मै खो गया जवानी के जोश में

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Antarvasna, hindi sex story:

Mai kho gaya jawani ke josh me काफी लंबे समय बाद मेरी बहन घर पर आई थी उस दिन हम सब लोग घर पर ही थे इतने लंबे समय बाद हमारा पूरा परिवार एक साथ था क्योंकि मैं भी कुछ दिनों के लिए घर आया हुआ था। मैं बेंगलुरु में ही जॉब करता हूं और मैं अपने घर दिल्ली आया हुआ था मैं इस बात से बड़ा खुश था कि काफी लंबे समय बाद ही सही लेकिन अपने पूरे परिवार के साथ समय बिताने का मौका तो मिल गया था। मैंने पापा से कहा कि क्यों ना हम लोग मनाली घूमने के लिए चले तो पापा कहने लगे कि रोहन बेटा तुम यह तो बिल्कुल ठीक कह रहे हो। हम सब लोग मनाली जाने के लिए तैयार हो चुके थे मैंने ही मनाली का प्रोग्राम बनाया और मनाली में मैंने हीं सारा अरेंजमेंट किया। वहां पर होटल की बुकिंग से लेकर रहने और खाने तक की सब कुछ व्यवस्था मैंने हीं कर दी थी और फिर हम लोग मनाली के लिए निकल गए। 

हमारा पूरा परिवार साथ में था मैं बहुत खुश था कि अपने परिवार के साथ मैं इतने लंबे समय बाद कहीं घूमने के लिए भी जा पाया और उनके साथ समय बिताकर बड़ा ही अच्छा लग रहा था। हम लोग मनाली में करीब तीन दिन तक रुके और तीन दिन बाद हम लोग दिल्ली लौट आए थे, जब हम लोग दिल्ली लौटे तो उसके बाद मेरी बहन भी अपने ससुराल चली गयी और मेरी भी छुट्टियां खत्म होने वाली थी इसलिए मुझे भी बेंगलुरु लौटना था। मैं जब बेंगलुरु लौटा तो उस दिन मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था मैं उस दिन बेंगलुरु पहुंचकर अपने दोस्त से मिलने के लिए चला गया। मैं जब अपने दोस्त निखिल से मिलने के लिए गया तो निखिल उस दिन घर पर ही था निखिल के साथ मैं उसके घर पर बैठा हुआ था निखिल के पापा मम्मी उस दिन घर पर नहीं थे। मैंने निखिल से कहा कि तुम घर पर अकेले ही हो तो वह मुझे कहने लगा कि आज पापा और मम्मी मामा जी के घर गए हुए हैं निखिल कहने लगा कि आज तुम मेरे घर पर ही रुक जाओ।

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 मैं भी उस दिननिखिल के साथ ही रुक गया था क्योंकि मेरा अकेले बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा था और मुझे भी अपने घर की याद आ रही थी इसलिए मैं और निखिल उस दिन साथ में ही थे। अगले दिन मैं निखिल के घर से ही अपने ऑफिस चला गया और फिर शाम को ऑफिस से अपने फ्लैट में लौट आया। जब मैं वापस लौटा तो निखिल का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगा कि क्या तुम घर लौट चुके हो तो मैंने निखिल को कहा कि हां मैं घर आ चुका हूं। निखिल मुझे कहने लगा कि मैं तुम्हारे पास आ रहा हूं मैंने निखिल को कहा कि ठीक है तुम मेरे पास आ जाओ। निखिल से मेरी दोस्ती उस वक्त हुई थी जब मैं बेंगलुरु में आया था उससे मेरी अच्छी दोस्ती हो गई थी। उस दिन निखिल मुझसे मिलने के लिए आया, जब वह मुझसे मिलने के लिए आया तो उसने उस दिन मुझे कविता के बारे में बताया। निखिल ने मुझे पहले कविता के बारे में नही बताया था निखिल ने मुझसे कहा कि कविता से मैं बहुत प्यार करने लगा हूं वह हमारे पड़ोस में ही रहती है। मैंने निखिल को कहा तो इसमें परेशानी की क्या बात है तो निखिल मुझे कहने लगा कि इसमें सबसे बड़ी परेशानी की बात तो यह है कि कविता की शादी हो चुकी है और उसका रिलेशन उसके पति के साथ बिल्कुल भी ठीक नहीं है इसलिए वह अलग रहती है। मैंने निखिल को कहा कि क्या तुम्हारे पापा मम्मी तुम्हारे और कविता के रिश्ते को स्वीकार कर पाएंगे तो निखिल मुझे कहने लगा कि यही तो समस्या है मैं कुछ सोच नहीं पा रहा हूं कि आखिर ऐसी स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए।

