निकिता की चूत से खून

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Antarvasna, hindi sex kahani:

Nikita ki chut se khoon se khoon आकाश मुझसे मिलने के लिए घर पर आया और जब आकाश मुझसे मिला तो आकाश ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए अपने मामा जी के घर जा रहा है। मैंने आकाश को कहा कि तुम वहां से वापस कब लौट आओगे तो आकाश ने मुझे कहा कि वहां से मैं जल्द ही वापस लौट आऊंगा। मैंने आकाश को जब इस बारे में पूछा कि क्या वह किसी जरूरी काम से अपने मामा जी के घर जा रहा है तो आकाश ने मुझे बताया कि उसके मामा जी के बेटे की शादी है इसलिए वह उनकी शादी के लिए लखनऊ जा रहा है। आकाश मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त है और हम दोनों की दोस्ती कॉलेज के दौरान ही हुई। हम दोनों का कॉलेज का यह आखिरी वर्ष है और आकाश अक्सर मुझसे मिलने के लिए घर पर आ जाया करता है या फिर मैं आकाश के घर उससे मिलने के लिए चला जाया करता हूं।

आकाश अपने मामा जी के घर चला गया था और मैं कुछ दिनों तक अपने घर पर ही था। हमारे कॉलेज की छुट्टी थी इसलिए मैं घर पर अकेले बोर हो रहा था तो मैंने जब पापा से इस बारे में कहा कि क्या हम लोग कहीं घूमने का प्लान बनाए तो पापा ने भी मुझसे कहा कि हम लोग जयपुर जा सकते हैं। पापा मेरी बात मान चुके थे और अब हम लोगों ने जयपुर जाने का फैसला कर लिया था और हम लोग जयपुर चले गए। हमारी पूरी फैमिली जयपुर चली गई हम लोग वहां पर कुछ दिनों तक रहे और हम लोगों ने खूब इंजॉय किया। जब हम लोग जयपुर में थे तो मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि पापा मेरी बात मान गए और हम लोग जयपुर घूमने के लिए आ गए। वहां से जब हम लोग वापस अहमदाबाद लौटे तो तब तक आकाश भी वापस लौट चुका था। आकाश मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त है इसलिए मैं उससे हर एक बातें शेयर किया करता हूं। समय बीता जा रहा था और हम लोगों के कॉलेज के एग्जाम भी आ चुके थे।

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कॉलेज के एग्जाम पूरे हो जाने के बाद अब हमारे ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और उसके बाद मैं अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई अहमदाबाद से ही करना चाहता था लेकिन पापा चाहते थे कि मैं मुंबई अपने चाचा जी के साथ चला जाऊं। मैंने उन्हें मना किया लेकिन अब मैं पापा की बात को भला कैसे टाल सकता था और मैं मुंबई अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए चला गया। मैं मुंबई गया तो मेरे लिए शुरुआती दिन कुछ ठीक नहीं थे और मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था। मैं अपने घर से दूर था और मुंबई में मेरे कोई दोस्त भी नहीं थे इसलिए मुझे बिल्कुल भी ठीक नहीं लग रहा था लेकिन समय बीतने के साथ साथ कॉलेज में मेरी दोस्ती भी होने लगी थी। कॉलेज के दौरान ही मेरी दोस्ती निकिता से हुई जब निकिता से मेरी दोस्ती हुई तो मुझे निकिता का साथ अच्छा लगने लगा। निकिता मेरे सबसे ज्यादा करीब थी और वह मुझे बहुत ही अच्छे से समझती।

मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि निकिता और मैं एक दूसरे के साथ समय बिताया करते हैं। मुझे जब भी अकेला महसूस होता तो मैं निकिता से अपनी बातों को शेयर कर लिया करता और निकिता को भी इस बात की बड़ी खुशी थी। वह मेरे साथ में समय बिताया करती तो वह भी बहुत खुश होती। हम दोनों एक दूसरे के साथ जब भी होते तो हम दोनों को ही बहुत अच्छा लगता। हम दोनों की दोस्ती धीरे धीरे प्यार में भी बदलने लगी थी मैं जब भी अकेला होता तो मुझे लगता कि मुझे निकिता की जरूरत है और निकिता को भी यही लगता था इसलिए वह मेरे करीब आती जा रही थी। मुझे भी इस बात की बड़ी खुशी थी कि निकिता और मैं एक दूसरे के काफी करीब आ चुके हैं। हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे थे और एक दूसरे के बिना हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पाते थे। मैं निकिता के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पाता था और ना ही निकिता मेरे बिना रह पाती थी इसलिए हम दोनों को इस बात की बड़ी खुशी थी कि हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में हैं और अपने रिलेशन को हम लोग बहुत ही अच्छे से चला रहे थे।

