सुहानी की चूत की गर्मी

Spread the love

[ A+ ] /[ A- ]

Font Size » Large | Small


Antarvasna, hindi sex kahani:

Suhani ki chut ki garmi मैं और पायल एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करते थे लेकिन पायल के परिवार वालों को जब हम दोनों के रिलेशन के बारे में पता चला तो उन लोगों ने हम दोनों को एक दूसरे से अलग करने के बारे में सोच लिया था। हालांकि पायल मुझसे शादी करना चाहती थी लेकिन पायल के परिवार वालों को हम दोनों का रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं था। पायल की फैमिली हमारे पड़ोस में ही रहा करती थी लेकिन अब वह लोग दूसरी कॉलोनी में शिफ्ट हो चुके हैं और पायल की शादी उन्होंने दूसरी जगह करवा दी। मैं पायल को कभी भी अपने दिल से भुला नहीं पाया हूं और पायल से मेरी शादी तो नहीं हो पाई लेकिन पायल और मैं एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करते थे लेकिन अब पायल को भूल जाना ही बेहतर था। मुझे अपनी जिंदगी में अब आगे बढ़ना था इसलिए मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था और मैं नौकरी करने के लिए मुंबई चला गया।

मेरा परिवार चाहता था कि मैं नौकरी करने के लिए चला जाऊं और मैं जब नौकरी करने के लिए गया तो मैं वहां पर पूरी मेहनत के साथ काम करने लगा था। जिंदगी में सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा था और अब मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था मेरी जिंदगी में अब सुहानी भी आ चुकी थी। सुहानी से मेरी मुलाकात हमारे ऑफिस के दौरान ही हुई और जब उससे मेरी मुलाकात हुई तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा था। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे से मिलते तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता है। ऑफिस में हम दोनों की नजदीकियां बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हैं। जिस तरीके से मैं और सुहानी एक दूसरे के साथ में रहते हैं और हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताया करते हैं तो हम दोनों को बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता है। मैं सुहानी के साथ बहुत ज्यादा खुश हूं और सुहानी भी मेरे साथ में काफी खुश है जिस तरीके से मैं और सुहानी एक दूसरे को समझते हैं उससे मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। सुहानी की फैमिली मुंबई में ही रहती है और मैं सुहानी के घर पर भी एक दो बार गया था।

loading...

जब मैं सुहानी के घर पर गया तो सुहानी ने मुझे अपनी फैमिली से मिलवाया उसकी फैमिली बहुत ही अच्छी है। जिस तरीके से उसकी फैमिली  से मेरी मुलाकात हुई थी उससे मुझे बहुत ही अच्छा लगा और सुहानी को भी बड़ा अच्छा लगता है जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ में होते। एक दिन सुहानी और मैं साथ में बैठे हुए थे उस दिन हम दोनों कॉफी शॉप में बैठे हुए थे और एक दूसरे के साथ हम दोनों अच्छा समय बिता रहे थे। मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था जब मैं और सुहानी एक दूसरे के साथ में थे और एक दूसरे के साथ हम दोनों ही अच्छा टाइम स्पेंड कर रहे थे। मैं सुहानी के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हूं और सुहानी भी मेरे साथ बहुत खुश है हम दोनों ने एक दूसरे को अच्छे से समझा है और अब हम दोनों एक दूसरे से शादी करने को तैयार हो चुके थे। मैं चाहता था कि मैं सुहानी से शादी कर लूं और इसके लिए मैंने जब सुहानी से बात की तो सुहानी को भी इस बात से कोई एतराज नहीं था और वह भी मेरे साथ में शादी करने के लिए तैयार हो चुकी थी। सुहानी की फैमिली भी हम दोनों के रिलेशन से खुश थी और उन्हें भी कोई एतराज नहीं था।

मैं सुहानी को अब अपनी पत्नी बनाना चाहता था और जब हम दोनों की शादी हो गई तो उसके बाद हम दोनों मुंबई में ही रहने लगे। मेरी फैमिली अहमदाबाद में रहती है लेकिन मैं सुहानी के साथ मुंबई में ही रहता हूं और कभी कबार पापा और मम्मी हम लोगों से मिलने के लिए आ जाया करते हैं। मेरे परिवार में बड़े भैया भी हैं जो कि पापा का बिजनेस सम्भालते हैं और वह पापा के बिजनेस में उनका हाथ बढ़ा रहे हैं। सब कुछ मेरी जिंदगी में अच्छे से चलने लगा था मैं बहुत ही ज्यादा खुश था जिस तरीके से मेरी लाइफ में अब सब कुछ ठीक हो चुका था। हमारी जिंदगी अच्छे से चलने लगी थी सुहानी के साथ मैं बहुत ज्यादा खुश था। सुहानी ने भी अपनी जॉब से रिजाइन दे दिया था और वह ज्यादा समय घर पर ही रहा करती थी। सुहानी जब भी घर पर होती तो मुझे सुहानी हमेशा ही फोन किया करती थी और जब भी हम दोनों एक दूसरे से बात किया करते तो हम दोनों को बड़ा अच्छा लगता था। सुहानी और मेरी जिंदगी अच्छे से चल रही थी मैं सुहानी के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हूं और सुहानी भी मेरे साथ में बहुत खुश हैं।

हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं और एक दूसरे के बिना हम दोनों बिल्कुल भी नहीं रह पाते हैं। मुझे कुछ दिनों के लिए अपने काम के सिलसिले में चेन्नई जाना था और मैं कुछ दिनों के लिए चेन्नई चला गया। जब मैं चेन्नई गया तो सुहानी घर पर अकेली थी और सुहानी जब घर पर अकेली थी तो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था इसलिए मैं सुहानी को बार बार फोन किए जा रहा था। जब मैं सुहानी से बात करता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और सुहानी को भी बड़ा अच्छा लगता है जब हम दोनों एक दूसरे से बातें किया करते। मुझे चेन्नई में काफी दिन हो गए थे और अभी मैं मुंबई वापस नहीं लौट पाया था। एक दिन सुहानी का मुझे फोन आया और वह मुझसे कहने लगी कि रजत आप मुंबई कब आ रहे हैं तो मैंने उसे कहा कि मैं जल्दी ही मुंबई आ जाऊंगा। मैं जब चेन्नई से मुंबई गया था तो सुहानी उस दिन मेरे गले मिली वह कहने लगी मैं आपको बहुत ज्यादा मिस कर रही थी। मैंने सुहानी को कहा मैं भी तुम्हें बहुत ही ज्यादा मिस कर रहा था सुहानी और मैं एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे लेकिन मेरे दिल में सुहानी के लिए बहुत ज्यादा प्यार उमड़ रहा था इसलिए मैंने भी सुहानी के होंठों को चूमना शुरू कर दिया।

loading...

जब मैं उसके होठों को चूमने लगा मुझे मजा आने लगा था और सुहानी को भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ में सेक्स संबंध बनाने के बारे में सोच रहे थे। मैं सुहानी के होंठों को चूमने लगा सुहानी के होठों को चूमकर मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था और सुहानी को भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के होठों को चूम रहे थे और एक दूसरे की गर्मी को हम दोनों बढ़ाए जा रहे थे। जब मैंने सुहानी के स्तनों को दबाना शुरू किया तो सुहानी भी अब खुश हो गई और वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैं सुहानी के स्तनों का दबा रहा था। सुहानी अपने कपडो को उतार दिया मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू किया तो वह गर्म हो गई। मैंने सुहानी को बिस्तर पर लेटा दिया और उसके स्तनों को चूसने लगा। मैंने उसकी गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया था वह बहुत ही ज्यादा गर्म होने लगी थी और मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुमने पूरी तरीके से बढ़ा कर रख दिया है।

हम दोनों बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे मैंने जैसे ही सुहानी की चूत पर अपनी जीभ का स्पर्श किया तो वह भी तड़पने लगी और मुझे कहने लगी मुझे अब और ना तड़पाओ। मैंने सुहानी को कहा बस तुम्हारी चूत में लंड घुसा देता हूं। मैंने सुहानी की योनि में अपने लंड घुसाने का फैसला कर लिया था और जैसे ही मैंने उसकी चूत के अंदर लंड को डाला तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी मुझे और भी तेजी से धक्के मारो। सुहानी भी मेरे लिए तड़पने लगी थी मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था जिससे कि उसकी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी और मेरे अंदर की गर्मी भी काफी ज्यादा बढ़ने लगी थी। मैं सुहानी को अच्छे से चोदे जा रहा था जब मैं उसकी चूत का मजा ले रहा था वह खुश हो गई थी और हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे जिस तरीके से मैंने और सुहानी ने एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाया और एक दूसरे की इच्छा को पूरा कर दिया था। सुहानी बड़ी खुश थी मैं भी बहुत ज्यादा खुश था लेकिन अब हम दोनों दोबारा से दूसरे की गर्मी को बढ़ाना चाहते थे और हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को दोबारा से बढ़ा दिया था।

मैं और सुहानी एक दूसरे के साथ दोबारा सेक्स करना चाहते थे। सुहानी ने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और वह उसे बड़े ही अच्छे तरीके से सकिंग करने लगी थी जिस तरीके से वह मेरे लंड को चूस रही थी उससे मुझे मजा आने लगा था और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था। हम दोनों की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाने का फैसला कर लिया था मेरा लंड उसकी चूत में जाते ही वह जोर से चिल्ला कर मुझे बोली मुझे मजा आने लगा है। मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बना रहे थे उससे हम दोनों ही गर्म होते जा रहे हैं और हम दोनों की गर्मी बठने लगी थी। मेरी और सुहानी की गर्मी बहुत ज्यादा बढने लगी थी हम दोनों बिल्कुल भी अपने आप को रोक नहीं पा रहे थे।

मैं उसे तेज गति से धक्के मार रहा था और मुझे उसे चोदने मे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था जिस तरीके से मै और सुहानी एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले रहे थे उससे हम दोनो बहुत ज्यादा गरम हो गए थे। मैं सुहानी की चूत की गर्मी को झेल नहीं पा रहा था इसलिए मैंने अपने माल को उसकी योनि में गिराने का फैसला कर लिया था। उसने भी अपने पैरो को आपस में मिला लिया और जैसे ही मेरा  वीर्य सुहानी की चूत में गया तो उसे बहुत मजा आने लगा और सुहानी को भी बहुत ज्यादा मजा आया था। जब मैंने और सुहानी ने एक दूसरे की गर्मी को शांत कर दिया था। हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स के मजे लिए थे और एक दूसरे को सतुष्ट कर दिया था।


Comments are closed.


Spread the love