कावेरी की चूत में मेरा मोटा लंड

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Antarvasna, hindi sex story:

Kaveri ki chut me mera mota lund मैं एक छोटे से गांव का रहने वाला हूं मैं अब नौकरी करने के लिए दिल्ली जाना चाहता था मैं बिहार का रहने वाला हूं। जब मैं पहली बार दिल्ली गया तो वहां पर मुझे काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा था लेकिन किसी प्रकार से मैं अपने दोस्त के घर तक पहुंचा वहां कुछ दिन उसके साथ रहने के बाद मैंने अपने लिए अलग रहने का बंदोबस्त कर लिया था मैं अलग रहने लगा था। अब मैं अलग रहने लगा था और मेरी नौकरी भी लग चुकी थी हालांकि मेरी तनख्वाह ज्यादा नहीं थी परंतु फिर भी मेरे गुजर-बसर के लिए वह काफी ज्यादा थी और थोड़े बहुत पैसे मैं बचाकर अपने घर भी भेज दिया करता था। मुझे दिल्ली में काम करते हुए करीब 6 महीने से ऊपर हो चुके थे इन 6 महीनों में मेरी जिंदगी में काफी ज्यादा बदलाव भी आया था मुझे अब सारे रास्तों का भी पता चल चुका था।

मैं जब ऑफिस जाता तो मुझे हर रोज एक लड़की दिखाई देती थी जो कि उसी बस में ऑफिस जाती थी जिस बस मे मैं जाया करता था। जल्द ही मेरी बात उससे हो गई जब मेरी बात पहली बार कावेरी के साथ हुई तो मुझे कावेरी से बात कर के बहुत ही अच्छा लगा था। कावेरी और मैं एक दूसरे से बातें करते थे हम दोनों एक दूसरे के बहुत ज्यादा नजदीक आते चले गए थे। जब हम दोनों एक दूसरे के नजदीक आते चले गए तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा और कावेरी के मेरे जीवन में आने से मेरी जिंदगी में खुशियां आ गई थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुशी थे जिस तरीके से मै और कावेरी एक दूसरे के साथ में होते तो हम दोनों को बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता था और हम दोनों बहुत ज्यादा खुश रहते थे। जब भी मैं और कावेरी एक दूसरे के साथ होते तो हम दोनों बड़े ही खुश होते थे। कावेरी को जब भी समय मिलता तो वह मुझसे मिल लिया करती थी और मुझे भी बहुत अच्छा लगता जब हम दोनों साथ में होते और एक दूसरे के साथ में टाइम स्पेंड किया करते।

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मुझे कुछ दिनों के लिए अपने गांव जाना था मैंने कावेरी को इस बारे में बताया कावेरी ने मुझे कहा तुम वहां से वापस कब लौटोगे। मैंने कावेरी को कहा मैं वहां से जल्द ही वापस लौट आऊंगा क्योंकि मुझे काफी समय भी हो चुका था मैं पापा और मम्मी से मिल नहीं पाया था इसलिए मैं उन लोगों से मिलने के लिए चला गया था। मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर चला गया था जब मैं अपने घर गया तो वहां पर मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा था मैं काफी ज्यादा खुश था जिस तरीके से मैं अपने घर पर कुछ समय अपने पापा मम्मी के साथ समय बिता पाया था मुझे बड़ा ही अच्छा लगा था जब मैं अपने घर पर था। मुझे कुछ पता ही नहीं चला कब मेरी छुट्टियां खत्म हो गई और मुझे दिल्ली वापस आना पड़ा मैं अब दिल्ली वापस लौट आया था। जब मैं दिल्ली वापस लौटा तो मेरी मुलाकात उस दिन कावेरी के साथ हुई। कावेरी और मुझे बहुत ही अच्छा लगा था हम दोनों ने साथ में समय बिताया और काफी लंबे समय के बाद मैं कावेरी को मिल पाया था जिससे कि मैं बहुत ज्यादा खुश था और कावेरी भी बड़ी खुश थी जिस तरीके से हम दोनों ने उस दिन साथ में काफी लंबे अरसे के बाद समय बिताया था।

मेरा और कावेरी का मिलना तो हमेशा होता ही रहता था। जब भी मैं कावेरी के साथ में टाइम स्पेंड करता तो मुझे अच्छा लगता। कावेरी और मैं अपने रिलेशन को आगे बढ़ा रहे थे हम दोनों अब सपने भी देखने लगे थे मैं यह सोच रहा था मैं किसी भी प्रकार से दिल्ली में घर खरीद लूं। मैं उसके लिए जी तोड़ मेहनत करना चाहता था मैंने अपनी पुरानी कंपनी से रिजाइन दे दिया था। जब मैंने अपनी कंपनी से रिजाइन दिया उसके बाद मैंने दूसरी कंपनी ज्वाइन कर ली वहां पर मेरी तनख्वाह भी काफी अच्छी थी हालांकि मेरी तनख्वाह इतनी ज्यादा भी नहीं थी परंतु फिर भी मैं पैसे बचाने की कोशिश किया करता मैं थोड़ी बहुत सेविंग भी करने लगा था जिससे कि अब मैं घर खरीदना चाहता था। उस वक्त मेरी कावेरी ने भी मदद की कावेरी ने मुझे कुछ पैसे दिए थे जिससे कि मैं दिल्ली में एक छोटा सा घर खरीद पाया था। मैंने दिल्ली में घर खरीद लिया था मैं चाहता था पापा और मम्मी मेरे साथ में ही रहे लेकिन वह लोग मेरे साथ आने को तैयार नहीं थे। पापा भी एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं वह भी वहां से अब नौकरी छोड़ चुके थे इसलिए मैंने उन्हें कई बार अपने साथ आने के लिए कहा था लेकिन वह लोग मेरी बात नहीं माने थे।

