मेरा चूत चाटने का फैसला

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Antarvasna, hindi sex stories:

Mera chut chatne ka faisla बस से सफर के दौरान मुझे मेरा दोस्त रोहित मिला रोहित से मेरी मुलाकात काफी समय बाद हो रही थी। रोहित से मैं एक लंबे अरसे बाद मिल रहा था रोहित मेरे साथ स्कूल में पढ़ा करता था और हम दोनों दिल्ली से जयपुर का सफर कर रहे थे। मुझे जयपुर कुछ काम के लिए जाना था और रोहित से मेरी मुलाकात हुई तो रोहित ने मुझे बताया कि वह अब जयपुर में ही रहता है उसकी फैमिली भी जयपुर में हीं रहती है। मैं जब जयपुर गया तो रोहित ने मुझे कहा कि तुम मेरे घर पर ही रहना लेकिन मैंने उसे मना कर दिया था क्योंकि कंपनी ने मेरे रहने के लिए जिस होटल में मेरी व्यवस्था की थी मैं वहीं पर चला गया था। हालांकि रोहित मुझे मिलने के लिए होटल में आया था और उसने मुझे कहा कि तुम मेरे घर पर ही आज डिनर के लिए आना। मैं रोहित के घर पर उस रात डिनर के लिए गया, जब मैं रोहित के घर पर डिनर के लिए गया था तो उसके पापा मम्मी से मिलकर मुझे अच्छा लगा। उन लोगों से काफी सालों बाद मेरी मुलाकात हो रही थी।

मैं अब होटल में वापस लौट आया था जब मैं होटल में वापस लौटा तो अगले दिन मुझे अपने ऑफिस की मीटिंग के सिलसिले में जाना था। मैं जब अपनी मीटिंग के सिलसिले में गया तो वहां पर मुझे कंचन मिली कंचन से मैं पहली बार ही मिला था वह जयपुर में ही जॉब करती है। कंचन से मिलकर मुझे अच्छा लगा हम लोगों की ज्यादा बातचीत नहीं हो पाई थी और मैं वापस दिल्ली लौट आया था लेकिन उसके बाद भी मुझे कंचन से बात करना अच्छा लगता और हम लोग एक दूसरे से फोन पर बातें करने लगे थे। मैंने कंचन से कहा कि कभी तुम दिल्ली आओ तो मुझसे जरूर मिलना कंचन कहने लगी ठीक है मैं जब भी दिल्ली आऊंगी तो आपसे जरूर मुलाकात करूंगी। कंचन को अपने किसी रिश्तेदार की शादी में दिल्ली आना था और वह जब दिल्ली आई तो उससे मेरी मुलाकात हुई। कंचन से मिलकर मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा था उसके साथ मेरी मुलाकात हुई तो हम लोगों ने उस दिन काफी अच्छा समय साथ में बिताया। मुझे काफी अच्छा भी लगा था जिस तरीके से मैंने और कंचन ने साथ में समय बिताया था। समय के साथ साथ अब हम दोनों एक दूसरे से फोन पर काफी ज्यादा बातें करने लगे थे और मुझे भी कंचन से फोन पर बात करना बहुत ही अच्छा लगने लगा था।

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मैं जब भी कंचन से फोन पर बातें किया करता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था और उसे भी काफी ज्यादा अच्छा लगता है जब भी वह मुझसे फोन पर बातें किया करती थी। अब समय बीतता जा रहा था और एक दिन मैंने कंचन को अपने दिल की बात कह दी। मुझे कंचन के साथ बहुत ही अच्छा लगने लगा था और वह भी मेरे साथ समय बिताकर बहुत ज्यादा खुश रहती थी। जब भी हम लोग एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को अच्छा लगता था। हालांकि हम दोनों की मुलाकात कम ही हुआ करती थी लेकिन उसके बावजूद भी जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को बहुत ही साथ अच्छा लगता था। एक दूसरे के साथ हम लोग समय बिताकर बहुत ज्यादा खुश रहते थे। अब समय बीता जा रहा था और कंचन भी अब दिल्ली में ही जॉब करने लगी थी जब भी हम दोनों एक दूसरे से मिलते तो हमें बहुत ही अच्छा लगता था। कंचन चाहती थी कि मैं उसकी फैमिली से मिलूँ लेकिन मैंने उसे मना कर दिया था और कहा कि मैं थोड़े समय बाद तुम्हारी फैमिली से मिलूंगा।

थोड़े समय बाद जब मैं कंचन की फैमिली से मिला तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा और उन लोगों को भी मुझसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। कंचन ने मेरे और अपने बारे में अपनी फैमिली में सब कुछ बता दिया था जिस वजह से उन्हें कोई भी ऐतराज नहीं था और सब लोग बहुत ही ज्यादा खुश थे। मैं चाहता था कि कंचन से मैं इंगेजमेंट कर लूं और कंचन से जब मैंने सगाई की बात की तो कंचन की फैमिली पर मेरी और कंचन की सगाई करवाने के लिए तैयार हो चुके थे। हम दोनों की इंगेजमेंट हो चुकी थी और कंचन दिल्ली में ही जॉब कर रही थी। हम लोग चाहते थे कि हम दोनों जल्द से जल्द शादी कर लें। हम दोनों ने एक दूसरे से शादी करने का फैसला कर लिया था तो हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे और अब हम दोनों की शादी तय हो चुकी थी। जब हम दोनों की शादी हुई तो उसके बाद हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे और मैं भी काफी ज्यादा खुश हूं जिस तरीके से कंचन और मैं एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करते हैं।

जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ होते तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता। हम दोनों की शादी को 6 महीने से ऊपर हो चुके थे और हम चाहते थे कि हम दोनों कहीं घूमने के लिए जाए। हम दोनों ने शिमला घूमने का प्रोग्राम बनाया और हम दोनों शिमला घूमने के लिए चले गये। जब हम लोग शिमला घूमने के लिए गए तो हम लोगों को वहां पर काफी अच्छा लगा और हम लोगों ने वहां पर काफी अच्छा समय साथ में बिताया। कुछ दिन बाद हम लोग दिल्ली वापस लौट आए थे और कंचन भी अपने ऑफिस से रिजाइन दे चुकी थी इसलिए वह ज्यादातर घर पर ही समय बिताया करती। मैं अपने ऑफिस चले जाया करता हूं और शाम को मैं ऑफिस से घर लौटता हूं मेरी जिंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा है और मैं बहुत ही ज्यादा खुश भी हूं की मेरी शादी कंचन से हो चुकी है। मेरी शादी हो जाने के बाद मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं जिस तरीके से कंचन और मेरी शादी हुई है। हम दोनों साथ में ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते हैं। कंचन और मैं बहुत खुश है। कंचन और मैं बहुत ही अच्छा समय साथ मे बिताया करते है।

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मुझे जब भी कंचन की जरूरत होती वह हमेशा ही मेरा साथ देती। हमारे बीच हर रोज सेक्स होता है। जब भी मुझे कंचन के साथ सेक्स करना होता है तो वह भी मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार रहती है। एक रात हम दोनो अपने एक दोस्त के घर से लौटे ही थे और कंचन कपडे चेंज कर रही थी। कंचन कपडे चेंज करने के बाद मेरे साथ लेटी थी। मै कंचन के होंठो को चूमने के लिए बेताब था। मैं और कंचन एक दूसरे के होठों को चूम रहे थे हम दोनों को अच्छा लग रहा था। मैंने कंचन की गर्मी को बढ़ा दिया था वह बहुत ही अधिक गर्म हो चुकी थी, मेरी गर्मी भी बहुत बढ़ चुकी थी कंचन भी गरम हो चुकी थी। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढा दिया था हम दोनो ने एक दूसरे के होंठो को बहुत देर तक किस किया था। उसके गुलाबी होंठो को चूमने के बाद मैं कंचन के स्तनों को दबाने लगा था। कंचन के स्तनों को दबाने में मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और उसे भी काफी ज्यादा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरा साथ दे रही थी और हम दोनों की गर्मी बढ़ने लगी थी। अब हम दोनो बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। कंचन ने मेरे पजामे को खोलते हुए मेरे मोटे लंड को अपने हाथों में ले लिया था वह उसे हिलाने लगी थी।

जब वह मेरे लंड को हिला रही थी मुझे मजा आ रहा था कंचन को भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था जिस तरीके से मैं और कंचन एक दूसरे का साथ दे रहे थे कंचन ने मेरे मोटे लंड से पानी बाहर निकाल दिया था। अब वह मेरे लंड को जीभ से चाटने लगी तो मुझे मजा आ रहा था और उसे भी मजा आने लगा था जब वह मेरे लंड को चूस रही थी। कंचन ने मेरे लंड को बहुत देर तक चूसा उसने मेरे लंड से पानी बाहर नहीं निकाल दिया था। मैंने भी कंचन की चूत को चाटने का फैसला किया क्योंकि उसकी चूत से पानी निकल रहा था। मै कंचन की चूत को चाटने लगा था मुझे मजा आ रहा था जब मैं कंचन की योनि को चाट रहा था। मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था मै कंचन की चूत को चाट रहा था। हम दोनों को अच्छा लग रहा था। मैं और कंचन एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तडप रहे थे। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया था। जब उसकी चूत में मेरा लंड गया तो वह चिल्ला कर बोली मेरी चूत में दर्द हो रहा है। मैंने कंचन को कहा बस कुछ देर की बात हैं। मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया था मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था।

कंचन की चूत मारने मे मुझे मजा आ रहा था मैं उसे तेजी से धक्के मरता जा रहा था वह बहुत ही ज्यादा गर्म हो गई थी। कंचन मुझे बोली मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मुझे चोदते जाओ। मैं कंचन को तेजी से चोद रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनो एक दूसरे का साथ दे रहे थे। हम दोनों की गर्मी बढ़ती जा रही थी मैंने कंचन से कहा मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी है। कंचन बोली मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मेरा वीर्य भी बाहर आने वाला था मैं उसे बड़ी तेजी से चोद रहा था। मै उसे जिस तरह चोद रहा था उस से मेरी गर्मी बढ़ती ही जा रही थी मेरा लंड भी छिल चुका था। हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे मैं जब कंचन की चूत की गर्मी को झेल नहीं पाया तो मैंने कंचन से कहा मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा हूं। मैं उसे तेजी से चोदने लगा और उसके दोनो पैंरो को ऊपर करते हुए मैंने उसे बहुत तेजी से चोदा मैंने कंचन की चूत में अपने माल का गिरा दिया था। कंचन ने मुझे कहा मेरी चूत से लंड को बाहर निकालो और जब मैंने उसकी चूत से लंड बाहर निकाला तो कंचन की चूत से मेरा माल टपक रहा था।


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