कोमल को खुश कर दिया

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Antarvasna, hindi sex kahani:

Komal ko khush kar diya राजेश मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आया हुआ था तो मैंने राजेश को कहा कि तुम काफी दिनों से घर पर नहीं थे। वह मुझे कहने लगा कि हां मैं अपने काम के सिलसिले में कोलकाता गया हुआ था और मैं वहां से आज सुबह ही लौटा तो सोचा कि तुमसे मुलाकात करूं। उस दिन रविवार का दिन था तो हम दोनों एक दूसरे को मिले और हम दोनों को काफी अच्छा लगा जब उस दिन मेरी मुलाकात राजेश के साथ हुई।  हम लोगों की मुलाकात काफी लंबे अंतराल के बाद हो रही थी और हम दोनों को काफी अच्छा लगा जब हम दोनों ने उस दिन मुलाकात की। मैं और राजेश एक दूसरे को पिछले 5 सालों से जानते हैं राजेश हमारे पड़ोस में ही रहता है और उससे मेरी पहली बार मुलाकात मेरे दोस्त मनीष ने करवाई थी।

जब मुझे मनीष ने राजेश से मिलवाया तो राजेश से मेरी काफी अच्छी दोस्ती होने लगी थी। मुझे यह बात नहीं मालूम थी कि वह हमारे पड़ोस में ही रहता है लेकिन जब मुझे इस बारे में पता चला तो उसके बाद हम दोनों की दोस्ती और भी गहरी हो गई। राजेश और मैं उस दिन एक दूसरे के साथ काफी देर तक बैठे रहे फिर वह चला गया। जब राजेश गया तो उसके बाद मैं अपने परिवार के साथ रात का डिनर करने के लिए गया। अपने परिवार के साथ समय बिताकर मुझे काफी अच्छा लगा और जब उस दिन हम लोग वहां से वापस लौट रहे थे तो रास्ते में हमे पापा के दोस्त मिले जिनका नाम सुभाष है। सुभाष अंकल से मैं पहली बार ही मिला था और उनसे मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा। हम लोग घर वापस लौट आए थे और जब हम लोग घर वापस लौटे तो काफी देर हो चुकी थी। मैं अपने रूम में गया और मुझे काफी गहरी नींद भी आ रही थी तो मैं सो गया।

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उसके अगले दिन मैं अपने ऑफिस के लिए तैयार हुआ और मां ने मेरे लिए नाश्ता बनाया। मां मेरे लिए नाश्ता बना चुकी थी उस वक्त 8:30 बज रहे थे और मैं तैयार होकर अपने ऑफिस के लिए निकल गया। जब मैं अपने ऑफिस पहुंचा तो मैं उस दिन काफी ज्यादा बिजी था इसलिए मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाया था। मैंने उस दिन लंच भी नहीं किया और जब मैं घर पहुंचा तो मां ने मुझसे कहा कि बेटा तुमने आज लंच भी नहीं किया। मैंने मां को कहा कि मां मेरा लंच करने का मन नहीं था। हर रोज की तरह मैं अपने ऑफिस जाता और शाम को घर लौट आता मेरी जिंदगी में कुछ भी नया नहीं था लेकिन मेरी जिंदगी में जब से कोमल ने कदम रखा तब से मेरे जीवन में काफी कुछ बदलाव आने लगे थे। कोमल को मैं अक्सर मिलने की कोशिश किया करता और हम दोनों ज्यादा से ज्यादा समय साथ में बिताने की कोशिश किया करते।

मुझे कोमल के साथ समय बिताना काफी अच्छा लगता वह मुझे बहुत ही अच्छा से समझती और मैं भी कोमल को काफी अच्छे से समझने लगा था। यही वजह थी कि हम दोनों के बीच और भी ज्यादा नजदीकियां बढ़ती जा रही थी और अब हम दोनों एक दूसरे के काफी करीब आ चुके थे लेकिन मुझे यह बात नहीं मालूम थी कि कोमल मेरी दीदी को पहले से ही जानती है। कोमल और मैं एक दूसरे के काफी नजदीक आ चुके थे और हम दोनों एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करने लगे थे। मैं कोमल के साथ बहुत ही ज्यादा खुश था और हम दोनों का रिलेशन काफी अच्छे से चल रहा है। हम दोनों एक दूसरे को हर रोज मिलते हैं और यदि हम दोनों एक दूसरे को मिलते हैं तो हम दोनों साथ में अच्छा समय बिताया करते है। एक दिन मैं दीदी से मिलने के लिए उनके घर पर गया हुआ था। दीदी की शादी को तीन वर्ष हो चुके हैं और जब मैं दीदी को मिला तो उस दिन दीदी ने मुझसे मेरे और कोमल के रिश्ते के बारे में पूछा।

उन्हें अब इस बारे में पता था कि हम दोनों के बीच कुछ तो चल रहा है इसलिए उन्होंने मुझसे कोमल के बारे में पूछा तो मैंने भी उस दिन दीदी को अपने और कोमल के रिश्ते के बारे में बता दिया। उन्हें इस बारे में मालूम चल चुका था तो वह मुझे कहने लगी कि क्या तुम दोनों शादी करना चाहते हो तो मैंने दीदी से कहा कि हां दीदी मुझे कोमल काफी पसंद है और मैं कोमल के साथ शादी करना चाहता हूं। उस दिन मैंने दीदी को अपने रिश्ते के बारे में बता दिया था इसलिए दीदी ने पापा और मम्मी से भी इस बारे में बात की तो उन लोगों ने कोमल से मिलने की इच्छा जाहिर की। मैंने जब कोमल से इस बारे में बात की तो कोमल भी मेरी बात मान गई और वह पापा और मम्मी से मिलने के लिए तैयार हो चुकी थी। कोमल जब पापा मम्मी को मिली तो उन लोगों को काफी अच्छा लगा और उन लोगों ने कोमल को पहली नजर में ही पसंद कर लिया था और वह उसे अपनी बहू बनाना चाहते थे।

