प्रिया से मेरी मुलाकात

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प्रिया से मेरी मुलाकात

Antarvasna, kamukta:

Priya se meri mulakaat मधुरिमा मुझसे कहने लगी कि राहुल हम लोग कब शादी करेंगे मैंने मधुरिमा से कहा कि मधुरिमा मुझे थोड़ा समय और चाहिए क्योंकि मेरे बिजनेस में हुए नुकसान की वजह से मैं काफी ज्यादा परेशान था। मधुरिमा इस बात को नहीं समझ पा रही थी वह मुझ पर शादी के लिए बहुत ज्यादा दबाव बनाने लगी थी। मधुरिमा को लग रहा था कि शायद मैं उसे धोखा दे रहा हूं लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं था इसी बात को लेकर हम दोनों के कई बार झगड़े भी हो जाया करते थे। मैंने मधुरिमा को बहुत समझाने की कोशिश की और उसे कहा कि देखो मधुरिमा मैं नहीं चाहता कि मैं अभी शादी करूं मुझे थोड़ा समय चाहिए लेकिन मधुरिमा मेरी बात बिल्कुल भी नहीं मानी जिससे कि हम दोनों के झगड़े दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रहे थे। अब वह समय भी आ चुका था जब हम दोनों अलग होने को तैयार हो चुके थे हम दोनों एक दूसरे से अलग हो चुके थे।

मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगा कि मधुरिमा ने कभी मुझे समझने की कोशिश की है क्योकि हम दोनों का रिलेशन पिछले दो सालों से चल रहा था और अब मधुरिमा मेरी जिंदगी से दूर हो चुकी थी। मैं चाहता था कि मधुरिमा और मैं एक दूसरे के साथ में शादी कर ले लेकिन मेरे बिजनेस में हुए नुकसान की वजह से मैं और मधुरिमा एक दूसरे से अलग हो चुके थे। हम दोनों के एक दूसरे से अलग हो जाने के बाद मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश करने लगा था। अपने बिजनेस में हुए नुकसान की भरपाई मैं कर नहीं पा रहा था जिससे कि मैं काफी तनाव में रहने लगा था और मैंने अपने दोस्तों से मिलना भी हम बंद कर दिया था। मैंने अपनी जिंदगी को एक सीमित दायरे में रखा हुआ था मैं अपने ज्यादा किसी दोस्तों से नहीं मिलता था और ना ही मेरी मुलाकात किसी से हो पाती थी।

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एक दिन मेरे दोस्त रवि ने मुझे फोन किया और कहा कि राहुल तुम काफी दिनों से मुझे मिले नहीं हो। रवि मेरा बचपन का दोस्त है और वह मुझे बड़े अच्छे तरीके से समझता है इसलिए उसने मुझे उस दिन अपने बर्थडे पार्टी में इनवाइट किया। मैं भी रवि को मना ना कर सका और मुझे उस की बर्थडे पार्टी में जाना पड़ा रवि के जीवन में सब कुछ अच्छे से चल रहा है। रवि ने अपने पिताजी के बिजनेस को संभाल लिया है और वह अपने पिताजी के बिजनेस को अब आगे बढ़ाना चाहता है इसलिए तो उसकी जिंदगी में सब कुछ ठीक से चल रहा है। मैं जब उस दिन रवि को मिला तो मुझे रवि से मिलकर अच्छा लगा मैं उससे काफी समय के बाद मिल रहा था। हम दोनों एक दूसरे को लंबे अरसे बाद मिल रहे थे इसलिए मुझे रवि से मिलकर बहुत ही अच्छा लगा। रवि ने मुझसे पूछा कि तुम्हारी जिंदगी में क्या चल रहा है तो मैंने उसे बताया कि मेरी जिंदगी में अब कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है।

मेरे बिजनेस में हुए नुकसान की वजह से मैं अभी तक अपने बिजनेस के नुकसान की भरपाई नहीं कर पाया हूं और ना ही मैं अपनी जिंदगी में खुश हूं। रवि को मेरे और मधुरिमा के रिलेशन के बारे में पता था तो उसने मुझसे जब मेरे रिलेशन के बारे में बात की तो मैंने उससे कहा कि अब मधुरिमा मेरी जिंदगी से जा चुकी है। मैंने रवि को सब कुछ बता दिया था रवि ने मुझे कहा कि देखो राहुल तुम्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। रवि मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त है और उसने मेरी मदद करने की बात कही तो मुझे भी इस बात से बड़ा ही अच्छा लगा और मुझे यह बात मालूम थी कि रवि मेरी मदद जरूर करेगा। हालांकि मैं रवि को इस बारे में कुछ बताना नहीं चाहता था लेकिन अब उसे मेरी जिंदगी के बारे में सब कुछ पता चल चुका था और उसने मेरी मदद करने का फैसला किया। रवि ने मेरी मदद की उसने मुझे कुछ पैसे दिए जिससे कि मैं अपने बिजनेस को दोबारा से शुरू कर पाया और मैंने अपने बिजनेस को दोबारा से शुरू किया।