 मैंने निखिल को कहा कि निखिल सब कुछ ठीक हो जाएगा तुम चिंता मत करो। निखिल रात के वक्त अपने घर चला गया था, निखिल घर जा चुका था उसके बाद मैंने निखिल को फोन किया और निखिल से पूछा कि क्या तुम घर पहुंच चुके हो तो निखिल मुझे कहने लगा कि हां मैं घर पहुंच चुका हूं। निखिल घर पहुंच चुका था और उसके बाद निखिल से मैं कुछ दिनों तक मिल नहीं पाया लेकिन जब निखिल मुझे मिला तो निखिल ने मुझे बताया कि उसके पापा और मम्मी कविता के साथ उसके रिश्ते को स्वीकार कर चुके हैं और कविता का भी अब डिवोर्स उसके पति से हो चुका है। मैंने निखिल को कहा कि चलो यह तो बड़ी खुशी की बात है कि तुम जिस लड़की से प्यार करते थे वह तुम्हें मिल चुकी है। निखिल बड़ा ही खुश था वह मुझे कहने लगा कि मैं तुम्हें कविता से मिलाना चाहता हूं मैंने निखिल को कहा कि ठीक है मैं तुमसे कल मिलता हूं। अगले दिन रविवार था रविवार के दिन मेरे ऑफिस की छुट्टी थी तो मैं निखिल को मिलने के लिए चला गया उस दिन उसने मुझे कविता से मिलवाया। कविता से मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा कविता का नेचर भी बहुत ही अच्छा है। निखिल और कविता की शादी होने वाली थी और कुछ ही दिनों में कविता और निखिल की शादी हो गई। मैं बहुत ही खुश था कि निखिल और कविता की शादी हो गई, उन दोनों की शादी हो चुकी थी और उन दोनों की शादी के वक्त मैं जब राधिका से मिला तो राधिका से मिलकर मुझे अच्छा लगा।

 राधिका कविता की दोस्त है और जब मैं राधिका से मिला तो राधिका से भी मेरी अब नजदीकियां बढ़ने लगी मैंने यह बात निखिल को भी बता दी थी लेकिन मैंने अभी तक राधिका से अपने दिल की बात नहीं कही थी। मैं चाहता था कि जल्द ही मैं राधिका को अपने दिल की बात कह दूंगा हम दोनों की दोस्ती काफी अच्छी हो चुकी थी और हम दोनों एक दूसरे को मिलते भी थे। मैंने जब कविता से अपने दिल की बात कही तो उसने भी मेरे प्रपोज को स्वीकार कर लिया और फिर हम दोनों रिलेशन में थे हम दोनों को एक दूसरे का साथ अच्छा लगने लगा था। मेरी और राधिका की मुलाकात हर रोज होती थी। जब मैं राधिका से नहीं मिलता तो मुझे ऐसा लगता जैसे कि मेरा दिन अधूरा रह गया हो राधिका मेरे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण थी। राधिका और मेरे बीच की नजदीकियां बढ़ती ही जा रही थी।राधिका का मुझ पर भरोसा बहुत ज्यादा बढ़ने लगा था इसलिए तो वह मुझसे मिलने के लिए आती थी। कई बार हम दोनों अकेले में समय बिताया करते लेकिन एक दिन बारिश बहुत तेज हो रही थी और उस दिन राधिका और मैं साथ में थे। उस दिन जब राधिका मेरे घर पर थी तो मैंने राधिका से कहा मैं क्या तुम्हारे लिए चाय बना दूं? वह कहने लगी नहीं रहने दो मैंने राधिका से कहा लेकिन मैं तुम्हारे लिए चाय बना देता हूं। राधिका ने मना किया और हम दोनों साथ में ही बैठे हुए थे। हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे मैं जब राधिका से बात कर रहा था तो उसे बहुत ही अच्छा लग रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे घर जाने के लिए देर हो रही है मैंने राधिका से कहा आज तुम मेरे पास ही रुक जाओ। राधिका बोली मैं तुम्हारे पास रुक कर क्या करूंगी?

