चोदकर पलंग हिला दिया

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चोदकर पलंग हिला दिया

Antarvasna, desi kahani:
Chodkar palang hila diya कॉलेज का मेरा पहला दिन ही था मैं अपनी क्लास में बैठा हुआ था और मेरा दोस्त गौतम मेरे पास आकर बैठा। मैं और गौतम स्कूल में साथ में ही पढ़ा करते थे। हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे जब हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो तभी क्लास में प्रोफ़ेसर आ गए और वह सब लोगों से परिचय लेने लगे।

मैंने भी अपना परिचय दिया और उसके बाद वहां पर एक लड़की आई, जब क्लास में वह लड़की आई तो सब लोग उसकी तरफ ही देख रहे थे उस लड़की के चेहरे पर एक अलग ही चमक थी जो कि सब लोगों को अपनी तरफ खींच रही थी। मैं भी उस लड़की को देख रहा था वह क्लास में आई और वह बैठ गई। जब वह बैठी तो उसके बाद मैंने उससे बात करने की सोची क्योंकि वह मेरे बिल्कुल सामने वाली सीट में ही बैठी हुई थी। प्रोफ़ेसर भी जा चुके थे और सब लोग एक दूसरे से बातें कर रहे थे मैंने भी कोमल से बात की।

जब मैंने कोमल से बात की तो मुझे काफी अच्छा लग रहा था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी। जब मैं कोमल के साथ बातें कर रहा था उस वक्त मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था। यह हमारा पहला ही दिन था लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि कोमल के साथ मेरी इतनी अच्छी दोस्ती हो जाएगी। गौतम और मैं जब घर लौट रहे थे तो गौतम मुझे कहने लगा कि तुमने तो कोमल से आज पहले दिन ही बात कर ली। मैंने उसे कहा कि गौतम तुम तो मुझे जानते ही हो मेरा नेचर कैसा है मैं बिल्कुल भी शरमाता नहीं हूं और मैं बहुत ही बिंदास बंदा हूं इसलिए तो मैं कोमल से बातें कर पाया था। 

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कॉलेज का पहला दिन तो हम लोगों का अच्छा रहा और हम लोग घर आ गए थे गौतम ने मुझे कहा कि ठीक है रजत हम लोग कल मिलते हैं। गौतम वहां से अपने घर चला गया और मैं भी अपने घर पहुँच चुका था। जब मैं अपने घर पहुंचा तो पापा उस दिन ऑफिस से जल्दी घर लौट आए थे पापा ने मुझसे कहा कि आज तुम्हारा कॉलेज का पहला दिन कैसा रहा तो मैंने पापा से कहा की पापा आज का दिन बहुत ही अच्छा रहा। मां ने मुझे कहा कि बेटा तुमने दोपहर में लंच कर लिया था मैंने मां को कहा कि मैंने कॉलेज की कैंटीन में ही लंच कर लिया था। मैं कुछ देर तक उन लोगों के साथ बैठा रहा और फिर उसके बाद मैं वहां से अपने रूम में कपड़े चेंज करके बैठा ही था कि मेरी दीदी भी आ गई। मेरी दीदी स्कूल में पढ़ाती हैं और वह बच्चों को ट्यूशन भी दिया करती हैं।

हमारे घर से कुछ दूरी पर एक स्कूल है वहीं पर वह बच्चों को पढ़ाया करती हैं। दीदी ने मुझसे कहा कि रजत आज तुम्हारा कॉलेज का पहला दिन कैसा रहा तो मैंने दीदी से कहा कि मेरा कॉलेज का पहला दिन तो अच्छा था। दीदी के साथ मेरी बहुत ही अच्छी बनती है और दीदी से मैं काफी बातें किया करता हूं मुझे उनसे बातें करना हमेशा ही अच्छा लगता है। दीदी और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे कि तभी मां आ गई मुझे समय का पता ही नहीं चला उस वक्त रात के 9:00 बज चुके थे हम दोनों साथ में बैठे हुए थे मां ने कहा की रजत बेटा तुम कुछ खा लो।

 दीदी को भी मां ने कहा कि तुम कुछ खा लो उसके बाद हम दोनों ही खाना खाने के लिए चले गए। हम सब लोगों ने साथ में डिनर किया डिनर करने के बाद मैं अपने रूम में आ गया। हमारी छोटी सी फैमिली है और हम लोग बहुत ही खुश हैं हम लोग अपनी फैमिली में बहुत ही खुश हैं। मुझे हमेशा ही अच्छा लगता है जब भी मैं अपनी फैमिली के साथ होता हूं। मैं अगले दिन से कॉलेज जाने लगा था कोमल और मैं एक दूसरे से बहुत ही बातें करते तो हम दोनों को अच्छा लगता।

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हम दोनों एक दूसरे से बातें कर के हमेशा ही खुश रहते और मैं कोमल के साथ बहुत ही खुश हूं। सब कुछ हम दोनों की जिंदगी में अच्छे से चलने लगा हम दोनों की दोस्ती भी अब दिन-ब-दिन गहरी होती जा रही है और मुझे नहीं मालूम था कि कोमल और मैं एक दूसरे को प्यार भी करने लगेंगे। हम एक दूसरे को डेट करने लगे थे हम लोग कॉलेज के तीसरे वर्ष में थे और हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे थे। कोमल के साथ मुझे काफी अच्छा लगता है जब भी मैं उसके साथ में होता तो हम दोनों साथ में काफी अच्छा समय बिताया करते।

