लंड का जलवा बरकरार है

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Antarvasna, desi kahani:

Lund ka jalwa barkarar hai मैं कुछ दिनों के लिए दिल्ली गया हुआ था दिल्ली में मेरा दोस्त महेश रहता है। जब मैंने महेश को इस बारे में बताया तो महेश ने मुझे कहा कि तुम मेरे घर पर ही आ जाओ। मैं अपने काम से गया था इसलिए मैं होटल में ही रुका था मैं जब महेश को मिलने के लिए उसके घर पर गया तो महेश से मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा और महेश भी काफी ज्यादा खुश था। हम लोग काफी समय बाद एक दूसरे को मिल रहे थे महेश ने मुझे कहा कि रोहन तुमने यह अच्छा किया कि तुमने मुझे फोन कर के इस बारे में बता दिया कि तुम दिल्ली में हो और इस बहाने हम लोगों की मुलाकात भी हो पाई। हम दोनों बात कर रहे थे तो महेश की पत्नी हम दोनों के लिए पानी ले आई मैंने पानी पिया और फिर मैंने महेश को कहा कि महेश तुमने तो घर काफी अच्छा बना लिया है तो महेश ने मुझे बताया कि पिछले महीने ही मैंने घर का काम करवाया था। महेश का घर काफी पुराना हो चुका था इसलिए महेश ने उसमें काम करवाया था। मैंने महेश के घर पर डिनर किया और उसके बाद मैं होटल में लौट गया जब मैं होटल में गया तो मैंने अपनी पत्नी सुनीता को फोन किया मैंने सुनीता से कहा कि मैं कल जयपुर आ जाऊंगा तो सुनीता कहने लगी कि अगर आपको समय मिले तो आप मेरी दीदी से मिल आइएगा।

सुनीता की बहन दिल्ली में ही रहती हैं उनकी शादी दिल्ली में हुई है और सुनीता ने जब मुझे कहा तो मैंने सुनीता को कहा ठीक है मैं उनसे मुलाकात कर लूंगा। अगले दिन मैं उनसे मिलने के लिए चला गया जब मैं उनसे मिला तो मुझे काफी अच्छा लगा मैंने उन्हें कहा कि कभी आप लोग जयपुर आइए तो वह कहने लगे कि हां क्यों नहीं। उसके कुछ दिनों बाद वह जयपुर आई, जब वह लोग जयपुर आए तो हम लोगों ने उनका खूब आदर सत्कार किया और उसके बाद वह लोग दिल्ली चले गए। मैं अपने काम के चलते काफी व्यस्त रहता था तो एक दिन मेरी पत्नी सुनीता ने मुझे कहा कि हम लोग कहीं घूम आते हैं मैंने सुनीता को कहा ठीक है हम लोग घूम आते हैं। उस दिन मैं सुनीता के साथ चला गया मैं चाहता था कि सुनीता को मैं कुछ शॉपिंग करवाऊंगा इसलिए मैं उसे शॉपिंग मॉल में लेकर गया। जब मैं उसे शॉपिंग मॉल में लेकर गया तो मैंने उस दिन सुनीता को शॉपिंग करवाई सुनीता काफी खुश हो गई थी और जब हम लोग घर लौटे तो सुनीता ने मुझे कहा कि आज कितने दिनों बाद हम लोगों ने साथ में अच्छा समय बिताया है। मैंने सुनीता को कहा हां यह तो तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो। सुनीता मुझे कहने लगी कि मुझे काफी अच्छा लग रहा है कि आज हम लोग साथ में घूमने के लिए गए।

