उसने कहा मुझे फिर से चोदो

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Antarvasna, hindi sex story:

Usne kaha mujhe fir se chodo मेरी पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद मैं लखनऊ आ गया था। मैं बिहार के छोटे से गांव का रहने वाला हूं और मैंने पटना से अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की उसके बाद मैं नौकरी की तलाश में लखनऊ आ गया। लखनऊ में ही मेरे भैया रहते हैं और उन्हीं के साथ मैं रहने लगा। मुझे लखनऊ में रहते हुए एक ही महीना हुआ था और मेरी एक अच्छी कंपनी में नौकरी लग गई थी। मैं अपनी नौकरी से बहुत ज्यादा खुश हूं और जिस तरीके से मेरी जिंदगी चल रही थी उससे मैं काफी ज्यादा खुश था। मेरे जीवन में जब कंचन ने कदम रखा तो मेरी जिंदगी बहुत ही अच्छे से चल रही थी। हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे लेकिन जब कंचन का व्यवहार मेरे प्रति बदलने लगा तो मुझे भी कुछ समझ नहीं आया कि आखिर कंचन का व्यवहार क्यों मेरे प्रति इतना बदल रहा है।

मुझे लगने लगा था कि कंचन और मैं शायद एक दूसरे के साथ नहीं रह सकते इसलिए मैंने कंचन से अलग होने का फैसला कर लिया था और हम दोनों एक दूसरे से अलग हो चुके थे। कंचन मुझसे अलग हो चुकी थी और वह मेरे संपर्क में नहीं थी मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था और कहीं ना कहीं मैं मानसिक रूप से भी काफी ज्यादा परेशान था जिस वजह से मुझे लग रहा था शायद कुछ भी मेरे जीवन में ठीक नहीं हो पाएगा। मैं काफी ज्यादा परेशान था मुझे लग रहा था कि मेरी जिंदगी में कोई तो ऐसा हो जो मुझे समझ पाए लेकिन मेरे जीवन में ऐसा कोई भी नहीं था जो कि मुझे समझ पा रहा था। मैंने किसी को भी अपने और कंचन के रिलेशन के बारे में नही बताया था इसलिए कहीं ना कहीं इसका मेरे जीवन पर भी काफी बुरा असर पड़ा और मैं काफी ज्यादा परेशान रहने लगा था।

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मैंने नौकरी भी छोड़ दी थी और जब मैंने नौकरी छोड़ी तो उसके बाद मैं ज्यादातर समय घर पर ही रहता। कई बार भैया मुझे कहते कि तुमने नौकरी क्यों छोड़ी तो मेरे पास इस बात का कोई जवाब नहीं होता था लेकिन मैं कुछ समय के बाद अपने गांव चला गया। जब मैं अपने गांव गया तो गांव में मैं अपने मम्मी पापा के साथ बहुत ही ज्यादा खुश था और मैं जिस तरीके से अपने गांव में अपनी जिंदगी बिता रहा था उससे मैं काफी ज्यादा खुश था।  पापा और मम्मी को मेरी काफी चिंता सताती रहती और वह लोग हमेशा ही मुझसे मेरी नौकरी के बारे में पूछते लेकिन मेरे पास कोई जवाब नहीं होता था। थोड़े समय के बाद जब मुझे लगने लगा कि मुझे अब नौकरी कर लेनी चाहिए तो मैं लखनऊ वापस लौट आया और मैंने कंपनी ज्वाइन कर ली। लखनऊ में मैं जॉब करने लगा और मेरी जिंदगी में सब कुछ ठीक चलने लगा था मैं काफी ज्यादा खुश भी था कि मैं दोबारा से जॉब करने लगा हूं।

अपनी नौकरी में बिजी रहने के कारण मेरी लाइफ में सब कुछ अच्छे से चल रहा था। मैं जब अपने गांव गया तो पापा ने मुझसे कहा कि बेटा तुम्हे अब शादी कर लेनी चाहिए। मुझे भी लगने लगा था कि मुझे किसी की जरूरत है इसलिए मैंने भी शादी करने का फैसला कर लिया था। जब मैंने शादी करने का फैसला लिया तो शायद मेरे लिए यह फैसला बिल्कुल सही था। मैंने अर्चना के साथ शादी की और अर्चना के मेरे जीवन में आने से मेरी जिंदगी में काफी बदलाव आने लगे थे और मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं जिस तरीके से मेरी जिंदगी में अब सब कुछ बदलता जा रहा था। अर्चना और मैं एक दूसरे के साथ काफी खुश हैं और अर्चना मेरे साथ लखनऊ में ही रहती है। अर्चना ने भी शादी के बाद जॉब करने का फैसला किया और वह जॉब करने लगी मैं और अर्चना जब भी साथ होते तो हम लोगों को काफी अच्छा लगता। मैं चाहता था कि पापा मम्मी हम लोगों के साथ ही आ जाये लेकिन वह हमारे साथ आने के लिए तैयार नहीं थे।

