पारुल के रसीले निप्पल

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पारुल के रसीले निप्पल

Antarvasna, kamukta:

Parul ke raseele nipple मैं जिस दिन कॉलेज गया उस दिन सबसे पहले मुझे रमेश मिला। रमेशा मुझे अच्छा इन्सान लगा इसीलिए मैंने उससे दोस्ती कर ली और  मैं रमेश के घर पर भी कई बार चले जाया करता था। जब भी मैं रमेश के घर पर जाता तो मुझे काफी अच्छा लगता। समय के साथ साथ हम लोगों का कॉलेज भी पूरा हो गया और जब हम लोगों का कॉलेज पूरा हुआ तो उसके बाद मैं अपने पापा का बिजनेस संभालने लगा। जब मैं पापा का बिजनेस संभालने लगा तो पापा इस बात से बड़े खुश हुए। पापा ने मुझे कहा कि बेटा तुम बहुत ही अच्छे से मेरा बिजनेस संभाल रहे हो। मेरे जीवन में सब कुछ अच्छे से चल रहा था एक दिन मैं जब अपने भैया के साथ एक फंक्शन में गया हुआ था तो उस फंक्शन में भैया ने मुझे अपने दोस्त रोनक से मिलवाया।

रोनक से मिलकर मुझे अच्छा लगा मैं पहली बार ही रोनक से मिला था मुझे रोनक से मिलकर अच्छा लगा। उस दिन भैया और मैंने पार्टी में खूब इंजॉय किया और उस दिन के बाद रोनक से मेरी मुलाकात काफी लंबे समय तक नहीं हुई। एक दिन रोनक मुझे मॉल में मिले जब रोनक से मेरी मुलाकात हुई तो उस दिन  रोनक के साथ एक लड़की भी थी। जब रोनक ने मुझे पारुल से मिलवाया तो मुझे पारुल से मिलकर अच्छा लगा यह हम दोनों की पहली ही मुलाकात थी। उस दिन हम लोग काफी देर तक एक दूसरे के साथ बैठे रहे फिर मैं और पारुल एक दूसरे को कभी मिले नहीं थे। एक दिन जब मैं अपने दोस्त के घर से वापस लौट रहा था तो उस दिन मैंने देखा कि पारुल की कार रास्ते में खराब हो गयी थी।

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मैंने जब पारुल को देखा तो मैंने उसे देखते ही अपनी कार को रोक लिया और पारुल को मैंने लिफ्ट दी। उस दिन हम दोनों की काफी बात हुई और पारुल से मुझे बात करके बहुत अच्छा लगा। जब मेरी बात पारुल से हुई तो हम लोगों को बड़ा ही अच्छा लगा और उस दिन के बाद पारुल और मेरी बात अक्सर होने लगी थी। जब भी हम दोनों एक दूसरे से बातें करते हैं तो हम लोगों को ही अच्छा लगता क्योंकि पारुल बड़ी ही खुले विचारों की थी इसलिए उससे मेरी बहुत अच्छी बनने लगी थी। पारुल से मेरी काफी अच्छी बनती थी इसी वजह से हम दोनों एक दूसरे को मिलने लगे थे। हम दोनों एक दूसरे के साथ होते तो हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगता था पारुल और मैं एक दूसरे के साथ होते तो हम दोनों बड़े ही खुश होते। जब भी मैं पारुल के साथ होता तो मुझे अच्छा लगता था।

