रिया ने मेरे मोटे लंड को हिलाया

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Antarvasna, kamukta:

Riya ne mere mote lund ko hilaya मैं पिछले कुछ महीनों से काफी ज्यादा परेशान था मेरी परेशानी का कारण सिर्फ यही था कि मेरी नौकरी छूट चुकी थी। मेरी नौकरी छूट जाने के बाद मैं 3 महीनों से घर पर ही था मेरी तबीयत भी ठीक नहीं थी लेकिन मैं बहुत ज्यादा परेशान रहने लगा था जिस कारण पापा और मम्मी मुझे कई बार कहते कि तुम अपने मामा जी के पास चले जाओ। मेरे मामा जी बड़े बिजनेसमैन हैं और वह दिल्ली में अपना कारोबार चलाते हैं लेकिन मैं मामाजी के पास अभी तक नहीं गया था। एक दिन मामा जी हमारे घर जयपुर आए हुए थे जब वह हमारे घर आए तो उन्होंने मुझसे कहा कि राकेश बेटा तुम मेरे साथ ही आ जाते तो अच्छा रहता। मैंने उन्हें कहा कि लेकिन मामा जी मैं आपके साथ आकर क्या करूंगा परंतु मामाजी की जिद के आगे मेरी एक ना चली और मुझे कुछ दिनों के लिए उनके साथ दिल्ली जाना पड़ा।

मैं मामाजी के घर पर ही रह रहा था और मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि मैं मामाजी के साथ अब काम करने लगा था। मैं मामाजी के साथ काम करने लगा था इसलिए मैं कुछ समय उनके साथ रहा और फिर मैं अलग रहने लगा। मैं अलग रहने लगा था लेकिन मैं अपना काम बखूबी निभा रहा था जिससे कि मामा जी भी बड़े खुश थे और वह मुझे कहते कि बेटा तुम बहुत ही अच्छे से काम कर रहे हो। मामा जी मेरी मेहनत से काफी ज्यादा खुश थे। मुझे अपने घर गए हुए भी काफी समय हो चुका था तो मैंने सोचा कि क्यों ना मैं अपने घर जयपुर कुछ दिनों के लिए चला जाऊं। मैंने जब इस बारे में मामा जी से बात की तो उन्होंने मुझे कहा कि बेटा अगर तुम्हें लगता है तुम्हें कुछ दिनों के लिए घर जाना चाहिए तो तुम कुछ दिनों के लिए घर चले जाओ। मामा जी को इससे कोई एतराज नहीं था और मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर चला गया था। जब मैं घर गया तो पापा मम्मी बड़े खुश हुए उनसे काफी दिनों के बाद मैं मिला था और कुछ दिनों तक मैं घर पर ही था। एक दिन मेरा दोस्त निखिल घर पर आया और वह मुझे कहने लगा कि आज हम लोग कहीं घूम आते हैं।

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उस दिन हम दोनों अपने कुछ पुराने दोस्तों से मिलने के लिए चले गए। जब मैं अपने कुछ पुराने दोस्तों से मिला तो मुझे बड़ा अच्छा लगा और उन लोगों को भी बहुत अच्छा लगा था। मैं उनसे काफी समय के बाद मिल रहा था मुझे अपने दोस्तों से मिलकर अच्छा लगा और उसके बाद मैं घर लौट आया था। जब मैं घर लौटा तो मुझे घर लौटने में काफी देर हो चुकी थी। पापा और मम्मी ने कहा कि बेटा तुम खाना खा लो लेकिन मेरा खाना खाने का बिल्कुल मन नहीं था क्योंकि दोस्तों के साथ मैंने बाहर ही उस दिन डिनर कर लिया था इसलिए मैंने उस रात खाना नहीं खाया और मैं अपने रूम में चला गया। थोड़े ही दिनों बाद मैं दिल्ली वापस लौट आया। जब मैं दिल्ली वापस लौटा तो  मैं अपने काम पर पूरी तरीके से ध्यान देने लगा और अपना काम करने लगा। मैं बड़ा खुश था जिस तरीके से मैं मामाजी के काम को संभाल रहा था और मामा जी मुझ पर बहुत ज्यादा भरोसा भी करते है। मैं भी मामाजी के भरोसे पर खरा उतरा और मामा जी हमेशा ही मुझे कहते कि बेटा तुम बहुत मेहनत से काम करते हो। दिल्ली में भी मेरी दोस्ती होने लगी थी इसलिए मैं एक दिन अपने दोस्त सुरेश के साथ मूवी देखने के लिए चला गया। मूवी देखने के बाद उस दिन जब हम लोग वापस लौट रहे थे तो हमे रिया मिली।