थोड़े ही समय बाद सब कुछ मेरी जिंदगी में ठीक होने लगा और मेरी जिंदगी दोबारा से पटरी पर लौट आई थी। हालांकि मधुरिमा मेरी जिंदगी से दूर हो चुकी थी और मैं नहीं चाहता था कि मधुरिमा मेरी जिंदगी में वापस लौटे क्योंकि जब मुझे मधुरिमा की जरूरत थी तब उसने मेरा साथ नहीं दिया। मैं अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था लेकिन मुझे किसी ना किसी के साथ की जरूरत तो थी और फिर उस वक्त मेरी जिंदगी में प्रिया आ गई। प्रिया से मेरी मुलाकात रवि ने हीं करवाई थी वह रवि की दोस्त है और जब मेरी उससे मुलाकात हुई तो हम दोनों के बीच में दोस्ती होने लगी और हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझने लगे थे। प्रिया और मेरे बीच सब कुछ अच्छे से चल रहा था और हम दोनों एक दूसरे को डेट भी करने लगे थे यही वजह थी कि प्रिया और मैं एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पाते थे। और हम दोनों एक दूसरे के बहुत ही ज्यादा नजदीक आ चुके थे मैं प्रिया को चाहने लगा था और प्रिया भी मुझे चाहने लगी थी।

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समय के साथ साथ अब हम दोनों एक दूसरे से प्यार भी करने लगे थे। मेरी और प्रिया के बीच बढ़ती नजदीकियां बहुत ही ज्यादा बढ़ने लगी थी। हम दोनों ने एक दूसरे को प्रपोज कर दिया था जिससे कि हम दोनों का रिलेशन अब अच्छे से चल रहा था और मुझे प्रिया के साथ में समय बिताकर बड़ा ही अच्छा लगता। जब भी हम दोनों साथ में होते तो हम दोनों को ही अच्छा लगता। प्रिया को मैंने अपनी जिंदगी से जुड़ी सारी बातों के बारे में बता दिया था इसलिए उसे कोई एतराज नहीं था। हम दोनों जब भी एक दूसरे के साथ में होते तो हम दोनों को बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता था और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता जब भी मैं और प्रिया एक दूसरे के साथ में समय बिताया करते। मेरे और प्रिया के रिलेशन को काफी समय हो चुका था। हम दोनो एक दूसरे के साथ में अच्छा समय बिताया करते थे। एक दिन प्रिया और मैं साथ मे थे उस दिन हमने कहीं जाने का फैसला किया। हम दोनो ने उस दिन डिनर करने के बाद साथ मे रूकने का फैसला किया और हम दोनो साथ मे रूके।

हम दोनों साथ में बैठे हुए थे अब हम दोनो का मन था हम दोनो साथ मे सेक्स करे। मैंने प्रिया की जांघ पर हाथ को रखा और उसे गर्म करने लगा था। वह बहुत ज्यादा गरम होती चली गई थी। वह अपने आपको रोक नहीं पा रही थी और मैं भी अपने आपको रोक नहीं पा रहा था। हम दोनों की गर्मी बढ़ती जा रही थी। प्रिया ने मेरे लंड को बाहर निकाला और उसने अपने हाथों मे मेरे लंड को लिया वह मेरी गर्मी को बढने लगी थी। मैंने प्रिया से कहा मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। प्रिया ने अब मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में ले लिया और वह उसे चूसने लगी थी। जब वह मेरे लंड को सकिंग करने लगी मुझे मजा आने लगा और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरे लंड को चूस रही थी और मेरी गर्मी को बढ़ाए जा रही थी। उसने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था। मैं अब गर्म हो चुका था मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था। मैंने अब प्रिया के बदन से कपड़े उतार दिए थे और वह मेरे सामने नंगी लेटी थी।

मैं उसके स्तनों को चूसना चाहता था। मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू किया वह बहुत गर्म होने लगी थी। मेरा लंड अब और भी कडक हो चुका था। जब मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगाकर अंदर की तरफ धकेलने की कोशिश की तो मेरा लंड प्रिया की योनि को चीरता हुआ अंदर जा चुका था वह जोर से चिल्ला कर मुझे बोली मेरी चूत से खून निकल आया है। मुझे अच्छा लग रहा था मैं जिस तरीके से प्रिया की चूत के मजे ले रहा था उस से प्रिया बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा ले रहे थे। मेरा लंड प्रिया की चूत के अंदर तक जा चुका था। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढा कर रख दिया था। प्रिया की चूत से निकलता हुआ खून देखकर मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और मेरी गर्मी बढती जा रही थी। प्रिया की चूत सील पैक थी मुझे बड़ी खुशी थी जिस तरह से मैंने प्रिया के साथ सेक्स संबंध बनाए थे।

प्रिया और मैं बहुत मजे ले रहे थे और हम दोनो एक दूसरे की गर्मी को झेल नहीं पाए थे। मैंने प्रिया की चूत मे अपने माल को गिरा कर अपनी इच्छा को पूरा कर दिया था और मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी जिस तरीके से प्रिया और मैंने सेक्स संबंध बनाए थे। हम दोनों सेक्स का मजा ले रहे थे और हम दोनो को सेक्स अच्छा लग रहा था। मेरा माल गिरने के बाद मैंने प्रिया को डॉगी स्टाइल पोजीशन में बना दिया और अपने लंड को प्रिया की चूत के अंदर घुसा दिया था। वह अब जोर से सिसकारियां ले रही थी मैं उसे बड़े अच्छे से चोदे जा रहा था। वह भी अब मुझसे अपनी चूतड़ों को मिला रही थी जब मेरा लंड प्रिया की चूत के अंदर बाहर होता तो वह बहुत जोर से चिल्ला रही थी। वह मुझे कहने लगी थी मेरी चूत में दर्द हो रहा है अब मुझे बहुत मजा आ रहा था जिस तरह हम दोनों एक दूसरे के साथ मे सेक्स कर रहे थे। प्रिया को भी बड़ा अच्छा लग रहा था वह अब झड चुकी थी। उसकी चूत से बहुत ज्यादा पानी निकल आया था मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था मेरा माल भी प्रिया की चूत के अंदर गिर चुका था।


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