वह लोग अभी भी गांव में ही रह रहे थे मैं कावेरी के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हूं। मैं चाहता था मैं कावेरी के साथ में अपने आगे के जीवन के सपने भी देखने लगा था। मैं चाहता था मैं कावेरी से शादी कर लूं लेकिन यह सब इतना आसान नहीं था कावेरी की फैमिली को मना पाना शायद मेरे बस की बात नहीं थी इसलिए मैंने कावेरी से कहा मैं तुम्हारे साथ शादी करना चाहता हूं। मैंने उसके साथ शादी करने का फैसला कर लिया था कावेरी को कोई एतराज तो नहीं था लेकिन वह चाहती थी उसकी फैमिली हम दोनों के रिलेशन को पहले मान ले उसके बाद ही हम दोनों अपनी शादी के बारे में सोचेंगे लेकिन कावेरी के परिवार वाले हम दोनों के रिश्ते को लेकर बिल्कुल भी खुश नहीं थे। वह लोग मेरी शादी कावेरी के साथ करवाने के लिए तैयार नहीं थे लेकिन उसके बावजूद भी कावेरी और मेरा रिलेशन अच्छे से चल रहा था। हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश हैं जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ होते हैं और एक दूसरे से हम दोनों मिला करते हैं।

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कावेरी और मैं एक दूसरे के साथ हमेशा ही अच्छा टाइम स्पेंड किया करते थे। जब भी हम दोनो साथ मे होते तो हम दोनों को अच्छा लगता। एक दिन कावेरी को मैंने अपने साथ चलने को कहा वह मेरे साथ आ गई थी। हम दोनो साथ मे बैठे हुए थे। हम दोनो बातें कर रहे थे। मैंने जब उसके हाथ को पकडा तो वह मेरे तरफ देख कर बोली क्या कर रहे हो। उसके मन मे भी मेरे साथ सेक्स करने के बारे मे चल रहा था और मैंने कावेरी के हाथों को सहलाना शुरु किया मैं उसकी जांघ को भी सहला रहा था। मैं जिस तरीके से उसके हाथों को सहला रहा था उससे वह गर्म होती जा रही थी और मेरी गर्मी भी बढ़ाती जा रही थी। वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मैंने कावेरी की जांघ पर अपने हाथ को रखा तो वह पूरी तरीके से गर्म होने लगी थी उसकी गर्मी इतनी अधिक होने लगी थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मैंने कावेरी को कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है। कावेरी और मैं एक दूसरे के साथ सेक्स करना चाहते थे।

जब मैंने कावेरी के गुलाबी होंठों को चूमना शुरू किया उसको मजा आने लगा था वह बहुत ज्यादा गर्म होती चली गई थी। मैंने कावेरी की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ दिया था। मैंने कावेरी के स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह भी उत्तेजित होने लगी थी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मुझे भी अच्छा महसूस होने लगा था हम दोनो गर्म होते चले गए थे। हम दोनों को बड़ा अच्छा लग रहा था हम दोनो बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने कावेरी के कपडो को उतारा और उसकी पैंटी को उतारते हुए उसकी चूत पर अपनी उंगली को लगाया तो उसकी चूत से पानी बाहर निकलने लगा था। उसकी योनि पर एक भी बाल नहीं था और उसकी चूत को देखकर मेरी गर्मी और भी ज्यादा बढ़ती जा रही थी। मै अपने आप पर काबू ना कर सका और मैंने कावेरी की चूत पर अपने लंड को लगाया वह तड़पने लगी थी कावेरी मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ने की कोशिश करने लगी थी।

मेरा मोटा लंड कावेरी की योनि के अंदर जाने के लिए तैयार हो चुका था। मैंने जैसे ही अपने लंड को कावेरी की योनि में घुसाया वह बहुत जोर से चिल्लाकर मुझे कहने लगी मुझे मजा आ रहा है। मेरा लंड कावेरी की चूत मे जाने के बाद उसकी चूत से खून निकल आया था हम दोनो एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा ले रहे थे। मेरा लंड कावेरी की योनि के अंदर तक चला गया था। जब मै कावेरी को चोद रहा था मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। वह भी जोर से सिसकारियां लेकर मुझे गर्म करने की कोशिश कर रही थी। मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था मेरा लंड जब कावेरी की चूत की गर्मी को बिल्कुल भी झेल नहीं पाया तो मैंने आपने माल को कावेरी की चूत मे गिरा दिया था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लगा।

मैंने कावेरी की चूत का मजा लेनी की दोबारा सोची और मैं उसकी चूत मे लंड घुसा चुका था। मेरा लंड कावेरी की योनि के अंदर बाहर हो रहा था। मैं अपने लंड को कावेरी की चूत के जड तक डाल रहा था मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था। हम दोनो एक दूसरे का साथ अच्छे से दे रहे थे। मैने कावेरी की योनि के अंदर बाहर अपने लंड को काफी देर तक किया। वह मुझे कहने लगी मुझे और तेजी से चोदते जाओ उसके अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी। जब कावेरी की योनि से पानी बाहर की तरफ गिरने लगा था उसकी चूत की गर्मी मेरा लंड बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था वह मुझे अपने पैरों के बीच में जकडने लगी थी। मैंने कावेरी की योनि में अपनी माल को गिरा दिया था और उसकी गर्मी को शांत कर चुका था। कावेरी की चूत का मजा लेना बहुत अच्छा था।


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