मैं इस बात से बहुत ही ज्यादा खुश हूं कि कोमल के साथ में मैं बहुत ही अच्छा समय बिताया करता हूं। अब हम लोगों का ग्रेजुएशन पूरा हो चुका था और मैं आगे की पढ़ाई करने के लिए मुंबई जाना चाहता था। मैंने पापा से जब इस बारे में कहा तो पापा और मम्मी को कोई भी ऐतराज नहीं था उन्होंने मुझे जाने की परमिशन दे दी थी। मैं कॉलेज में एडमिशन ले चुका था और मैं वहां पर ही रहने लगा था मैं बहुत ही ज्यादा खुश था कि मैं मुंबई में आ चुका हूँ। मुम्बई में मैं अपनी पढ़ाई कर रहा था मैं कॉलेज के हॉस्टल में रहता और मुझे हमेशा ही कोमल से फोन पर बातें करना अच्छा लगता हम दोनों फोन पर ही एक दूसरे से घंटों बातें किया करते थे।

 जब भी हम एक दूसरे से बातें करते तो हम दोनों को ही बहुत ज्यादा अच्छा लगता मुझे कोमल के साथ बातें करना बहुत ही पसंद है और कोमल भी मुझसे अपनी बातें शेयर किया करती। कोमल अभी भी अहमदाबाद में हीं रहती है और वह अहमदाबाद में रहकर ही अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर रही है। मैं जब भी अहमदाबाद आता तो मैं कोमल से जरूर मुलाकात करता। हम एक दूसरे को बहुत ही ज्यादा मिस करते और कोमल से मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लगता है।

हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही खुश हैं और मुझे कोमल के साथ में समय बिताकर हमेशा ही अच्छा लगता है। एक रात हम दोनों फोन पर बातें कर रहे थे तो कोमल मुझे कहने लगी कि रजत तुम काफी दिनों से घर भी नहीं आए हो तो मैंने कोमल को कहा कि मैं अगले हफ्ते घर आ रहा हूं। इस बात से कोमल बहुत खुश थी और वह मेरा इंतजार कर रही थी कि कब मैं घर आऊंगा और हम दोनों एक दूसरे को मिलेंगे। मेरे कोमल के से मिला कोमल मेरा इंतजार कर रही थी। हम दोनों एक कॉफी शॉप में बैठे हुए थे।

हम एक दूसरे से बातें कर रहे थे। कोमल शायद मेरे लिए तड़प रही थी और कहीं ना कहीं मैं भी उसके लिए तड़प रहा था। उस रात मैंने कोमल को कहा क्या हम दोनों साथ में रूक सकते हैं श। इससे पहले कोमल और मेरे बीच कभी कुछ भी नहीं हुआ था। यह पहली बार था जब हम दोनों एक दूसरे के साथ में रुकने के बारे में सोच रहे थे। मैं बहुत खुश था कोमल ने मेरे साथ रुकने के लिए हामी भर दी थी। वह मेरे साथ रुकना चाहती थी मैं बहुत ही ज्यादा खुश था।

कोमल और मैं एक साथ मे रुकने वाले थे हम दोनों एक होटल में चले गए। जब हम लोग वहां पर बैठ थे तो हम दोनों ने एक दूसरे के साथ बैठकर कुछ देर तक बातें करते रहे लेकिन फिर मुझे लगने लगा कोमल अपने आपको रोक नहीं रोक पाएगी मैंने जैसे ही उसके बदन को छुआ तो उसके बदन की गर्मी मुझे अपनी ओर खींचने के लिए मजबूर कर रही थी। 

मैं उसके होठों को चूमने लगा था उसके गुलाबी होठों को चूम कर मेरे अंदर से एक अलग ही आग पैदा हो गई थी और मैंने कुछ देर तक उसके गुलाबी होठों का रसपान करके उसे उत्तेजित कर दिया था। वह इतनी गर्म हो चुकी थी मैं और कोमल एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। जब मैंने कोमल के बदन से कपड़े उतार दिए थे और वह बिस्तर पर लेटी हुई थी। मैं उसके गोरे स्तनों का रसपान कर रहा था उसके स्तनों को चूस कर मुझे मजा आ रहा था।

जब मैंने अपनी जीभ को उसकी योनि पर लगा कर चाटना शुरू किया वह उत्तेजित होने लगी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही मजा आ रहा है हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को अब बर्दाश्त नहीं कर पाए। मैंने कोमल की चूत से पानी निकाल दिया था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है मैंने कोमल की चूत पर अपने लंड को लगाया और अंदर की तरफ डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड कोमल की चूत मे गया तो मुझे मजा आ गया और कोमल को भी बहुत ही मजा आने लगा था।

मैंने कोमल को बड़ी तेज गति से चोदना शुरू कर दिया और मैं उसे जिस तेजी से चोद रहा था उससे वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी और मुझे कहने लगी तुम मुझे ऐसे ही चोदते जाओ।

मैं उसे तेजी से धक्के मार रहा था और काफी देर तक मैंने उसे चोदा लेकिन अब मेरा वीर्य बाहर की तरफ को आने लगा था इसलिए मैं उसकी चूत मे माल गिराना चाहता था। मैंने अपने लंड को बड़ी तेजी से कोमल की चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और उसकी योनि में जब मेरे माल की पिचकारी गिरी तो वह खुश हो गई और मुझे बोली मुझे मजा आ गया। उसे बड़ा मजा आ चुका था जिस तरीके से उसने मेरे साथ दिया मुझे बहुत अच्छा लगा था।


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