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मेरे लिए तो यह बड़ी खुशी की बात थी और कोमल के लिए भी यह काफी खुशी की बात थी कि वह और मैं अपने रिलेशन को आगे बढ़ाना वाले थे। कोमल की फैमिली भी हम दोनों के रिश्ते को स्वीकार कर चुकी थी और हम दोनों अब एक दूसरे से शादी करने के लिए तैयार थे। जब हम दोनों की शादी हो गई तो उसके बाद हमारे जीवन में काफी बदलाव आने लगा और कोमल घर की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाने लगी। कोमल ने अपने ऑफिस से रिजाइन दे दिया था जिसके बाद वह घर की सारी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही थी और मैं इस बात से बड़ा खुश था कि वह सारी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभा पा रही है। सब कुछ हमारे जीवन में अच्छे से चल रहा था मैं और कोमल एक दूसरे को समय देने की कोशिश किया करते।

हमारी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था और मैं काफी खुश था कि कोमल के मेरे जीवन में आने से सब कुछ बड़ा ही अच्छा चल रहा है और हम दोनों की जिंदगी में काफी बदलाव आ चुका था। एक दिन मैं और कोमल साथ में थे उस दिन जब हम दोनों साथ में थे तो कोमल ने मुझसे कहा कि आज आपकी ऑफिस की छुट्टी है तो क्यों ना हम लोग आज कहीं घूमने के लिए जाएं। मैंने कोमल से कहा कि ठीक है हम लोग आज कहीं घूमने का प्रोग्राम बनाते हैं। हम दोनों उस दिन साथ में ही शॉपिंग करने के लिए गए और उसके बाद हम लोग वहां से वापस लौट आये। हम दोनों ने उस दिन काफी इंजॉय किया और बाहर से ही हम दोनों ने डिनर भी कर लिया था।

जब हम लोग घर पहुंचे तो उस वक्त रात के करीब 10:00 बज रहे थे और कोमल और मैं घर में एक दूसरे के साथ बैठकर बातें कर रहे थे तो मुझे भी अच्छा लग रहा था। कोमल ने मुझसे कहा कि वह दोबारा से जॉब करना चाहती है मैंने भी कोमल से कहा कि अगर तुम्हें लगता है कि तुम्हें दोबारा जॉब करनी है तो तुम जॉब कर सकती हो मुझे इसमें कोई एतराज नहीं है। हम दोनों की एक दूसरे से बातें हो रही थी तो हम दोनों को ही अच्छा लग रहा था। कोमल और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे।  उस दिन कोमल और मैंने सेक्स करने का फैसला किया। हम दोनों एक दूसरे के लिए तड़पने लगे थे। मैंने कोमल के गुलाबी होठों पर अपने होंठो को लगाकर उसके होंठों का रसपान करना शुरू किया तो वह मचलने लगी। कोमल और मेरी गर्मी पूरी तरीके से बढ चुकी थी। वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मैंने कोमल से कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है। अब हम दोनों एक दूसरे से अपने होठों को टकरा रहे थे। हमारी गर्मी बढ़ती जा रही थी मैंने जैसे ही कोमल के कपड़ों को खोल कर उसके स्तनों का रसपान करना शुरू किया तो वह मचल उठी और कहने लगी मेरी गर्मी बढ रही है।

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मैं और कोमल पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी मैंने कोमल से कहा तुम मेरे लंड को चूसो। वह मेरे लंड को सकिंग करने लगी। मुझे अच्छा लगा वह जिस तरह से मेरे लंड को चूस कर मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था और कोमल को भी बड़ा मजा आ रहा था वह जिस तरह मेरा साथ दे रही थी। अब मैं बिल्कुल भी रह ना सका मैंने कोमल से कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है। कोमल और मैं एक दूसरे के साथ सेक्स का जमकर मजा ले रहे थे।

जब मैंने कोमल की चूत पर अपने लंड को घुसाया तो वह अपने पैरों को चौड़ा करने लगी। अब वह मुझे कहने लगी मुझे और तेजी से चोदो। उसकी चूत से पानी निकल रहा था मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के दिए जा रहा था। मेरे धक्कों में और भी तेजी आती जा रही थी। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे उससे मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और कोमल भी बहुत ज्यादा खुश थी। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा दिया था। मैंने कोमल से कहा मुझे बहुत मजा आने लगा है। कोमल मुझे कहने लगी मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है। कोमल बिल्कुल रह ना पाई। वह अपने पैरों के बीच में मुझे जकड़ने की कोशिश करने लगी। वह जिस तरीके से मुझे अपने पैरों के बीच में जकड रही थी उससे मैं काफी खुश था। वह भी बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से उसने मेरा साथ दिया। मैंने अपने वीर्य को कोमल की चूत में गिराकर उसकी गर्मी को शांत कर दिया था। वह बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से मैंने उसके साथ में सेक्स के मजे लिए थे और उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के बाहों में सो गए।


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