सुधा की चिकनी चूत का स्पर्श

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Antarvasna, hindi sex kahani:

Sudha ki chikni chut ka sparsh रोहित और ममता मेरे ही क्लास में पढ़ते थे और वह दोनों अब शादी कर चुके हैं। उन दोनों की शादी हो जाने के बाद वह दोनों काफी ज्यादा खुश है। जिस तरीके से उन दोनों का शादीशुदा जीवन चल रहा है उससे मुझे भी काफी खुशी है क्योंकि रोहित और ममता मेरे काफी ज्यादा करीब थे। एक दिन मैंने उन दोनों को अपने घर पर डिनर के लिए बुलाया। उस दिन मेरी पत्नी ने मुझे कहा आप रोहित और ममता को आज घर पर डिनर के लिए बुला लीजिए। मैंने उन दोनों को उस दिन डिनर के लिए बुलाया काफी दिनों के बाद वह लोग हमारे घर पर आए थे और रोहित ने मुझसे कहा वह अपना घर बेच रहा है। मैंने रोहित से कहा लेकिन तुम अपने घर को क्यों बेच रहे हो? रोहित ने मुझे बताया वह अपना घर इसलिए बेच रहा है क्योंकि अब वह चाहता है वह लोग नई कॉलोनी में शिफ्ट हो जाए क्योंकि जिस जगह वह लोग रहते हैं वहां उनका घर भी काफी पुराना हो चुका है और वह लोग अब उसे बेचना चाहते हैं। मैंने रोहित से कहा क्या तुमने इस बारे में अपने पिताजी से बात की थी।

रोहित ने मुझे कहा हां मैंने पापा से इस बारे में बात की थी और वह भी यही चाहते हैं। मैंने रोहित को कहा चलो यह तो अच्छी बात है अगर तुम अपना पुराना घर बेच कर नया घर खरीदना चाहते हो। रोहित और मैंने उस दिन काफी समय बाद एक दूसरे से इतनी देर तक बात की थी मुझे काफी अच्छा लगा जब रोहित और मैं साथ में एक दूसरे से बातें कर रहे थे। अब रोहित और ममता अपने घर जा चुके थे वह लोग अक्सर हमारे घर पर आया करते हैं। हम लोग भी उनके घर पर जाया करते। रोहित ने अब अपना पुराना घर बेच दिया था। उन लोगों ने हमारी कॉलोनी के पास ही एक नई कॉलोनी है वहां पर घर खरीद लिया था इसलिए रोहित का मेरे घर पर अक्सर आना-जाना था। रोहित ने मुझे कहा वह अब अपना बिजनेस शुरू कर रहा है रोहित ने अपना बिजनेस शुरू कर लिया था। उसका बिजनेस भी अच्छे से चल रहा था मैंने रोहित को कहा यह बड़ी अच्छी बात है तुमने अपना बिजनेस शुरू कर लिया है और जिस तरीके से तुम्हारा बिजनेस चल रहा है वह बहुत ही अच्छा है।

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मेरा भी प्रमोशन हो चुका था। जब मेरा प्रमोशन हुआ तो मैंने उस दिन रोहित को घर पर बुलाया और मेरी पत्नी सुधा के भी कुछ दोस्त घर पर आए हुए थे। हम लोगों ने घर पर ही एक छोटी सी पार्टी अरेंज की और हमने अपने दोस्तों और कुछ रिश्तेदारों को भी इस पार्टी में बुलाया था। पार्टी बड़े अच्छे से हुई सब लोग काफी खुश थे जिस तरीके से हम लोगों ने उस दिन मेरे प्रमोशन को सेलिब्रेट किया। मैं काफी ज्यादा खुश था और सुधा भी बहुत ज्यादा खुश थी लेकिन अब मेरा प्रमोशन हो जाने के बाद मैं अक्सर काम के सिलसिले में बाहर ही रहता इसलिए मुझे सुधा के साथ समय बिताने का मौका कम ही मिला करता था। एक दिन मैं घर पर था उस दिन रविवार था। सुधा ने मुझसे कहा आज मैं चाहती हूं आज हम लोग मम्मी पापा से मिले। मैंने सुधा से कहा ठीक है हम लोग आज मम्मी पापा को मिलाते हैं। सुधा के मम्मी पापा से मिले हुए हम लोगों को काफी लंबा समय हो चुका था और सुधा चाहती थी हम लोग उनके माता-पिता से मिले।

मैंने भी सुधा को कहा ठीक है हम लोग तुम्हारे पापा मम्मी को मिलाते हैं और उस दिन हम लोग सुधा के पापा मम्मी से मिलने के लिए चले गए। जब हम लोग पापा मम्मी से मिले तो हम लोगों को काफी अच्छा लगा और उस दिन काफी लंबे समय के बाद हम लोगों से मिले थे। हम लोग वहां पर ज्यादा देर तक तो नहीं रहे। हम लोग वहां से वापस लौट आए थे और उसके बाद मैं और सुधा एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करते। मैं चाहता था मैं सुधा के साथ ज्यादा समय बिताया करू लेकिन मेरे ऑफिस के काम के चलते मुझे समय कम मिल पाता था परंतु फिर भी मैं कोशिश किया करता मैं उसके साथ ज्यादा समय बिताया करूं। जिस तरीके से हम दोनों की शादी शुदा जिंदगी चल रही है उस से हम दोनों काफी खुश हैं। मुझे भी इस बात की बड़ी खुशी है कि सुधा और मैं एक दूसरे के साथ अपनी जिंदगी को अच्छे से बिता पा रहे हैं।