मैं जिस कॉलोनी में रहता हूं उसी कॉलोनी में रिया रहा करती है, रिया से मेरी कभी बात नहीं हुई थी। उस दिन जब मैं सुरेश के साथ था तो सुरेश ने रिया से बात की क्योंकि वह रिया को काफी समय से जानता है और यह पहली बार ही था जब सुरेश ने मेरी मुलाकात रिया से करवाई थी। पहली बार मैंने रिया से बातें की थी मुझे उससे बातें करके अच्छा लगा और रिया को भी काफी अच्छा लगा था। उस दिन के बाद हम लोग एक दूसरे से बातें करने लगे थे मुझे रिया से बातें कर के बड़ा अच्छा लगता और रिया को भी बहुत ही अच्छा लगता। हालांकि हम दोनों एक दूसरे से ज्यादा तो नहीं मिल पाते थे लेकिन जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हमें बड़ा ही अच्छा लगता। रिया और मेरे बीच काफी अच्छी दोस्ती होने लगी थी और रिया से जब भी मैं मिलता तो मैं बहुत ही खुश होता और रिया भी बड़ी खुश रहती थी। एक दिन मैंने रिया को अपने साथ कॉफी पर चलने के लिए कहा तो रिया मेरे साथ हमारी ही सोसाइटी के बाहर पर एक कॉफी शॉप है वहां पर आ गई।

हम दोनों वहां बैठे हुए थे और एक दूसरे से बातें कर रहे थे मैं रिया के बारे में ज्यादा तो नहीं जानता था लेकिन उस दिन रिया ने मुझसे अपनी फैमिली के बारे में बताया। मुझे बड़ा अच्छा लगा जब मैंने रिया से उस दिन बातें की रिया और मैं एक दूसरे से बातें कर के बड़े खुश थे। मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैं और रिया एक दूसरे के इतने करीब आ गए कि हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी नहीं रह पाते थे। रिया ने मुझे पहली बार अपने घर पर डिनर के लिए इनवाइट किया तो मैं रिया के घर पर डिनर के लिए चला गया। जब मैं रिया के घर पर डिनर के लिए गया तो मुझे काफी अच्छा लगा और रिया को भी बहुत अच्छा लगा था। जब मैं उसके परिवार से पहली बार मिला तो रिया की फैमिली से मिलकर मुझे बहुत ही खुशी हुई थी। जिस तरीके से मैं रिया के परिवार को पहली बार मिला था उससे मैं बड़ा ही खुश था।

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उस दिन के बाद रिया के घर पर भी मैं अक्सर जाया करता था क्योंकि रिया मेरी ही कॉलोनी में रहती है इसलिए मैं उसके घर पर चला जाया करता था और रिया भी मुझसे मिलने के लिए कई बार आ जाया करती थी। मैं अपने काम से काफी खुश हूं और मेरी जिंदगी अब अच्छे से चलने लगी है मेरी जिंदगी में रिया भी आ चुकी है। रिया के मेरी लाइफ में आने से मेरी जिंदगी में काफी परिवर्तन भी आ चुका है और मैं काफी खुश हूं। जिस तरीके से मैं और रिया एक दूसरे के साथ होते हैं उससे हम दोनों को बड़ा अच्छा लगता है। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही खुश हैं एक दूसरे के साथ हम लोग बड़े अच्छे तरीके से अपने जीवन को बिता रहे हैं। मेरे और रिया के बीच बहुत ज्यादा प्यार है और हम दोनों अब अपनी जिंदगी में काफी आगे बढ़ चुके हैं।

