भाभी के हाथ की चाय का मजा

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Antarvasna, sex stories in hindi:

Bhabhi ke hath ki chay ka maja मैं मेरठ का रहने वाला हूं और मेरठ में मैं अपने पिताजी की दुकान को संभालता हूं। हमारी दुकान में हमारे काफी पुराने कस्टमर आया करते है लेकिन मैं चाहता था कि दुकान में मैं कुछ बदलाव करूं क्योंकि समय के साथ दुकान में बदलाओ बहुत जरूरी था। मैंने अपनी दुकान में काम कराना शुरू कर दिया और मैंने अपनी पुरानी दुकान को डिपार्टमेंटल स्टोर में तब्दील कर दिया। दुकान में जितने भी कस्टमर पहले आया करते थे अब उससे भी ज्यादा काम होने लगा था कई बार मुझे समय नहीं मिलता तो मैं अपने छोटे भाई रमेश को दुकान पर बैठा दिया करता। रमेश अभी कॉलेज में पढ़ता है और वह घर में सबका लाड़ला है मैं भी रमेश के ऊपर ज्यादा दबाव नहीं बनाता था वह अपने कॉलेज के दोस्तों के साथ अभी अपनी जिंदगी अच्छे से जी रहा था इसलिए मैंने उसे कभी किसी चीज को लेकर कुछ नहीं कहा और उसे जब भी कुछ पैसों की जरूरत होती तो मैं उसे दे दिया करता।

एक दिन जब रमेश की शिकायत घर पर आई तो उस दिन मुझे लगा कि रमेश कहीं अब हाथ से ना निकल जाए इसलिए मुझे रमेश को समझाना पड़ा। रमेश के कॉलेज में एक दिन किसी बात को लेकर रमेश का कुछ लड़कों के साथ झगड़ा हो गया था जिससे कि कॉलेज में उन लोगों के बीच में मारपीट भी हो गई थी और रमेश को उस दिन पुलिस अपने साथ ले गई जिससे कि मुझे रमेश की अब चिंता सताने लगी। मैंने रमेश को समझाने की कोशिश की कि रमेश यह सब बिल्कुल भी ठीक नहीं है लेकिन रमेश मेरी बात कहां मानने वाला था। रमेश अब अपने दोस्तों के साथ कुछ ज्यादा ही रहने लगा था और उसकी दोस्ती मुझे बिल्कुल भी ठीक नहीं लगती थी इसलिए मुझे भी कुछ समझ नहीं आ रहा था की आखिर मुझे क्या करना चाहिए। मेरे मामा जी उस दिन घर पर आए हुए थे मेरे पापा के देहांत के बाद मामाजी  ने हीं घर की सारी जिम्मेदारी को संभाले रखा था मुझे जब भी उनकी जरूरत होती तो वह हमेशा ही मेरी मदद के लिए सबसे आगे रहते हैं।