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सुनीता से मेरी शादी दो वर्ष पहले हुई थी दो वर्ष पहले जब हम दोनों की शादी हुई थी तो उस वक्त सुनीता जॉब करती थी लेकिन शादी के बाद सुनीता ने नौकरी से रिजाइन दे दिया। सुनीता नौकरी से रिजाइन दे चुकी थी और वह घर पर रहकर ही घर की देखभाल कर रही थी सुनीता काफी ज्यादा खुश थी कि वह पापा मम्मी की देखभाल कर पा रही है। पापा भी अभी कुछ समय पहले ही अपनी नौकरी से रिटायर हुए हैं पापा स्कूल में पढ़ाया करते थे और वह जब रिटायर हुए उसके बाद ज्यादातर वह घर पर ही रहते हैं। कभी कबार पापा मेरी बहन के घर चले जाते है मेरी बहन का घर भी हमारे घर के पास ही है उसकी शादी आज से 3 वर्ष पहले हुई थी। एक दिन मैं अपने ऑफिस से घर लौटा तो मेरी बहन गरिमा घर पर आई हुई थी मैंने गरिमा को कहा गरिमा घर पर सब कुछ ठीक तो है ना। वह मुझे कहने लगी कि हां घर पर सब कुछ ठीक है और मैं काफी दिनों से आप लोगों से मिली नहीं थी तो सोचा मैं आप लोगो से मिलने के लिए घर आ जाऊं। गरिमा के पति कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस के काम के सिलसिले में बाहर गए हुए थे और गरिमा के सास ससुर भी अपने किसी रिश्तेदार के घर गए हुए थे कुछ दिनों तक वह घर पर अकेली ही थी इसलिए गरिमा हम लोगों के पास चली आई थी।

गरिमा जब हम लोगों के पास आई तो हम लोग काफी खुश थे और इतने समय बाद हमारा पूरा परिवार एक साथ था। अगले दिन मेरे ऑफिस की भी छुट्टी थी इसलिए मैं चाहता था कि हम लोग कहीं साथ में घूमने के लिए जाएं और हम लोगों ने साथ में जाने का प्लान बनाया। उस दिन हम सब साथ में पिकनिक पर गए और हमे काफी अच्छा भी लगा जब उस दिन हम लोग साथ में थे। हम लोग उस दिन देर शाम घर लौटे जब हम लोग घर लौटे तो उसके बाद मेरी पत्नी सुनीता और गरिमा दोनों ही किचन में खाना बनाने के लिए चले गए और कुछ ही देर में सुनीता और गरिमा ने खाना तैयार कर लिया था। हम सब लोगों ने साथ में डिनर किया और बातें भी कि उसके बाद हम लोग साथ में बैठे रहे कुछ देर तक तो हम लोग साथ में बैठे रहे फिर मुझे भी नींद आने लगी थी तो मैं अपने रूम में चला गया। मैं जब अपने रूम में गया तो मैं लेट चुका था थोड़ी देर में सुनीता रूम में आई तो मेरी आंख खुल गई सुनीता मुझे कहने लगी कि क्या आप सो गए थे। मैंने सुनीता को कहा हां मुझे नींद आ गई थी क्योंकि मुझे काफी ज्यादा थकान महसूस हो रही थी और मुझे नींद भी आ रही थी इसलिए मैं सो गया था। सुनीता कहने लगी कि ठीक है रोहन आप सो जाइए उसके बाद मैं भी दोबारा से सो गया। मुझे अब नींद नहीं आ रही थी। मैं चाहता था मैं सुनीता की चूत के मजा लूं। सुनीता भी यही चाहती थी मैंने जब सुनीता के बदन को महसूस करना शुरू किया तो वह तड़पने लगी थी।