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 मैंने राधिका को कहा तुम मेरे पास रहोगी तो शायद हम लोग बहुत कुछ कर सकते हैं राधिका इस बात पर मुस्कुराने लगी। मैंने राधिका का हाथ पकड़ते हुए अपनी ओर खींचा। मैंने जब राधिका का हाथ पकड़ते हुए अपनी और खींचा तो वह उत्तेजित होने लगी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। अब हम दोनों को ही बड़ा अच्छा लगने लगा था हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पाए। मैंने राधिका के होंठो को चूमना शुरू किया और उसके होठों को चूम कर मैंने उसके होठों से खून निकाल दिया। राधिका मुझे कहने लगी मुझसे भी रहा नहीं जाएगा। मैंने राधिका को कहा रहा तो मुझसे भी नहीं जाएगा और भला तुम्हारे जैसी लड़की को देखकर किसका मन नहीं डोलेगा। यह सुन कर राधिका ने मेरे मोटे लंड को कस कर पकड़ लिया राधिका ने अब मेरे मोटे लंड को कस कर पकड़ लिया था। जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसे राधिका ने अपने हाथों से हिलाना शुरू किया। वह मेरे मोटे लंड को अपने हाथों से हिला रही थी वह मुझे गर्म कर रही थी मैं पूरी तरीके से गर्म हो चुका था। वह मेरी गर्मी को इतनी ज्यादा बढा चुकी थी कि मैंने राधिका से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। राधिका ने अपने मुंह में मेरे लंड को लेकर तब तक चूसा जब तक उसने मेरे माल को बाहर निकाल दिया। मेरा माल बाहर आ चुका था मैं राधिका की चूत के अंदर अपने लंड को डालना चाहता था। मैंने राधिका के कपड़े उतारकर राधिका के स्तनों को चूसा उसके स्तनों को जब मैं चूस रहा था तो उसके निप्पल खड़े होने लगे। राधिका की योनि पर मैंने अपनी उंगली को लगाया था राधिका मचलने लगी वह उछल पड़ी थी। राधिका मुझसे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा है मैंने भी राधिका की योनि पर अपने लंड को लगाया। मैने अपने लंड को उसकी चूत पर रगडा जब राधिका पूरी तरीके से गर्म हो गई तो मैंने भी उसकी चूत के अंदर अपने मोटे लंड को डाल कर उसे तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए थे। मैंने राधिका को बड़ी ही तेजी से धक्के देने शुरू किए। 

मै उसे जिस प्रकार से धक्के मार रहा था उसको मजा आ रहा था और वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। अब राधिका की टाइट चूत से खून भी बाहर निकलने लगा था और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि मैं उसकी चूत के मजे ले पा रहा था। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स का बड़े अच्छे से मजा लिया और उसकी गर्मी बाहर निकल रही थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने अब राधिका के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखकर उसे तेज गति से चोदना शुरु किया था। उसका पूरा शरीर हिलने लगा था। राधिका की सिसकारियां बढ़ चुकी थी वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल नहीं रहा जा रहा। मैंने राधिका से कहा बस थोड़ी देर की बात है उसके बाद मेरा माल बाहर की तरफ आ जाएगा। राधिका भी कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है ऐसे ही तुम मुझे चोदते रहो। मैंने उसे तेजी से चोदना शुरु किया मैं उसे बड़ी ही तेज से धक्के मार रहा था। मैंने जैसे ही अपने माल को उसकी योनि पर गिराकर अपनी गर्मी को शांत किया तो वह खुश हो गई। वह उस रात मेरे साथ ही रुक गई हम दोनों ने रात भर चुदाई का खूब मजा लिया और हम दोनों को ही बड़ा मजा आया जिस प्रकार से हमने एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा लिया।


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