एक दिन पारुल और मैं साथ में बैठे हुए थे उस दिन जब हम दोनों साथ में बैठे तो मैंने उस दिन पारुल से कहा कि चलो आज हम लोग कहीं घूम आते हैं। मुझे यह बात नहीं मालूम थी कि उस दिन पारुल का जन्मदिन है। इत्तेफाकन से उस दिन पारुल का जन्मदिन था और जब पारुल ने मुझे यह बात बताई तो मैंने पारुल से कहा कि मुझे इस बारे में मालूम नहीं था इसलिए मैं तुमसे इस बात के लिए माफी मांगना चाहता हूं। पारुल ने मुझे कहा कि तुम्हें इस बात के लिए मुझसे माफी मांगने की जरूरत नहीं है। उस दिन हम दोनों ने पारुल का जन्मदिन सेलिब्रेट किया और हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगा जब हम दोनों में उस दिन साथ में पारुल का बर्थडे सेलिब्रेट किया था। पारुल को भी बहुत अच्छा लगा था और मुझे भी बड़ा अच्छा लगा। उस दिन के बाद मेरे और पारुल के बीच और भी गहरी दोस्ती बढ़ती जा रही थी हम दोनों एक दूसरे के काफी करीब आ चुके थे।

हम दोनों एक दूसरे से अपनी दिल की बात कहने के लिए तड़प रहे थे। मैंने जब पारुल से पहली बार अपने दिल की बात कही तो मुझे काफी अच्छा लगा था मैंने जिस तरीके से अपने प्यार का इजहार किया। उसके बाद हम एक दूसरे से हर रोज मिलने लगे थे हमको बड़ा अच्छा लगता है जब भी  हम दोनों साथ में होते हैं और एक दूसरे के साथ टाइम स्पेंड करते है। हम दोनों का रिलेशन और भी गहरा होता जा रहा था मैं पारुल से शादी करने को तैयार था। मैंने पारुल से कहा कि मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं तो वह भी मुझे मना ना कर सकी और हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया था। जब हमने शादी करने का फैसला कर लिया था तो इस बात से किसी को भी कोई एतराज नहीं था। पारुल की फैमिली ने भी हम दोनों के रिलेशन को एक्सेप्ट कर लिया था और फिर हम दोनों की शादी हो गई।

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जब हम दोनों की शादी हो गई तो उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश है और मैं भी पारुल के साथ अब ज्यादा समय बिताने की कोशिश करता हूँ। हम दोनों एक दूसरे के साथ होते तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता है। एक दिन पारुल और मैं साथ में घूमने के लिए जाना चाहते थे उस दिन हम दोनों ने घूमने का प्लान बनाया उस दिन पहले तो हम शॉपिंग करने के लिए गए उसके बाद हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया। हम लोगों को घर लौटने में काफी देर हो चुकी थी पारुल और मुझे बड़ा अच्छा लगा था जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ उस दिन टाइम स्पेंड किया। पारुल बड़ी खुश थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था। एक दिन मैं अपने घर अपने काम से लौट रहा था उस दिन मेरी कार खराब हो गई जिस वजह से मुझे कुछ देर वहां रुकना पड़ा और मुझे अपनी कार ठीक करवानी पड़ी। उसके बाद मैं जब घर पहुंचा तो मुझे घर पहुंचने में काफी ज्यादा देर हो चुकी थी।

उस दिन पारुल ने मुझसे इस बारे में पूछा तो मैंने पारुल को बताया कि रास्ते में मेरी गाड़ी खराब हो गई थी जिस वजह से मुझे घर आने में देर हो गई। मैं और पारुल दूसरे के साथ बैठे हुए थे और कुछ देर हम लोगों ने बात की फिर पारुल ने मुझे कहा कि आप डिनर कर लीजिए। मैंने पारुल से कहा मैं अभी थोड़ी देर में डिनर कर लूंगा। पारुल ने मुझे कहा कि ठीक है और थोड़ी देर बाद पारुल और मैंने डिनर किया उसके बाद मैं और पारुल कुछ देर साथ में बैठे रहे। अगले दिन मुझे अपने किसी जरूरी काम से जाना था और मैं जब घर से निकला तो उस वक्त मुझे काफी ज्यादा देर हो चुकी थी रास्ते में काफी ज्यादा ट्रैफिक भी था इसलिए मुझे काफी ज्यादा देर भी हो चुकी थी। मुझे जिस काम के लिए जाना था मैं वहां पर समय पर नहीं पहुंच पाया उसके बाद मैं घर लौट आया था। जब मैं घर लौटा तो पारुल ने मुझे कहा कि आज आप घर जल्दी आ गए मैंने पारुल को कहा कि मुझे जिन से मिलना था वहां मैं समय पर नहीं पहुंच पाया इसी वजह से मैं घर जल्दी आ गया।

