लंड लेने के लिए हमेशा तैयार रहती

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Antarvasna, hindi sex stories:

Lund lene ke liye humesha taiyar rahti मेरा नाम अर्जुन है मैं उदयपुर का रहने वाला हूँ मेरी शादी को तीन वर्ष हो चुके है और मेरी एक बेटी भी है जो कि अभी एक साल की है हम अपनी बेटी को बहुत प्यार करते है। मेरी पत्नी भी उदयपुर की ही रहने वाली है उसका नाम आरुषि है। आरुषि हमारी बेटी के साथ साथ घर का ध्यान भी अच्छे से रखती है मम्मी पापा आरुषि से बहुत खुश है। आरुषि और मेरी लव मैरिज हुई थी आरुषि मेरे साथ कॉलेज में पढ़ा करती थी कॉलेज से ही हमारी प्रेम कहानी शुरू हुई थी। मैंने जब आरुषि को पहली बार देखा तो मैंने उसे पहली ही बार देख कर पसन्द कर लिया था, मैं आरुषि को पसन्द करने लगा था लेकिन यह बात मैंने पहले तक आरुषि को बताई नही थी। मैं आरुषि से बात करना चाहता था लेकिन मेरी उससे बात ही नही हो पाती थी, कभी उसकी सहेलियां उसके साथ होती या फिर वह लाइब्रेरी में बिजी रहती। मैं हमेशा ही आरुषि को देखा करता था और उससे बात करने की कोशिश करता परन्तु मुझे मौका ही नही मिल पा रहा था।

एक दिन मैंने देखा कि आरुषि अकेले बैठी हुई है तो मैं तुरन्त आरुषि के पास गया और उससे बात करने लगा। मैंने आरुषि से हाथ मिलाते हुए अपना नाम बताया और कहा कि मेरा नाम अर्जुन है फिर आरुषि ने भी मुझे अपना परिचय दिया और उसके बाद हम दोनों बाते करने लगे। उसके बाद से हमारी अक्सर बाते होती रहती थी जब भी हम दोनों मिलते तो हम एक दूसरे से उसके पढ़ाई के बारे में पूछते थे। मैं बहुत खुश था कि मैं आरुषि से बात कर पा रहा हूं और कुछ ही समय मे मैं उसे अपने दिल की बात बताने वाला था। मैं चाहता था कि पहले मैं आरुषि से दोस्ती कर लू और उसके थोड़ा करीब आ जाऊं जिससे कि मुझे आरुषि से अपने दिल की कहने में आसानी होगी। मैं हमेशा कॉलेज के दौरान आरुषि के साथ ही रहने लगा था आरुषि को भी मैं अच्छा लगने लगा था वह भी मेरे साथ अक्सर समय बिताया करती थी। एक दिन मैंने आरुषि से अपने दिल की बात कह दी। उस दिन आरुषि का मूड भी अच्छा था तो मैंने आरुषि से कहा कि आज हम दोनों कहीं चलते है आरुषि भी मेरे साथ चलने को तैयार हो गयी और हम दोनों लौंग ड्राइव पर चले गए। जब हम दोनों लौंग ड्राइव पर गए तो वहीं मैंने रोमेंटिक स्टाइल में आरुषि से अपने दिल की बात कही।

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उस वक्त आरुषि भी मुझे मना ना कर पाई और उसने झट से मुझे हां कह दी थी उसके बाद मैं और आरुषि साथ मे रहने लगे थे। हमारे रिलेशन के बारे में हमारे कॉलेज के दोस्तो को भी पता चल चुका था वह लोग हमेशा ही हमे इस बात को चिढ़ाते थे और कहते कि अब तुम दोनों शादी कब कर रहे हो। कॉलेज पूरा होने के बाद मैं जॉब के लिए इंटरव्यू देने लगा था और तुरन्त ही मेरी एक अच्छी कम्पनी में जॉब लग गयी। जब मेरी जॉब लगी तो मैं और आरुषि दोनों ही बहुत खुश हुए क्योकि अब आरुषि को अपने घर पर मुझे लेकर बात करनी थी। मैंने आरुषि के बारे में घर पर बात करने की सोची तो मैंने इस बारे में पापा मम्मी से बात कर ली और फिर वह लोग आरुषि से मिलने के लिए कहने लगे। जब आरुषि को वह लोग पहली बार मिले तो उन्होंने आरुषि को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर लिया था और मैं काफी ज्यादा खुश था कि अब मेरे परिवार वाले भी हमारे इस रिश्ते को स्वीकार कर चुके हैं। आरुषि के पापा मम्मी से भी मेरे पापा मम्मी ने बात कर ली थी उसके बाद मेरे और आरुषि के पापा मम्मी भी हम दोनों के रिश्ते के लिए तैयार थे और जल्द ही हम दोनों की शादी तय हो गई। हम दोनों की शादी हो जाने के बाद हम दोनों ही बहुत ज्यादा खुश है कि मेरी शादी और उसी से हो गई है।

