महिमा के बदन को सहलाना शुरू किया

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Antarvasna, hindi sex kahani:

Mahima ke badan ko sahlana shuru kiya मेरी शादी को अभी सिर्फ 5 महीने ही हुए थे लेकिन मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी से बिल्कुल खुश नहीं था क्योंकि मुझे लगने लगा था मेरी पत्नी और मेरे बीच बिल्कुल भी नहीं बनती है इसलिए मैंने अब अपनी पत्नी से अलग होने का फैसला कर लिया था। यह मेरे लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था लेकिन फिर भी मैंने सोच लिया था हम दोनों अलग हो जाए। मैंने जब अपनी पत्नी से इस बारे में बात की तो वह भी मुझे डिवोर्स लेने के लिए तैयार हो चुकी थी और हम दोनों अब एक दूसरे से अलग हो चुके थे। मेरे लिए यह बुरा  समय था जिस तरीके से मैं और मेरी पत्नी अलग हो चुके थे। अब मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था आखिर मुझे क्या करना चाहिए क्योंकि मैं बहुत ही ज्यादा मुश्किल दौर से गुजर रहा था। जिस तरीके से मेरी जिंदगी चल रही थी उस से मै बिल्कुल भी खुश नहीं था। मैं चाहता था मैं अपनी जिंदगी को अच्छे से बिताऊ जो बिल्कुल भी संभव नहीं हो पा रहा था। मैं एक दिन अपने दोस्त आकाश के साथ बैठा हुआ बातें कर रहा था। काफी समय के बाद आकश से मेरी मुलाकात हुई थी। आकाश ने मुझे कहा गौतम तुम आजकल मिलते भी नहीं हो।

मैंने उसे सारी परेशानी बताई आकाश को यह बात मालूम नहीं थी कि मेरा डिवोर्स हो चुका है। मैंने जब उसे इस बारे में बताया तो आकाश ने मुझे कहा देखो गौतम तुम्हें यह सब भूल कर आगे बढ़ना ही पड़ेगा। उस दिन आकाश के साथ बात कर के मुझे काफी अच्छा लगा। मैंने आकाश से अपनी बातें शेयर की तो मुझे काफी अच्छा लगा। मैंने आकाश को कहा मुझे क्या करना चाहिए। आकाश ने कहा फिलहाल तो तुम्हें यह सोचना चाहिए कि तुम किस तरीके से इस परेशानी से बाहर निकलो क्योंकि मैं अंदर ही अंदर बहुत ज्यादा परेशानियों से जूझ रहा था। मेरी शादीशुदा जिंदगी बिखर चुकी थी इस वजह से मेरी काम पर भी फर्क पड़ने लगा था। मैं अपनी नौकरी से रिजाइन दे चुका था मुझे कुछ समझ नहीं आया आखिर मुझे क्या करना चाहिए। मेरे पास अब कोई रास्ता नहीं था मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए। जब मेरी मुलाकात पहली बार महिमा के साथ हुई तो मुझे काफी अच्छा लगा। महिमा और मैं एक दूसरे से मिलने लगे थे। महिमा की जिंदगी बिल्कुल मेरी तरह ही थी। उसकी जिंदगी में भी काफी कुछ ऐसा ही हुआ था जैसा मेरी जिंदगी में हुआ था। महिमा की शादी को सिर्फ एक महीने ही हुआ था लेकिन उसके पति और उसके बीच बिल्कुल भी नहीं बनी।

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अब उन लोगों ने डिवोर्स ले लिया था। वह लोग अलग रहते हैं मेरा महिमा से मिलना काफी अच्छा रहा। मैं और महिमा एक दूसरे को काफी अच्छे से समझते हैं क्योंकि हम दोनों की जिंदगी मैं काफी खुश है। हम दोनों अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाने लगे थे। मैं और महिमा एक दूसरे के साथ होते तो उससे हम दोनों को अच्छा लगता। मैं और महिमा एक दूसरे के साथ अक्सर मिला करते हैं। हम दोनों के बीच में बहुत ज्यादा प्यार भी होने लगा था मैं चाहता था मैं महिमा के साथ अपना जीवन बिताऊं और महिमा को भी इससे कोई एतराज नहीं था। हम दोनों ही अपनी नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे लेकिन यह सब इतना आसान नहीं था। जिस तरीके से मेरी जिंदगी में परेशानियां चल रही थी और महिमा भी कहीं ना कहीं परेशानियों से गुजर रही थी। मुझे सबसे पहले तो नौकरी ढूंढने थी और मैंने नौकरी करने का फैसला कर लिया था। मैं जिस कंपनी में जॉब करने लगा था कुछ समय तक तो मैं काफी बिजी रहा। मुझे जब मौका मिलता तो मैं महिमा से मिल लिया करता हूं। मैं और महिमा एक दूसरे के साथ अक्सर बाते किया करते हैं और जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताते तो हमें बहुत अच्छा लगता। अब हम दोनों ही चाहते थे हम दोनों शादी कर ले इसलिए हम दोनों को अपने परिवार वालों से बात करनी थी। जब मैंने अपने परिवार से बात की तो उन लोगों ने कहा हम लोग महिमा से मिलना चाहते हैं।

