कंचन के साथ शारीरिक सम्बन्ध

Spread the love

[ A+ ] /[ A- ]

Font Size » Large | Small


Antarvasna, hindi sex story:

Kanchan ke sath shareerik sambandh मेरे लिए ट्रेन का सफर बड़ा ही यादगार रहा। उस दिन ट्रेन में मैं जब पहली बार कंचन को मिला तो मुझे कंचन से मिलकर बड़ा ही अच्छा लगा था। कंचन और मैं पहली बार ही एक दूसरे से मिले थे मेरा ट्रेन का सफर बड़ा ही अच्छा रहा। मेरी कंचन से ट्रेन में ही मुलाकात हुई थी और कंचन मेरे बिल्कुल सामने वाली सीट में बैठी हुई थी। पहले तो हम लोग एक दूसरे से बातें नहीं कर रहे थे लेकिन जब हम दोनों की एक दूसरे से बातें होने लगी तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगने लगा था। कंचन को बड़ा अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे। कंचन बड़ी ही बिंदास किस्म की है वह मुंबई से जयपुर का सफर कर रही थी मैं भी जयपुर काफी लंबे समय के बाद जा रहा था क्योंकि मुझे जयपुर में जरूरी काम था इसलिए मैं काफी लंबे समय के बाद जयपुर गया था।

जयपुर में मेरे भैया रहते हैं मैं उन्हीं से मिलने के लिए जा रहा था वह जयपुर में ही जॉब करते हैं। काफी लंबे समय के बाद मैं जब भैया से मिला तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा था। भैया को भी बड़ा अच्छा लगा था जिस तरीके से हम लोग एक दूसरे से मिले थे। एक दिन भैया और मैं जयपुर घूमने के लिए गए उस दिन मुझे कंचन मिली। यह भी इत्तेफाक था कंचन से मेरी मुलाकात हुई थी। कंचन से मिलकर मुझे बड़ा अच्छा लगा था कंचन से मेरी मुलाकात हुई तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा और कंचन को भी बहुत ज्यादा अच्छा लगा था जिस तरीके से हम दोनों की एक दूसरे से मुलाकात की थी। मैंने कंचन को भैया से मिलवाया भैया को कंचन से मिलकर अच्छा लगा था। कंचन ने उस दिन हम लोगों के साथ घूमने का फैसला किया था। उस दिन हम लोग काफी खुश थे मैं कंचन को मिला था कंचन ने हमारे साथ घूमने का फैसला किया था मुझे कुछ दिनों तक जयपुर में रहना था।

loading...

जब मैं मुंबई लौट तो कंचन का नंबर मेरे पास था इसलिए मेरी बात कंचन से फोन पर होती ही रहती थी। कंचन मुंबई में पढ़ाई करती थी अब कंचन की पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद वह जयपुर में ही रहने लगी थी हम दोनों की फोन पर बातें होती रहती थी। एक दिन कंचन ने मुझे बताया वह मुंबई आ रही है मैं भी इस बात से बड़ा खुश था मैंने कंचन से कहा तुम मुंबई कब आ रही हो। कंचन ने मुझे बताया वह जल्दी मुंबई आ रही है जब कंचन मुंबई मुझसे मिली तो मुझे बड़ा अच्छा लगा था और मैंने कंचन से पूछा क्या तुम मुंबई में ही रहने वाली हो? कंचन ने मुझे बताया वह मुंबई में ही रहने वाली है मैंने कंचन को कहा यह तो बड़ा ही अच्छा है तुम मुंबई में रहने वाली हो।

कंचन मुंबई में ही जॉब करने वाली थी जब कंचन ने मुझे बताया वह मुंबई में ही जॉब करने वाली है तो मैंने कंचन को कहा यह बड़ा ही अच्छा है। कंचन और मेरे बीच अभी सिर्फ दोस्ती ही थी लेकिन अब यह दोस्ती प्यार में बदलने लगी थी कंचन मुंबई में ही जॉब करने लगी थी मुझे बड़ा अच्छा लगता है जब भी कंचन और मैं एक दूसरे से मिला करते। हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता था। हम दोनों एक दूसरे के साथ बडे खुश होते। जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ में होते तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता था। मुझे भी बहुत अच्छा लगता और कंचन को भी बड़ा अच्छा लगता कंचन और मैं एक दूसरे के साथ रिलेशन में थे।

अब कंचन के साथ रिलेशन में मैं बहुत ही ज्यादा खुश था। कंचन और मेरे बीच बहुत ही अच्छा अंडरस्टैंडिंग है जिस वजह से हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं और एक दूसरे को हम दोनों काफी अच्छे से समझते हैं। यही वजह है कंचन और मैं एक दूसरे के साथ में बहुत खुश हैं और अपने रिलेशन को अच्छे से चला पा रहे हैं। एक दिन मैंने कंचन से कहा मैं चाहता हूं हम लोग आज शॉपिंग करने के लिए जाए। उस दिन कंचन और मेरी छुट्टी थी। हम दोनों सुबह के 10:00 बजे एक दूसरे को मिले जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो हम दोनों शॉपिंग करने के लिए चले गए। कंचन ने उस दिन काफी शॉपिंग की और हम दोनों ने उस दिन साथ में मूवी भी देखी और साथ में अच्छा समय हम दोनों ने बिताया। मुझे कंचन के साथ अच्छा समय बिता कर बड़ा अच्छा लगा हम लोग हम घर लौट आए थे। कंचन अपने चाचा जी के घर पर रहती है कंचन के चाचा जी मुंबई में ही काफी वर्षों से रहते हैं और कंचन उन्हीं के साथ रहती है।

loading...