मुझे भी लग रहा था की उन्हें हमारे साथ आना चाहिए लेकिन वह हमारे साथ नहीं आए और पापा और मम्मी अभी भी गांव में ही रहते हैं। मेरी और अर्चना की जिंदगी काफी अच्छे से चल रही है और हम दोनों बहुत ज्यादा खुश हैं। जब भी हम दोनों को मौका मिलता है तो हम दोनों साथ में समय बिता लिया करते हैं और एक दूसरे के साथ हम लोग बहुत ही ज्यादा खुश हैं। जिस तरीके से हम दोनों की शादी शुदा जिंदगी चल रही है उससे मैं बहुत ज्यादा खुश हूं और अर्चना भी बहुत ज्यादा खुश है। एक दिन मैं अपने ऑफिस से घर लौटा जब उस दिन मैं ऑफिस से घर लौटा तो अर्चना ने मुझे कहा कि आज वह अपनी एक फ्रेंड के घर जा रही है। उसके ऑफिस में काम करने वाली उसकी सहेली जिसका नाम गीतिका है अर्चना उसके घर जाना चाहती थी। अर्चना ने मुझे भी उसके घर चलने के लिए कहा लेकिन मैंने अर्चना को मना कर दिया परंतु अर्चना ने मुझे कहा कि तुम्हें मेरे साथ चलना चाहिए और मैंने भी अर्चना से कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे साथ चलता हूं। मैं अब अर्चना के साथ चला गया मैं और अर्चना एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा खुश थे।

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उस दिन जब हम लोग अर्चना की सहेली गीतिका के घर गए तो वहां पर हम लोगों को बहुत ही अच्छा लगा और हम लोग काफी खुश थे। मैंने अर्चना की सहेली गीतिका से कहा कि कभी आप लोग भी हमारे घर पर आइए। गीतिका के हसबैंड भी उस दिन घर पर ही थे और उनसे मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा। उसके बाद वह लोग भी हमारे घर पर आने लगे थे अब हम लोगों का परिचय अच्छे से होने लगा था। मैं गीतिका से पहली बार ही उसके घर पर मिला था और उसके बाद वह लोग हमारे घर पर आते तो हम लोगों को बहुत ही अच्छा लगता। एक दिन मैं जब अपने ऑफिस गया तो उस दिन मेरे बॉस ने मुझे कहा कि तुम कुछ दिनों के लिए चंडीगढ़ चले जाओ। मुझे अब कुछ दिनों के लिए चंडीगढ़ जाना था मैंने जब यह बात अर्चना को बताई तो अर्चना कहने लगी कि आप वहां से वापस कब लौट आएंगे तो मैंने अर्चना से कहा कि मैं वहां से जल्द ही वापस लौट आऊंगा। अर्चना ने मेरा सामान पैक किया और मैं अगले दिन चंडीगढ़ चला गया जब मैं चंडीगढ़ गया तो वहां पर कुछ दिनों तक मुझे रुकना पड़ा। मैं जब वहां से वापस लौटा तो अर्चना काफी ज्यादा खुशी थी।

हम दोनों की  जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा है और हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। मैं अर्चना को बहुत प्यार करता हूं और अर्चना के साथ मैं जब भी होता हूं तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। एक दिन मैं और अर्चना साथ मे थे। हम दोनो साथ मे लेटे हुए थे और मै काफी थकान महसूस कर रहा था तो मैंने काजल से कहा मैं तुम्हारे साथ सेक्स के लिए तडप रहा हूं कही ना कही काजल भी मेरे लंड को लेने के लिए तडप रही थी। मैंने जैसे ही अर्चना के गुलाबी होठो पर अपनी उंगली लगाई तो वह मचल रही थी। अब वह मेरे लिए बहुत तडप रही थी और मैंने अर्चना के होंठो को चूम लिया था। जब मैंने अर्चना के होंठो को चूमा तो वह खुश हो चुकी थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था। अब हम दोनो के बदन एक दूसरे की बांहो मे थे। मैंने जैसे ही उसके होंठो को चूमकर उसके होंठो से खून निकाला तो वह मचल उठी थी। अब हम दोनो ही रह नहीं पा रहे थे लेकिन जब मैंने अर्चना के कपडो को खोला तो वह गरम हो रही थी और मैं भी गरम हो गया था।

मैंने उसके स्तनो का रसपान करना शुरू किया। जब मैंने उसके स्तनो का रसपान करना शुरू किया तो वह मचल उठी थी और मै भी मचल रहा था। मैंने जब उसकी चूत को भी चाटा तो वह मुझे अपने पैरो के बीच मे जकड रही थी। जब वह मुझे अपने पैरो के बीच मे जकड रही थी तो मै समझ चुका था उसकी चूत मेरे लिए तडप रही है। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाने का फैसला कर लिया था। जब मैंने अर्चना की चूत पर अपने लंड को सटाया तो उसकी चूत गिली हो चुकी थी और मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया था। जब मेरा लंड अर्चना की चूत मे गया तो मुझे मजा आ गया था और मैं अब उसे तेजी से चोदने लगा था। मैं उसे चोदता ही जा रहा था और मेरे धक्के बढ चुके थे जब मे उसे चोद रहा था और मुझे बहुत मजा आ रहा था।

अर्चना की सिसकारियां बढती ही जा रही थी और मै उसे तेजी से धक्के मारता। वह बहुत ही गरम हो चुकी थी अब हम दोनो गरम हो गए थे। मेरा लंड मेरे अंडकोषो से बाहर निकलने को तैयार था और जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो मुझे मजा आ गया था। अर्चना ने मुझे कहा मुझे दोबारा से चोदो। मैंने उसकी चूतडो को अपनी तरफ किया और मै उसे तेजी से चोद रहा था। वह मुझसे अपनी चूतडो को टकरा रही थी। वह मुझे कहती मुझे तेजी से चोदो। मै उसे बहुत ही तेजी से धक्के दिए जा रहा था और वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। अब हम दोनो ही रह नहीं पा रहे थे। जब वह झड गई तो वह अपनी चूतडो को मेरे सामने किए हुए थी और मैं उसे बहुत तेजी से चोदता। जिस से मेरा वीर्य उसकी चूत मे गिर चुका था और मैं बहुत ही खुश था।


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