आरुषि और मेरी शादी हो जाने के बाद हम दोनों के जीवन में सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा है और हमारी शादी को काफी समय हो चुका है। मैं जब भी घर से बाहर होता तो आरुषि घर में सब कुछ बहुत ही अच्छे से मैनेज कर लिया करती जिससे कि घर में सब लोग आरुषि से बहुत ही खुश रहते थे। आरुषि ने घर में सबका दिल जीत लिया था पापा और मम्मी आरुषि से बहुत ज्यादा खुश रहते हैं। जब भी वह लोग आरुषि से किसी भी चीज को लेकर बात करते हैं तो आरुषि सब मैनेज कर लेती है और हमारी जिंदगी में भी सब कुछ अच्छे से चल रहा है। कुछ दिनों के लिए मुझे अपने ऑफिस के टूर से जाना था मैंने जब आरुषि को इस बारे में बताया तो आरुषि ने मुझे कहा कि मैं आपका सामान पैक करने में आपकी मदद कर देती हूं। मैंने और आरुषि ने मेरा सामान पैक किया और आरुषि ने मुझसे पूछा कि तुम कब वापस आओगे तो मैंने आरुषि को बताया कि मैं जल्द ही वापस आ जाऊंगा। आरुषि मुझे कहने लगी कि अर्जुन मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है मैंने आरुषि को कहा कि मैं जल्दी ही वापस आ जाऊंगा। आरुषि कहने लगी कि ठीक है और उस दिन हम दोनों ने रात को काफी देर तक एक दूसरे से बात की। अगले दिन मैं जल्द ही अपने ऑफिस के काम से घर से निकल पड़ा मैं ऑटो से ही उस दिन एयरपोर्ट तक गया था।

जब मैं एयरपोर्ट पहुंचा तो वहां से मैंने अहमदाबाद की फ्लाइट ली और उसके बाद मैं अहमदाबाद चला गया। मैं अहमदाबाद पहुंच चुका था और वहां पर करीब 3 दिनों तक रहने के बाद मैं वापस लौट आया था आरुषि काफी ज्यादा खुश थी और आरुषि ने मुझे कहा कि अर्जुन मैंने इस बीच तुम्हे बहुत ज्यादा मिस किया। मैंने आरुषि को कहा कि मैं भी तो तुम्हें बहुत ज्यादा मिस कर रहा था आरुषि कहने लगी कि हां मुझे मालूम है तुम मुझे काफी ज्यादा मिस कर रहे थे। आरुषि और मेरे बीच का प्यार काफी ज्यादा है हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझते हैं और आरुषि मेरा ध्यान भी अच्छे से रखती है। मैं आरुषि के साथ काफी ज्यादा खुश हूं कि हम दोनों के बीच रिलेशन बहुत ही अच्छे तरीके से चल रहा है और हम दोनों के बीच सब कुछ बहुत अच्छे से चल रहा है। हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में बहुत खुश हैं। हमारे घर के सामने एक परिवार रहने के लिए आता है जब वह परिवार हमारे घर के पास रहने के लिए आता हैं तो उन लोगों का हमसे भी अच्छा परिचय होने लगा। मैंने रोहित और मनीषा को अपने घर पर इनवाइट किया रोहित और मनीषा जब हमारे घर पर आए तो उन लोगों को हमारे साथ काफी अच्छा लगा। मनीषा पर मुझे पहले से ही शक था क्योंकि वह चरित्र की बिल्कुल भी ठीक नहीं थी मनीषा मुझ पर डोरे डालने लगी थी लेकिन मैं उस से दूर रहने की कोशिश किया करता। एक दिन मुझे लगा मुझे मनीषा के पास जाना पड़ेगा। मैं उस दिन जब मनीषा के पास गया तो मनीषा भी मुझे देखकर उत्तेजित हो गई थी। उसने मेरे हाथ को पकड़ते हुए कहां मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है? मैंने उसे कहा अगर इस बारे में आरुषि को पता चलेगा तो वह मेरे बारे में क्या सोचेगी। मनीषा मुझे कहने लगी आरुषि को कभी भी इस बारे में कुछ पता नहीं चलेगा तुम मुझ पर भरोसा कर सकते हो। मैंने अपना मन बना लिया था मैं मनीषा के साथ सेक्स करूंगा। मैं मनीषा के साथ सेक्स करने के लिए तैयार था जब मैंने मनीषा के होंठों को चूमना शुरू कर दिया तो मनीषा को भी अच्छा लगने लगा और वह पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी।

