मम्मी हमेशा ही घर बजट के अनुरूप ही चलाया करते है क्योंकि मेरे छोटे भाई की कॉलेज की फीस उन्होंने कुछ समय पहले ही दी थी जिस वजह से पापा कहने लगे कि बेटा मेरे पास तो फिलहाल पैसे नहीं है।

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मैंने सोचा कि क्यों ना मैं ही अपनी तरफ से पापा मम्मी को कहीं घुमाने के लिए ले जाऊं मैंने पापा और मम्मी से इस बारे में बात की तो मेरा छोटा भाई जो कि अभी अभी कॉलेज में गया है वह भी मुझे कहने लगा कि गुंजन दीदी तुम क्या प्लान बना रहे हो। मैंने अपने छोटे भाई को कहा कुछ भी तो नहीं बस हम लोग कहीं जाने के बारे में सोच रहे थे तो मेरे पापा बोल उठे कि बेटा क्यों ना हम लोग जयपुर तुम्हारी बुआ जी के यहां चलें वहां हम लोग घूम भी लेंगे और तुम्हारी बुआ से भी मिल लेंगे। मेरी बुआ की शादी जयपुर में हुई है और पापा और बुआ के बीच बहुत प्रेम है वह लोग अक्सर एक दूसरे से बात करते रहते हैं और पापा चाहते थे कि हम लोग जयपुर जाएं। मैंने पापा को कहा ठीक है पापा हम लोग जयपुर ही चलते हैं और हम लोगों ने अब जयपुर जाने का पूरा प्लान बना लिया था मैंने ट्रेन की टिकट भी करवा ली थी। पापा से मैंने कहा कि पापा आप अपने ऑफिस से छुट्टी ले लीजिएगा तो पापा कहने लगे कि हां गुंजन बेटा मैं अपने ऑफिस से छुट्टी ले लूंगा मैं आज ही अपने ऑफिस में जाकर छुट्टी के लिए अप्लाई कर देता हूं। पापा ने ऑफिस में जाकर छुट्टी के लिए अप्लाई कर दिया कुछ दिनों बाद हमारा पूरा परिवार जयपुर चला गया मैं काफी समय बाद अपने पापा मम्मी के साथ कहीं घूमने के लिए गई थी तो मुझे अच्छा लग रहा था। हम लोग जब ट्रेन में बैठे हुए थे तो उसी वक्त संध्या का मुझे फोन आया और संध्या मुझे कहने लगी कि गुंजन तुम कहां हो तो मैंने संध्या को बताया कि मैं तो जयपुर जा रही हूं तो संध्या मुझे कहने लगी कि तुम जयपुर से कब लौटोगी। मैंने संध्या को कहा जयपुर से आने में तो हम लोगों को समय लग जाएगा संध्या कहने लगी कि ठीक है गुंजन जब तुम वापस लौटो तो मुझे फोन करना मैंने संध्या को कहा ठीक है जब मैं वापस लौट आऊंगी तो तुम्हें फोन कर दूंगी। हम लोग जब जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे तो पापा कहने लगे कि बेटा हम लोग यहां से ऑटो ले लेते हैं मैंने पापा से कहा पापा ठीक है। हम लोग वहां से ऑटो में मेरी बुआ जी के घर पर गए काफी समय बाद बुआ जी से मुलाकात हो रही थी तो मुझे बहुत अच्छा लगा और पापा भी इस बात से खुश थे।

पापा और बुआ आपस में बात करने लगे और हम लोग रूम में बैठे हुए थे मम्मी मुझे कहने लगी कि मैं भी तुम्हारी बुआ के साथ बैठती हूं। मैं और मेरा छोटा भाई हम दोनों साथ में बैठे हुए थे और वह लोग आपस में बात कर रहे थे मेरा छोटा भाई मुझे कहने लगा कि दीदी अब मेरे कॉलेज की पढ़ाई शुरू हो चुकी है मेरे पुराने दोस्त भी अब सब पीछे छूट चुके हैं। मैंने अपने छोटे भाई से कहा कि हां दरअसल ऐसा ही होता है क्योंकि मेरा भी जब कॉलेज खत्म हुआ तो उसके बाद मेरे भी कई दोस्त पीछे छूट चुके थे। हम दोनों आपस में बात कर रहे थे कि तभी मम्मी आई और मम्मी कहने लगी कि गुंजन बेटा तुम्हारी बुआ जी ने खाना बनाया है तुम और अमित जल्दी से मुँह हाथ धोकर खाना खाने के लिए आ जाओ। हम दोनों ही खाना खाने के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठे और हम सब लोगों ने साथ में खाना खाया मैंने बुआ जी से पूछा आज अजय कहीं दिखाई नहीं दे रहा तो बुआ जी कहने लगे कि अजय अपने दोस्तों के साथ कहीं घूम रहा होगा। अजय बुआ जी का इकलौता लड़का है और बुआ जी के पति के देहांत के बाद उन्होंने उसे पूरा प्यार दिया लेकिन अजय ने शायद उसका गलत फायदा उठाया और वह अपने दोस्तों के साथ ही ज्यादातर रहता है। जब भी मेरी बुआ जी से फोन पर बात होती थी तो वह हमेशा कहती कि अजय अपने दोस्तों के साथ गया हुआ है उन्होंने अजय पर कभी भी बंदिशें नहीं डाली इस वजह से अजय शायद अपनी मां के कहने में नहीं था और वह काफी ज्यादा बदल भी चुका है।