कंचन और मेरा प्यारा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा था यही वजह थी हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पाते थे। जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को ही अच्छा लगता मैं चाहता था कंचन से मैं शादी कर लूं यह सब इतना आसान नहीं था मैं कंचन से शादी कर लूं क्योंकि कंचन की फैमिली शायद हम दोनों के रिश्ते को कभी भी स्वीकार नहीं करती। यही वजह थी कंचन ने जब मुझसे इस बारे में कहा तो मैंने भी कंचन से शादी का ख्याल अपने दिमाग से निकाल दिया था लेकिन उसके बाद भी हम दोनों का रिलेशन अच्छे से चल रहा था। मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी हम दोनों के जीवन में सब कुछ अच्छे से चल रहा है और हम दोनों की जिंदगी में बहुत ज्यादा खुशियां हैं। मैं और कंचन एक दूसरे के साथ में होते तो हम दोनों को एक दूसरे के साथ खुश थे। हम दोनों को बहुत ज्यादा अच्छा लगता जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ में टाइम स्पेंड करते और एक दूसरे के साथ होते। कंचन कुछ दिनों के लिए जयपुर चली गई थी जब वह जयपुर गई तो उससे मेरी बात सिर्फ फोन पर ही हो पा रही थी।

कंचन की फैमिली में कुछ ठीक नहीं चल रहा था क्योंकि कंचन के भैया और भाभी का डिवोर्स होने वाला था इस वजह से कंचन भी काफी ज्यादा परेशान थी। कंचन से मेरी फोन पर बात हो नही पाई थी। कंचन इस बात से बहुत ज्यादा परेशान थी कंचन के भैया और भाभी का डिवोर्स हो ही गया था जिसके बाद कंचन ने मुझे जब इस बारे में बताया तो मैंने कंचन से कहा तुम मुंबई वापस लौट आओ। कंचन मुंबई वापस नहीं लौटी थी कंचन ने अपने ऑफिस से रिजाइन भी दे दिया था। मैं चाहता था कंचन मुंबई वापस लौट आए लेकिन कंचन के परिवार को शायद कंचन की जरूरत थी इसलिए वह घर पर ही रहना चाहती थी। वह कुछ समय जयपुर में ही रही उसके बाद कंचन मुंबई लौट आई थी। कंचन की अब दूसरी कंपनी में जॉब लग चुकी थी। हम दोनों एक दूसरे को जब भी मिलते तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता था। कंचन मुंबई वापस आ गई थी। हम दोनों एक दूसरे को हर रोज मिला करते थे कंचन और मेरे बीच इससे पहले भी कई बार किस हो चुका था लेकिन हम दोनों के बीच कभी भी शारीरिक संबंध नहीं बन पाया था।

मैं चाहता था मैं कंचन के साथ शारीरिक संबंध बनांऊ। मैंने एक दिन कंचन मिलने के लिए बुलाया कंचन और मैं साथ में थे। जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो उस दिन कंचन और मैं एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तड़प रहे थे। कंचन मेरे बगल में बैठी हुई थी मैं कंचन के नरम होठों को चूसने लगा था उसके होठों को चूम कर मुझे मजा आने लगा था। कंचन को बड़ा मजा आ रहा था वह जिस तरीके से मेरा साथ दे रही थी। हम दोनों इतने ज्यादा तड़पने लगे थे मैंने कंचन के स्तनों का रसपान करना शुरू कर दिया था। कंचन ने अपने लंड को पकड़ लिया था वह मेरे लंड को दबाने लगी थी अब मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने कंचन से कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है कंचन भी बिल्कुल नहीं रह पा रही थी उसने मेरी पैंट की चैन को खोलते हुए मेरे लंड को बाहर निकालत दिया था। वह अपने मुंह में मेरे लंड लेकर उसे सकिंग करने लगी थी। वह जिस तरीके से मेरे लंड को सकिंग करने लगी थी उससे मुझे मजा आने लगा था और कंचन को भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे मैंने कंचन के कपड़ों को खोलते हुए उसके स्तनों को चूसना शुरू किया और उसके निप्पल को मैं जिस तरीके से चूस रहा था उससे वह बहुत गर्म होती जा रही थी।

वह मुझे कहने लगी मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी है। कंचन भी तडपने लगी थी मैंने कंचन की पैंटी को उतार कर उसकी चूत को सहलाना शुरू किया उसकी चूत मैंने उसकी चूत से पूरी तरीके से पानी निकाल दिया था। मैंने उसको कहा मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा हूं मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था। मैंने कंचन की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया मेरा लंड कंचन की चूत मे गया तो वह चिल्लाई और मुझे बोली मेरी चूत में दर्द होने लगा है। अब मुझे बड़ा मजा आने लगा था। कंचन की चूत से पानी अधिक मात्रा में निकलने लगा था मैं उसे तेज गति से धक्के मारने लगा था। उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी निकलने लगा था मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया था और उसे तेजी से धक्के मारने लगा था। कंचन को मुझे धक्के मारने में मजा आ रहा था कंचन भी मेरा पूरा साथ दे रही थी मैंने देखा कंचन की चूत से खून भी निकलने लगा है। यह पहली ही बार था जब हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाए थे हम दोनों को बड़ा ही मजा आया जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे का साथ दिया था। मैंने अपने वीर्य को कंचन की चूत में गिरा दिया था।


Comments are closed.


Spread the love