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मनीषा के अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी और वह अपने आपको एक पल के लिए भी रोक नहीं पा रही थी। मैंने मनीषा को कहा मैं तुम्हारी चूत मारना चाहता हूं। मनीषा ने कहा तुम्हें जो करना है तुम कर लो। मैंने अब  मनीषा के बदन से सारे कपड़े उतार दिए और मनीषा के स्तनों को सहलाने लगा। जब मैं उसके गोरे स्तनों को सहला रहा था तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और मनीषा को भी बहुत ही ज्यादा आनंद आ रहा था। वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की गर्मी बढ़ रही है मैंने मनीषा को कहा मेरे अंदर की भी गर्मी बढ़ने लगी है। मैने मनीषा के स्तनों से खून निकाल दिया था जब मैंने अपने मोटे लंड को मनीषा की योनि के अंदर डाला तो मनीषा जोर से चिल्लाने लगी। उसकी चूत के अंदर मेरा लंड जा चुका था। मनीषा मुझे अपनी ओर आकर्षित कर रही थी वह मुझे अपनी मादक आवाज से बहुत ही ज्यादा आकर्षित करती तो मुझे अच्छा लगता और मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। मेरे अंदर की उत्तेजना पूरी तरीके से बढ चुकी थी मैंने मनीषा से कहा मुझे तुम्हारी चूत मारने में बहुत मजा आ रहा है।

मनीषा भी इस बात से मुस्कुराने लगी और कहने लगी मुझे तुम्हारे साथ बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही बस मुझे धक्के मारते रहो। मैंने मनीषा को कहा तुम्हारी चूत तो बहुत ज्यादा टाइट है। मनीषा कहने लगी अब तुम मुझे घोड़ी बनाकर चोदा। मनीषा की चूत से बहुत ही ज्यादा पानी बाहर की तरफ को निकल आया था। मैंने मनीषा की चूत में अपने माल को गिरा दिया मैंने जब मनीषा की चूत में अपने माल को गिराया तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी अब तुम मुझे घोड़ी बना कर चोदो। मैंने भी मनीषा की चूतडो को अपनी तरफ किया। जब मैंने मनीषा की चूतडो को अपनी तरफ किया तो मनीषा को बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मनीषा की चूतडे मेरी तरफ थी। मेरा मोटा लंड मनीषा की चूत को फाड़ कर अंदर बाहर हो रहा था जिससे कि मनीषा के अंदर की गर्मी बढ़ रही थी। वह मुझे कहने लगी तुम मुझे बस ऐसे ही धक्के मारते जाओ। मैंने मनीषा को काफी देर तक चोदा जिससे कि मनीषा की चूत से बहुत ज्यादा पानी बाहर की तरफ निकल आया था। मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। जब मैंने मनीषा की चूत मे माल गिरा दिया तो मनीषा बहुत खुश थी। मनीषा की चूत बड़ी ही लाजवाब है वह मेरे साथ हमेशा ही सेक्स करने के लिए तैयार रहती है। यह बात उसने कभी आरुषि को पता नहीं चलने दी क्योंकि मनीषा की चूत में खुजली होती रहती है और वह मेरे लंड को अपनी चूत मे लेने के लिए हमेशा तैयार रहती है।


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