हम लोग खाना खाकर उठे ही थे कि अजय भी घर आ गया बुआ जी ने अजय के लिए खाना लगाया और वह खाना खाते ही थोड़ी देर बाद घर से चला गया। मैं इस बात से बड़ी हैरान थी की क्या बुआ जी ने अजय को कभी कुछ कहा ही नहीं जो अजय पूरी तरीके से बदल चुका है उनके पास भी इस बात का कोई जवाब नहीं था। हम लोग कुछ दिन जयपुर में रुके और कुछ दिन बाद हम लोग वापस मुंबई लौट गए थे जब मै मुंबई वापस लौटी तो हमारे पड़ोस में कुछ लोग रहने के लिए आए। जब वह लोग सामान शिफ्ट कर रहे थे तो मेरी मम्मी ने मुझे कहा कि बेटा तुम उनकी मदद कर दो? मैंने उनकी मदद की उन लोगों की अभी नई नई शादी हुई थी मुझे नहीं पता था उनके पति पहले दिन से ही मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो जाएंगे हालांकि मैंने कभी आज तक किसी के बारे में यह सब सोचा नहीं था लेकिन जब उन्होंने मेरी गांड पर अपने लंड को टकराना शुरु किया तो मेरे अंदर की गर्मी बाहर निकलने लगी। उन्होंने अपने लंड को जब बाहर निकाला तो मैंने उनके लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और चूसना शुरू किया। मैं जिस प्रकार से उनके लंड को चूस रही थी वह खुश हो जाते। उन्होने मुझे कहा तुम मुझसे अकेले में मिलना? मैंने उन्हें कहा हां मैं आपसे अकेले में मिलूंगी। उन्होंने मुझे अपने घर पर बुलाया और उन्होंने मुझे अपनी गोद में बैठा लिया मैं अपने नाजायज रिश्ते को किसी को बताना नहीं चाहती थी क्योंकि मुझे यह बिलकुल गवारा नहीं था कि किसी को यह बात पता चले।

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जब मैंने उनके लंड को चूसना शुरू किया तो उन्हें बहुत मजा आने लगा वह मेरे मुह के अंदर अपने लंड को घुसाने लगे और कहने लगे गुंजन तुम बड़ी गजब की माल हो। उन्होने मेरे कपड़े उतारे मैं पहली बार ही किसी पुरुष के सामने नंगी खड़ी थी लेकिन मुझे अच्छा लग रहा था। जब उन्होंने मेरे स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे और भी मजा आने लगा वह मेरे स्तनों को बड़े अच्छे से दबा रहे थे मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई थी। जिस प्रकार उन्होंने मेरे स्तनों को दबाया उस से मै बहुत ही ज्यादा खुश थी जब उन्होंने मेरी चूत के अंदर अपनी उंगली को घुसाया तो मैं चिल्ला उठी और उनके लंड को मैं अपनी चूत में लेने के लिए तैयार थी। उन्होंने मेरी चूत का रसपान किया फिर जब मेरी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकलने लगा तो उन्होंने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाते हुए कहा तुम्हारी सील टूट चुकी है मैंने उन्हें कहा आज आपने मेरी चूत का उद्घाटन तो कर दिया आपने मेरी चूत से खून भी बहुत ज्यादा निकाल दिया है।

वह कहने लगे खून तो थोड़ी देर बाद बंद हो जाएगा लेकिन यह एहसास तुम्हें जिंदगी भर याद रहेगा कैसे तुम्हारी सील मैंने तोड़ी थी। उन्होंने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखकर तेज गति से धक्के देने शुरु किए मैं पूरी तरीके से हिलने लगी जब मेरा बदन हिलता तो वह मुझे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहे थे। जिस प्रकार उन्होंने मुझे धक्के मारे उससे मेरी चूत से खून बाहर की तरफ को निकल रहा था मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी थी उन्होंने मेरा साथ बड़ी अच्छी तरीके से दिया। जब उन्होंने अपने वीर्य को चूत मे गिराया तो मैं खुश हो गई उन्होने कहा आज के बाद मै आपसे अकेले में मिलने आती रहूंगी। वह कहने लगे जब भी तुम्हें आना हो तो तुम मुझे फोन कर के आना मैंने उन्हें कहा ठीक है जब मैं आपसे मिलने आऊंगी तो आपको फोन कर के ही आया करूंगी।


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