रिया मुझसे अक्सर कहती हम लोगों को शादी कर लेनी चाहिए लेकिन अभी मैं रिया से शादी करने के लिए तैयार नहीं हूं। रिया मुझसे मिलने के लिए अक्सर मेरे घर पर आ ही जाती थी। एक दिन रिया और मैं साथ में बैठे हुए थे इससे पहले हम दोनों के बीच ना जाने कितनी बार किस हो चुका था और मैंने रिया के बदन को महसूस करने की भी कोशिश की थी लेकिन हम दोनों के बीच कभी पूरी तरीके से शारीरिक संबंध बन नहीं पाए थे। यह पहली बार ही था जब मैं रिया के होठों को चूम रहा था वह पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी। मैंने रिया के बदन से धीरे-धीरे कर के उसके कपड़ों को उताराना शुरू किया तो वह भी उत्तेजित होने लगी। उसकी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। ना तो मैं अपने आपको रोक पाया और ना ही रिया अपने आप पर काबू कर पा रही थी। हम दोनों की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो रिया ने उसे अपने हाथों में ले लिया और मेरे लंड को सहलाने लगी। जब वह मेरे लंड को हिला रही थी तो मुझे मजा आने लगा था और रिया को भी बड़ा मजा आ रहा था।

वह जिस तरीके से मेरे मोटे लंड को हिला रही थी उस से मेरी गर्मी बढ़ाती जा रही थी। रिया ने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने रिया से कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है रिया ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे चूसना शुरू किया। रिया भी उत्तेजित हो चुकी थी इसलिए वह मेरे लंड को अपने गले तक लेकर उसे बड़े अच्छे तरीके से चूसने लगी थी। मेरी गर्मी बढ़ाने लगी थी। वह पूरी तरीके से मेरी गर्मी को बढ़ा चुके थी मेरी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी मैं बिल्कुल रह नहीं पाया और मैंने रिया की चूत को चाटने के बाद उसकी योनि को पूरी तरीके से गिला कर दिया था जिससे कि रिया भी मचलने लगी थी। मैंने उसकी चूत में अपने लंड को घुसा दिया था। मेरा लंड रिया की चूत में जाते ही वह जोर से चिल्लाई और बोली मेरी योनि में तुम्हारा लंड  चला गया है।

वह मुझे कहने लगी मुझे मजा आने लगा है अब मुझे भी काफी मज़ा आने लगा था जिस तरीके से मै और रिया एक दूसरे का साथ दे रहे थे। मैं रिया को तेज गति से धक्के दिए जा रहा था और रिया पूरी तरीके से मजे में आ गई थी। मेरा लंड रिया की चूत के अंदर जाता तो उसकी योनि से खून की पिचकारी बाहर निकल आती और वह उत्तेजित होती जा रही थी। हम दोनों की गर्मी बढ़ती जा रही थी अब मैं अपने आप पर बिल्कुल भी काबू नहीं कर पा रहा था। ना तो रिया अपने आप पर काबू कर पा रही थी और ना ही मैं अपने आप पर काबू कर पा रहा था इसी वजह से मैंने जब रिया की चूत में अपने माल को गिराया तो रिया खुश हो गई। वह मुझसे लिपटकर बोली आई लव यू। रिया के चेहरे पर एक अलग ही खुशी थी उसकी चूत मारने में मुझे मजा आया था। वह बहुत ज्यादा खुश थी और मैं भी काफी खुश था उस दिन के बाद हम दोनों के बीच ना जाने कितनी बार शारीरिक संबंध बने और हम दोनों एक दूसरे को पूरी तरीके से संतुष्ट करने की कोशिश किया करते है।


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