हम दोनों की जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा है सुधा ने हमेशा ही मेरा साथ दिया है और जब भी वह मेरे साथ होती है तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। एक दिन सुधा और मैं साथ में बैठे हुए एक दूसरे से बातें कर रहे थे। उसे दिन सुधा ने मुझे बताया आज उसकी बहन आने वाली है। मैंने सुधा से कहा क्या आज शिखा घर पर आने वाली है। वह मुझे कहने लगी हां। शाम के वक्त वह घर पर आ गई। शिखा अपने कॉलेज की पढ़ाई अमेरिका से कर रही है और वह काफी समय बाद घर आई थी इसलिए वह हम लोगों से मिलने भी आ गई। जब उस दिन शिखा से मेरी मुलाकात हुई तो मुझे अच्छा लगा। शिखा उस दिन हमारे घर पर ही थी उसके अगले दिन मैंने शिखा को घर तक छोड़ा। वह कुछ दिनों बाद वापस अमेरिका लौट गई थी। अमेरिका में उसकी कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद उसकी जॉब लग गई थी। इस बात से सुधा भी काफी खुश थी। वह अमेरिका में ही सेटल हो चुकी थी। एक दिन मैं और सुधा साथ में बैठे हुए एक दूसरे से बातें कर रहे थे।

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सुधा ने मुझे कहा मैं पापा से मिलने के लिए जा रही हूं क्योंकि पापा की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए सुधा ने मुझे इस बारे में कहा। मैंने सुधा को कहा चलो मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूं। मैं और सुधा उस दिन सुधा के पापा से मिलने के लिए चले गए। जब हम लोगों उनसे मिलने के लिए गए तो हमें काफी अच्छा लगा और हम लोग उनसे अक्सर मिला करते। जब भी मैं सुधा के पापा से मिलता तो मुझे काफी अच्छा लगता था लेकिन उनकी तबीयत उस दिन बहुत ज्यादा खराब थी इसलिए उन्हें उस दिन रात को हमे डॉक्टर के पास लेकर जाना पड़ा। डॉक्टर ने उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट होने की सलाह दी अब वह कुछ दिनों तक अस्पताल में ही थे और उनकी तबीयत में थोड़ा सुधार होने लगा था। हम लोग उन्हे घर ले आए थे। उन्हें डॉक्टर ने आराम करने के लिए कहा था इसलिए उनकी देखभाल के लिए सुधा को कुछ दिन अपने मायके में ही रहना था। मैंने सुधा को कहा तुम कुछ दिन पापा मम्मी के साथ ही रहो। सुधा कुछ दिन अपने पापा मम्मी के साथ रही।

मैं और सुधा एक दूसरे के साथ काफी खुश हैं और सुधा जिस तरीके से अपनी जिम्मेदारी को निभा रही है उससे मुझे बहुत ही खुशी है कि वह मुझे बड़े अच्छे से समझती है और मैं भी उसे काफी अच्छी तरीके से समझता हूं। सुधा कुछ दिनों के बाद वापस घर लौट आई थी और उसके पापा की तबीयत भी पूरी तरीके से ठीक हो चुकी है। सुधा घर वापस लौट चुकी थी। एक दिन सुधा और मैं एक दूसरे की बाहों में लेटे हुए थे तो उस दिन हम दोनों एक दूसरे के होठों को चूमने लगे। काफी दिनों से हम दोनों के बीच कुछ भी ऐसा नहीं हुआ था  इसलिए उस दिन मैं चाहता था सुधा के साथ में सेक्स संबंध बनाऊ। सुधा और मैं एक दूसरे के साथ जब भी सेक्स संबंध बनाते तो हमें काफी अच्छा लगता।उस दिन सुधा और मैं एक दूसरे के होठों को चूम रहे थे। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा दिया था मैं बिल्कुल भी रह ना सका और ना ही सुधा अपने आपको रोक पा रही थी। मैंने उस दिन सुधा के स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह मचलने लगी। जिस तरीके से वह मचल रही थी वह मुझे और भी ज्यादा गरम करती जा रही थी। अब हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे।

जब मैंने सुधा की चूत पर अपनी उंगली का स्पर्श किया तो वह मचलने लगी और उसकी योनि से पानी बाहर निकलने लगा था। सुधा की चूत से पानी निकल रहा था और वह मेरी गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा रही थी। अब सुधा और मैं एक दूसरे की गर्मी को बढाए जा रहे थे। जब मैंने सुधा कि चूत के अंदर अपने लंड को किया तो मेरे गर्मी पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। जिस तरीके से मेरी गर्मी बढ़ रही थी उससे सुधा और मैं एक दूसरे का साथ अच्छे से दिए जा रहे थे। सुधा मुझे कहने लगी मुझे काफी अच्छा लग रहा है। हम दोनों बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे।

जैसे ही मैंने सुधा कि चूत मे अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया तो उसकी गर्मी और भी ज्यादा बढ़ने लगी। वह बहुत ही ज्यादा सिसकारियां ले रही थी और मेरी गर्मी को बढाए जा रही थी। मैं सुधा का साथ अच्छे से दे रहा था वह भी मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। मैंने जिस तरीके से उसको चोदा उसको मजा आ रहा था। हम दोनो एक दूसरे के साथ सेक्स कर रहे थे उससे हम दोनों को मजा आ रहा था और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ करीब 10 मिनट तक सेक्स संबंध बनाए। वह खुश हो गई थी और मैं भी काफी ज्यादा खुश हो चुका था कि सुधा और मैं एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाते रहते है।


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