उसकी तडप इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था और सुनीता को भी काफी ज्यादा अच्छा लगने लगा था। जब हम दोनों एक दूसरे के होठों से होठों को चूम रहे थे। अब हम दोनों एक दूसरे से होंठो को टकराने लगे थे और मुझे काफी ज्यादा अच्छा महसूस होने लगा था। सुनीता को भी काफी ज्यादा मजा आने लगा था वह मेरे लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मैं तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेना चाहती हूं। सुनीता मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे चूसना चाहती थी वह तड़प रही थी। मैंने सुनीता को कहा मैं तुम्हारी चूत में लंड को घुसा देता हूं लेकिन उससे पहले सुनीता ने मेरे लंड को तब तक चूसा जब तक उसने मेरे लंड से पानी निकाल नही दिया। मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था और सुनीता को भी काफी ज्यादा मजा आने लगा था हम दोनों एक दूसरे के लिए तड़प रहे थे। अब हमारी तड़प इस कदर बढ़ने लगी थी मैंने सुनीता की दोनों पैरों को चौडा कर के अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाला। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है वह बहुत ज्यादा मजे मे आ रही थी और मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था। मैं उसे लगातार तेज गति से चोद रहा था सुनीता की सिसकारियां बहुत बढ रही थी वह मुझे अपनी ओर आकर्षित कर के कहती तुम मुझे ऐसे ही धक्के मारते रहो।

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मैंने उसके दोनों पैरों को आपस में मिला लिया तो मुझे सुनीता की चूत बहुत ज्यादा टाइट महसूस होने लगी थी। उसकी चूत मुझे टाइट महसूस होने लगी थी। मैं उसे लगातार तेजी से धक्के मार रहा था और वह बहुत जोर से चिल्ला कर कहती मुझे मजा आ रहा है। मैंने सुनीता को तब तक चोदा जब तक उसकी चूत से गर्म पानी बाहर नहीं निकल आया था। अब वह संतुष्ट हो चुकी थी और मेरा वीर्य भी गिरने वाला था। मेरा वीर्य जैसी ही गिरने वाला था तो मुझे मजा आ गया और सुनीता को भी मजा आ गया था परंतु अभी तक हम दोनों की इच्छा पूरी नहीं हुई थी इसलिए मैंने अपने लंड को सुनीता की चूत पर सटाया। जब मेरा मोटा लंड सुनीता की योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी और मुझे कहने लगी मुझे अच्छा लग रहा है। अब मैं उसे लगातार तीव्र गति से धक्के मार रहा था मेरे धक्के बहुत तेज थे। उसका पूरी शरीर हिल जाता। वह मुझे कहती मुझे तुम ऐसे ही धक्के मारते रहो। उसकी चूतड़ों को रंग भी लाल होने लगा था वह मुझसे अपनी चूतड़ों को मिलाए जा रही थी। जब सुनीता ऐसा करती तो मेरे अंदर की गर्मी पूरे तरीके से बढ़ जाती और मुझे काफी ज्यादा मजा आता।

हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले रहे थे। अब हम दोनों की इच्छा भी पूरी होने वाली थी और मैं समझ चुका था मेरा वीर्य जल्दी ही सुनीता की चूत में गिरने वाला है। वह यही चाहती थी। सुनीता की चूत के अंदर बाहर मेरा लंड होता तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आता और सुनीता को भी काफी ज्यादा मजा आ रहा था। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी देर तक सेक्स किया। अब हम दोनों पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुके थे जब हम लोग पूरी तरीके से संतुष्ट हो गए तो मैंने सुनीता को कहा अब जाकर मुझे मजा आ गया है। मेरा वीर्य सुनीता की चूत में जा चुका था और वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे सकिंग कर रही थी। उसने मेरे लंड को तब तक चूसा जब तक मेरे लंड से पूरी तरीके से पानी बाहर नहीं आ गया और उसकी इच्छा पूरी नहीं हो गई। सुनीता मेरी बाहों में आ चुकी थी। वह मुझे कहने लगी मुझे नींद आ रही है मैं और सुनीता एक दूसरे के साथ सो चुके थे। हम दोनों जब सुबह उठे तो सुनीता और मैंने अपने कपड़े पहने और फिर मैं बाथरूम में फ्रेश होने के लिए चला गया। मैं नहा कर आया तो सुनीता मेरे लिए नाश्ता तैयार करने लगी और उसके बाद मैं अपने ऑफिस चला गया। सुनीता और मेरे बीच सेक्स जमकर होता है और जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करते तो हम दोनों को ही मजा आ जाता।


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