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मैंने उस दिन मामा जी से रमेश के बारे में कहा और उन्हें रमेश के बारे में बताया तो वह भी मेरी बात सुनकर काफी हैरान हो गए क्योंकि अभी तक इस बारे में हमने मामाजी को नहीं बताया था। उन्होंने मुझे कहा कि बेटा तुम रमेश को पढ़ाई के लिए बाहर भेज दो मैंने मामा से कहा कि लेकिन मामा जी हम रमेश को ऐसे कैसे भेजे तो मुझे मामा जी कहने लगे कि देखो बेटा नहीं तो रमेश हाथ से निकल जाएगा इसलिए तुम उसे पढ़ाई करने के लिए बाहर ही भेज दो। मैंने भी अब पूरा मन बना लिया था और रमेश को मैंने पढ़ाई करने के लिए ऑस्ट्रेलिया भेज दिया। ऑस्ट्रेलिया में मेरा एक दोस्त काफी समय से रह रहा था तो मैंने उसे कहा कि तुम रमेश का भी ध्यान रखना तो वह कहने लगा कि मनीष तुम बिल्कुल चिंता मत करो मैं रमेश का ध्यान रखूंग। रमेश ने अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली थी तो वह ऑस्ट्रेलिया में ही जॉब करना चाहता था मैंने भी रमेश को कहा कि अगर तुम्हें ऑस्ट्रेलिया में ही जॉब करनी है तो तुम वहां जॉब कर लो। रमेश ने अपना पूरा मन बना लिया था कि वह वही जॉब करेगा मैं भी इस बात से काफी खुश था कि रमेश को अपने से दूर कर के रमेश की जिंदगी अब बदल चुकी थी और मुझे इसी बात की खुशी थी। एक दिन मुझे रमेश का फोन आया और उसने मुझे बताया कि उसने ऑस्ट्रेलिया में ही शादी कर ली है मैंने रमेश को कहा लेकिन तुम्हें हमें इस बारे में बताना तो चाहिए था। रमेश मुझे कहने लगा कि भैया मैं कुछ दिनों के लिए घर आ रहा हूं। मैंने रमेश को कहा कि तुम कितने दिनों के लिए घर आ रहे हो तो रमेश मुझे कहने लगा कि भैया मैं एक दो महीने तो घर पर ही रहूंगा आखिरकार इतने लंबे समय बाद आ रहा हूं। मैं भी रमेश के घर आने से बहुत खुश था और जब रमेश घर आया तो मैं बड़ा ही खुश था मैंने रमेश को देखते ही गले लगा लिया। रमेश ने हमें शीतल से मिलवाया रमेश ने हमें पूरी बात बताई और कहा कि शीतल और उसकी मुलाकात ऑस्ट्रेलिया में ही हुई और उन दोनों ने शादी करने का मन बना लिया। मैंने रमेश को कहा कि लेकिन तुमने ऑस्ट्रेलिया में तो शादी कर ली है लेकिन तुम्हें यहां भी अब शादी करनी पड़ेगी और हमारे रीति-रिवाजों के हिसाब से तुम्हें शादी करनी पड़ेगी रमेश कहने लगा ठीक है भैया। अब हम लोगों ने रमेश की शादी की पूरी तैयारी कर ली थी और हम लोगों ने रमेश और शीतल की शादी करवा दी।

रमेश करीब दो महीने तक घर पर रहा तो मुझे भी बड़ा अच्छा लगा लंबे समय बाद आखिर मेरा छोटा भाई मेरे साथ जो था और मैं बहुत ही खुश था। रमेश जब वापस चला गया तो मैंने रमेश से उसके बाद फोन पर बात की और रमेश को कहा कि मुझे तुम्हारी बड़ी याद आ रही है। रमेश मुझे कहने लगा कि भैया यह आपका ही फैसला था कि मुझे ऑस्ट्रेलिया भेज दो मैंने रमेश को कहा कि देखो रमेश मैं तो तुम्हारा हमेशा से ही अच्छा चाहता हूं। रमेश मुझे कहने लगा कि भैया मैं तो मजाक कर रहा था मुझे पता है अगर आप मुझे ऑस्ट्रेलिया नहीं भेजते तो शायद मैं अपनी जिंदगी में कभी कुछ अच्छा कर ही नहीं पाता और मैं आपके इस फैसले से बड़ा खुश हूं। उस दिन रमेश के साथ मेरी काफी देर तक फोन पर बातें हुई। रमेश अपनी जिंदगी में खुश था और हम लोग भी खुश थे मेरी पत्नी सुधा जो कि मेरी मां का ध्यान बड़े ही अच्छे से रखा करती। मैं अपने डिपार्टमेंटल स्टोर का काम भी अच्छे से संभाल रहा था और सब कुछ बड़े ही अच्छे से चल रहा था।