जब भी मैं निकिता से नहीं मिलता तो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता निकिता मेरी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुकी थी। मेरे कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद मैंने मुंबई में ही नौकरी करने का फैसला किया और मैं मुंबई में ही जॉब करने लगा था। मैं मुंबई में नौकरी करने लगा था इसलिए मैं चाहता था कि मैं अलग रहूं। अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैं अलग रहना चाहता था और मैंने अब अलग रहने का फैसला कर लिया था। मैं इतने समय से चाचा जी के साथ ही रह रहा था लेकिन अब मैं अलग रहने लगा था जिससे कि मैं अपनी जिंदगी को अब अच्छी तरीके से जी रहा था। मुझे जब भी निकिता से मिलना होता तो मैं निकिता से मिल लिया करता और मुझे निकिता का साथ बहुत ही अच्छा लगता। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हैं और एक दूसरे को हम लोग बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। समय बीतने के साथ हमारा प्यार और भी ज्यादा गहरा होता जा रहा था और निकिता अक्सर मुझसे मिलने के लिए मेरे फ्लैट पर आ जाया करती थी।

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जब भी वह मुझसे मिलने के लिए आती तो मुझे बहुत अच्छा लगता और उसे भी काफी अच्छा लगता कि वह मेंरे साथ में अच्छा समय बिता पा रही है। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही खुश हैं और जिस तरीके से हमारी जिंदगी एक दूसरे के साथ चल रही है उससे मुझे बड़ा ही अच्छा लगता है। एक दिन मैं और निकिता कॉफी शॉप में बैठे हुए थे तो उस दिन निकिता ने मुझसे कहा कि आज मैं तुम्हें किसी से मिलाना चाहती हूं। निकिता ने जब मुझे यह बात कही तो मैं थोड़ा घबरा गया था कि निकिता मुझे किससे मिलाना चाहती है। निकिता मुझसे अपनी हर एक बातों को शेयर किया करती थी और यह पहली बार ही था जब निकिता मुझे किसी से मिलाना चाहती थी। निकिता ने मुझे उस दिन अपने बड़े भैया से मिलवाया मुझे लगा कि शायद उन्हें मुझसे मिलकर ठीक नहीं लगेगा लेकिन वह मुझसे मिलकर काफी खुश थे। मुझे इस बात की खुशी थी कि निकिता के भैया को भी अब इस बारे में पता चल चुका था कि हम दोनों का रिलेशन चल रहा है और हम दोनों एक दूसरे को प्यार करते हैं।

मेरे लिए तो यह बहुत ही खुशी का पल था कि निकिता के परिवार से अब मैं मिलने लगा था और वह मुझसे मिलकर बहुत ही ज्यादा खुश थे। जब भी वह लोग मुझसे मुलाकात करते या फिर मैं उनसे मिलता तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगता। मैंने निकिता को एक दिन घर पर बुलाया। जब वह घर पर आई तो हम दोनों साथ में बैठे हुए बातें कर रहे थ। मुझे निकिता से बात कर के बहुत ही अच्छा लग रहा था। वह बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे। जब मैंने अपने हाथ को निकिता की हाथ पर रखा तो वह मचलने लगी। वह बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। ना ही निकिता अपने आपको रोक पा रही थी। मैंने निकिता से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैं और निकिता एक दूसरे की गर्मी को बिल्कुल भी झेल नहीं पा रहे थे। इससे पहले भी हम दोनों के बीच मे किस हुआ था लेकिन यह पहली बार ही था जब मैंने निकिता के होठों को किस किया और उसकी गर्मी को इतना बढ़ा दिया की वह अपने कपड़े खोल चुकी थी।

वह पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी अब मैं भी बहुत ज्यादा गर्म हो चुका था। मैं जिस तरीके से निकिता की गर्मी को बढा रहा था उससे हम दोनों रह नहीं पा रहे थे। जब मैंने निकिता से कहा मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा है तो निकिता ने मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया और वह मेरे लंड को अपने हाथों से हिलाकर मेरी गर्मी को और भी ज्यादा बढ़ा रही थी। वह मेरी गर्मी को इतना बढा चुकी थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाया और ना ही निकिता अपने आपको रोक पाई। मेरे मोटे लंड से पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा था। मैंने निकिता से कहा मैं पूरी तरीके से गर्म हो चुकी हूं। मैंने निकिता के स्तनों को चूसना शुरु किया। वह अब इतनी गर्म हो गई वह मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत में अपने लंड को घुसा दो। मैंने निकिता की चूत में लंड को लगाया। मैंने जैसे ही अपने मोटे लंड को निकिता की चूत के अंदर घुसाया तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और मुझे बोली मेरी योनि में बहुत ज्यादा दर्द होने लगा है।

मैंने देखा निकिता की चूत से खून बाहर की तरफ को निकल चुका था वह बहुत जोर से सिसकारियां लेकर मेरी गर्मी को बढाए जा रही थी। निकिता की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने निकिता से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। निकिता ने जब अपने पैरों को चौड़ा किया तो मेरा लंड निकिता की चूत मे जा रहा था जिससे मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। निकिता को भी मजा आ रहा था वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। मैंने थोड़ी देर तक उसे अपने नीचे लेटा कर चोदा तो उसे मजा आ रहा था। मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो उसे मजा आने लगा वह भी बहुत ज्यादा गर्म होने लगी थी। वह गर्म हो गई थी। हम दोनों पूरी तरीके से खुश हो चुके थे। जब मेरे वीर्य की पिचकारी गिरी मुझे बड़ा ही मजा आया था।


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