पारुल और मैं साथ मे बैठे थे हम दोनो बाते कर रहे थे। पारुल मुझे बोली मैं आपके लिए चाय ले आती हूं और पारुल मेरे लिए चाय ले आई। हम दोनो चाय पीते हुए एक दूसरे से बात कर रहे थे। अब चाय पीने के बाद हम दोनो ही उस दिन मूड मे थे। मैंने पारुल को अपनी गोद मे बैठा लिया और हम दोनो तडपने लगे थे। मैंने पारुल के होंठो को चूसा उसके गुलाबी होंठ मुझे पागल बना रहे थे और मेरी गर्मी मे इजाफा कर रहे थे। हमारे होंठ आपस मे टकरा रहे थे और हम दोनो तडप रहे थे। पारुल भी मेरे होठों को किस करने लगी थी और जब वह मेरे होंठो को चूमने लगी तो मैंने भी पारुल के होंठो से खून निकाल दिया था और उसके स्तनो को दबाना शुरु किया। मैंने पारुल को अपनी बांहो मे भर लिया और हम दोनो बेडरूम मे चले गए। मैं पारुल के ऊपर लेटा था और उसके होंठो को चूस रहा था। हम दोनों अब अपने आपको रोक नहीं पा रहे थे। मैंने पारुल के बदन से कपड़े उतार दिए थे। मैंने पारुल के स्तनो को दबाना शुरु किया और उसकी ब्रा को खोलकर उसकी स्तनो को चूसना शुरू किया।

मैंने उसके निप्पल को अपने मुंह मे ले लिया था और उनका रसपान करना शुरु किया। मैंने उसके निप्पल से दूध निकाल दिया था। वह मेरे लंड को मुंह मे लेने के लिए तडप रही थी। जब पारुल ने मेरे लंड को अपने मुंह में लिया तो मुझे मजा आने लगा वह मेरे लंड को चूसने लगी थी। जब वह मेरे लंड को गले तक लेने लगी तो मुझे मजा आने लगा था। पारुल ने मेरे लंड से पानी निकल दिया था। पारुल ने मेरे लंड को अपने मुंह से निकाला और वह मुझे बोली मेरी चूत को चाट लो। मैं भी पारुल की योनि को चाटने लगा और पारुल की चूत गिली हो चुकी थी।

पारुल की चूत का रसपान करना मुझे अच्छा लग रहा था। हम दोनों गरम होते चले गए थे। मैंने अब अपने लंड को पारुल की योनि पर लगाते हुए पारुल की चूत पर अपने लंड को रगडना शुरु किया तो पारुल की चूत से पानी निकलने लगा था। मैंने पारुल की चूत मे तेजी से लंड डाला वह चिल्लाकर बोली मेरी चूत मे दर्द हो रहा है। मैंने उसके पैरो को चौडा कर लिया। जब मैंने उसकी चूत के अंदर लंड डाला तो मुझे मजा आने लगा था और मेरा लंड पारुल की चूत के जड तक जा चुका था। मैं पारुल को तेजी से धक्के मार रहा था। मैंने पारुल के पैरों को अपने कंधो पर रख लिया था जिस से मुझे उसे चोदने मे मजा आ रहा था मेरा लंड आसानी से उसकी चूत मे घुस रहा था पारुल की आग बढ रही थी और मेरा वीर्य मेरे लंड तक आ चुका था जब मेरा वीर्य पारुल की चूत मे गिरा तो मुझे मजा आ गया था। पारुल की चूत से लंड निकालने पर मेरा माल उसकी चूत से टपक रहा था।


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