मैं अपना डिपार्टमेंटल स्टोर संभाल रहा था मेरी स्टोर पर हमेशा ही एक महिला आती थी हालांकि पहले तो उनसे मुलाकात नहीं थी लेकिन फिर वह मुझसे बातचीत करने के लगी। मुझे जब उन्होंने अपने डिवोर्स के बारे में बताया तो मुझे यह सुनकर बड़ा ही बुरा लगा। मैंने उन्हे कहा आप तो बहुत ही अच्छी हैं आपके पति ने आपको डिवोर्स कैसे दे दिया। वह कहने लगी यह बहुत ही लंबी कहानी है वह किसी महिला से प्यार करने लगे थे उसके बाद उनका इंटरेस्ट मुझसे खत्म होता चला गया उन्होंने मुझसे अलग होने का फैसला किया। वह शादी के बाद भी मेरा पूरा ध्यान रखते हैं और हमेशा मेरी जरूरतों को पूरा करते हैं लेकिन फिर भी मुझे लगने लगा है कि मुझे किसी की जरूरत है जो मेरा ध्यान रख सके। मुझे नहीं पता था कि वह मुझ पर लाइन मारने लगे है मैं भी उनकी बातों में आने लगा उन्होंने मुझे अपने घर पर बुला लिया। उस दिन जब मैं उनके घर पर गया तो हम लोग पहले साथ में बैठकर चाय पी रहे थे कुछ देर तक तो हम लोगों ने साथ में चाय पी उसके बाद जब मैं और ममता भाभी साथ में थे तो मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा था वह भी अब मेरे गोद मे बैठ गई। जब वह मेरे लंड पर बैठी तो मैंने उनकी जांघ पर हाथ लगाया और उनकी जांघ को मैं सहलाने लगा मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था जब मैं उनकी जांघ को सहला रहा था मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी। मैंने उन्हें कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है वह मुझे कहने लगी अभी आपकी गर्मी को शांत कर देती हूं। उन्होने मेरी पैंट की चैन को खोलते हुए मेरे लंड को बाहर निकाला। जब उन्होंने मेरे लंड पर मुंह लगाकर मेरे लंड को चूसना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा और उनको भी बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उन्हें कहा मेरे अंदर की गर्मी को अपने पूरी तरीके से बढ़ाकर रख दिया है वह कहने लगी मैं अभी तुम्हारे सामने अपने कपड़े उतारती हूं। उन्होने मेरे सामने अपने कपडे उतारे मैं उनके बदन को देख कर अपने आपको बिल्कुल रोक नही पा रहा था। मै उन्हे उठाकर उनके बेडरूम में ले गया जब मैं उनको बेडरूम में ले गया तो उसके बाद मै उनके होंठों को चूमने लगा उनके होठों को चूम कर मुझे मजा आ रहा था।

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वह भी बड़ी खुश थी जब मैं उनके होठों को किस कर रहा था मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही है और मेरा अंदर एक अलग ही गर्मी पैदा हो चुकी थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाया और जैसे ही मैंने अपने 9 इंच मोटे लंड को उनकी चूत के अंदर प्रवेश करवाया तो वह जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी मेरी चूत मे बहुत ज्यादा दर्द हो गया है। मैंने उन्हें कहा आज तो मुझे बड़ा मजा आ गया। वह कहने लगी मुझे और तेज गति से चोदो मैंने उन्हें बड़ी तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए मैं उन्हें जिस प्रकार से धक्के दे रहा उससे मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। उन्हे भी बड़ा मजा आ रहा था उन्होंने अपने पैरों को खोल दिया वह मुझे कहने लगी मेरी चूत का भोसड़ा बना दो। मैंने उन्हें कहा मेरा माल गिरने वाला है करीब 2 मिनट की चुदाई के बाद मेरा माल बाहर गिर गया और वह शांत हो चुकी थी।

मैंने उनकी चूतडो को अपनी तरफ किया और उनको मैं बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा मै जिस प्रकार उनको धक्के मार रहा था मुझे मजा आता। मैंने उनकी पतली कमर को कस कर पकड़ा हुआ था और उनकी चूतडो पर बड़ी तेजी से प्रहार कर रहा था। जब मैं ऐसा कर रहा था तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था और उन्हें भी बड़ा आनंद आ रहा था वह मुझे कहने लगी तुम्हारी लंड से निकलती हुई गर्मी को तुम जल्दी से मेरी चूत मे डाल दो। मेरी गर्मी अब कुछ ज्यादा ही अधिक हो चुकी थी इसलिए मै अब माल को गिराना चाहता था। मैं उनकी गर्मी को झेल नही पा रहा था लेकिन जब मेरे माल की पिचकारी उनकी चूत के अंदर गई तो वह खुश हो गई। उसके बाद वह मुझे कहने लगी आज तो मजा आ गया मैंने उनको कहा मजा तो मुझे भी बड़ा आ गया। ऐसा लग रहा है जैसे कि आज मुझे अपने जन्नत की सैर करवा दी वह बडी खुश हो गई थी।


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