वह लोग जब महिमा से मिले तो उन लोगों को महिमा अच्छी लगी और उन्हें इससे कोई एतराज नहीं था। महिमा के परिवार वालों को मनाने में हमें काफी समय लगा परंतु हम दोनों के रिलेशन में कभी भी कोई परेशानीया नहीं आई और हम दोनों एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। मैं महिमा से अब शादी करना चाहता था। हम दोनों की शादी हो जाने के बाद हमारी जिंदगी अच्छे से चलने लगी थी। जिस तरीके से महिमा और मै एक दूसरे के साथ होते उससे हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता और हम लोग एक दूसरे के साथ अपनी जिंदगी को अच्छे से बिता रहे हैं। महिमा के मेरी जिंदगी में आने से मेरी काफी परेशानियां दूर हो चुकी है। अब मैं अपनी जिंदगी में बहुत खुश हूं और महिमा भी काफी खुश है जिस तरीके से वह मेरे साथ होती है और हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताया करते हैं। एक दिन मैं और महिमा साथ में बैठे हुए बातें कर रहे थे। उस दिन हम दोनों की ही छुट्टी थी इसलिए मैं और महिमा एक दूसरे से बातें कर रहे थे। हमें काफी अच्छा लग रहा था महिमा ने मुझे कहा मैं कुछ दिनों के लिए पापा मम्मी से मिलने के लिए जा रही हूं। मैंने महिमा से कहा मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूं और मैं भी महिमा के साथ उसके पापा मम्मी से मिलने के लिए चला गया।

हम लोग वहां पर दो दिनों तक रहे और फिर वहां से हम लोग वापस लौट आए। जब हम लोग वहां से वापस लौटे तो महिमा काफी खुश थी। महिमा ने मुझसे कहा मैं चाहती हूं हम लोग कुछ दिनों के लिए कहीं घूमने का प्लान बनाए। मैंने महिमा को कहा क्यों ना हम लोग मनाली चले। महिमा भी मेरी बात मान गई और हम लोगों मनाली जाने के लिए तैयार थे। मैंने भी सारी तैयारियां की और हम लोग मनाली चले गए। जब हम लोग मनाली में गए तो वहां पर हम लोगों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया। मुझे काफी अच्छा लग रहा था जिस तरीके से मैं और महिमा साथ में मनाली में थे और एक दूसरे के साथ हम लोग अच्छा समय बिता पा रहे थे। मैं और महिमा बहुत ही ज्यादा खुश है जिस तरीके से हम लोगों की शादीशुदा जिंदगी चल रही है। हम लोग एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिता पा रहे हैं। मैं और महिमा एक दूसरे के साथ काफी खुश है हम लोग मनाली से वापस लौट आए थे। जब हम लोग मनाली से वापस लौटे तो उसके बाद मेरे और महिमा के बीच ना जाने कितनी बार सेक्स हुए। जब एक दिन महिमा और मैं एक दूसरे के साथ बैठकर बातें कर रहे थे तो मैंने महिमा की जांघ पर अपने हाथ को रखा और उसकी जांघों को मैं सहलाने लगा। मैं जिस तरीके से उसकी जांघों को सहला कर उसकी गर्मी को बढ़ा रहा था उससे वह भी गरम हो चुकी थी और मुझे कहने लगी मेरे गर्मी को और ना बढ़ाओ मैं रह नहीं पाऊंगी।

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मैंने महिमा के कपड़े उतारकर उसके बदन को सहलाना शुरु किया और उसकी गर्मी को मैं बढ़ाता जा रहा था। जब मैं उसकी गर्मी को बढाता तो वह भी रह ना सकी और मुझे कहने लगी मुझसे रहा नहीं जा रहा है। मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू किया। उसके स्तनों को दबाकर मुझे मजा आने लगा। मैं उसके स्तनों को जिस प्रकार में दबा रहा था उससे वह मजे मे आ गई थी। वह बहुत ज्यादा गर्म होती जा रही थी महिमा बहुत ही ज्यादा गरम हो चुकी थी। वह मुझे कहने लगी मैं तुम्हारे लंड को चूत में लेना चाहती हूं। वह अपनी चूत पर उंगली को लगाकर अपनी गर्मी को और भी बढा रही थी। मैं उसकी चूत मारने के लिए तैयार था। मैंने जैसे ही महिमा की चूत में अपने लंड को घुसाया तो वह उत्तेजित हो उठी। वह बोली मेरी चूत में दर्द होने लगा है।

अब मुझे मज़ा आ रहा था और महिमा को भी मजा आने लगा था। वह मेरे साथ अच्छे से दिए जा रही थी। मैं महिमा का साथ अच्छे से दे रहा था और जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स के मजे ले रहे थे उस से हम दोनों को मजा आता जा रहा था। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया था। मैंने उसे तेजी से धक्के मारने शुरू किए तो वह गरम सिसकारियां ले रही थी। वह मुझे कहने लगी तुम अपने माल को मेरी चूत मे गिरा दो। मैंने उसकी चूत मे अपने माल को गिराकर उसकी गर्मी को शांत कर दिया था। उसके बाद भी हम दोनों ने दो बार और सेक्स के मजे लिए। जिस तरीके से हम लोगों ने सेक्स किया उससे हम दोनों को बड़ा ही मजा आया और हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को शांत कर चुके थे। वह हमेशा मेरे लंड के लिए बेताब रहती।


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