सुनैना की चूत में ऊँगली की

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Antarvasna, hindi sex kahani:

Sunaina ki chut me ungli ki सुबह के 10:00 बज रहे थे दरवाजे की घंटी बजी तो मैंने तुरंत ही दरवाजा खोला। मैंने जैसे ही दरवाजा खोला तो सामने देखा डाकिया खड़ा था। वह मुझे कहने लगा साहब आपकी डाक है। मैंने उससे वह डाक ले ली और अपने रूम में चला आया। जब मैं अपने रूम में आया तो मैंने देखा मेरे रूम में घर में काम करने वाली लता सफाई कर रही थी। वह सफाई कर रही थी मैं हॉल में आ गया और मैं वहीं बैठा था। मां ने मुझसे कहा थोड़ी देर पहले डाकिया आया था। मैंने मां से कहा हां थोड़ी देर पहले डाकिया आया था। जब मैंने वह डाक खोल कर देखी तो वह मेरे नौकरी का लेटर था। मैं बहुत ज्यादा खुश था मेरी सरकारी नौकरी लग चुकी थी। मैं इस बात से बड़ा ही खुश था मैंने जब यह बात पापा मम्मी को बताई तो वह लोग भी बड़े खुश थे। मुझे अपनी नौकरी के लिए रोहतक जाना था और थोड़े समय बाद ही मुझे वहां पर अपना ऑफिस ज्वाइन करना था। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था मेरी सरकारी नौकरी लग चुकी थी।

मैं जब रोहतक जाने वाला था तो उस दिन मां ने मेरा सामान पैक करने में मेरी मदद की और जब मेरा सामान पैक हो चुका था तो उसके बाद मैं और मां साथ में बैठे हुए थे और एक दूसरे से बातें कर रहे थे। जब हम लोग एक दूसरे से बातें कर रहे थे  मां ने मुझे कहा बेटा तुम अपना ध्यान रखना। मैंने मां से कहा हां मां मे अपना ध्यान रखूंगा। अब मुझे रोहतक जाना था और मैं जयपुर से बस में ही रोहतक गया था। जब मैं रोहतक पहुंचा तो रोहतक में मेरा दोस्त मुझे लेने के लिए आया हुआ था। वह मेरे साथ ही कॉलेज में पढ़ाई करता था। जब वह मुझे लेने के लिए आया तो मैं कुछ दिनों तक उसके घर पर ही रहा। मैं काफी खुश था मेरी सरकारी नौकरी लग चुकी थी।

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मैं अपनी जॉब पर जाने लगा था मेरे दोस्त के पड़ोस में एक लड़की रहती है उस से मैं अक्सर देखा करता लेकिन उससे बात करने की मेरी हिम्मत नहीं हो पाई थी परंतु जब पहली बार हम दोनों की बात हुई तो मुझे बहुत अच्छा लगा। उसका नाम  सुनैना है। सुनैना दिखने में बहुत ही ज्यादा सुंदर है उस दिन के बाद लोगों की बातें होने लगी थी। अब मैंने किराए का घर ले लिया था और वहां पर मैं रहने लगा था। जब भी मैं अपने दोस्त से मिलने के लिए जाता तो मुझे अक्सर सुनैना मिल जाती थी और मैं उससे बात कर लिया करता। जब भी मैं सुनैना से बात करता हूं तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और उसे भी मुझसे बात करने मे बहुत ज्यादा खुशी होती हैं। मैंने सुनैना का नंबर ले लिया था मैंने जब उससे उसका नंबर लिया तो उसके बाद मैं उससे बातें करने लगा और हम दोनों की फोन पर बातें होने लगी थी।

मुझे बहुत ही अच्छा लगता जब भी मैं सुनैना से फोन पर बात किया करता हूं और वह भी बहुत ज्यादा खुश होती हैं। हम दोनों की जिंदगी बड़े ही अच्छे से चल रही है सुनैना और मैं एक दूसरे के साथ समय बिताया करते हैं। हम दोनों अब एक दूसरे को डेट भी करने लगे थे सुनैना कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी अब उसका कॉलेज भी पूरा हो चुका था और हम दोनों किसी ना किसी बहाने मिल ही जाते। सुनैना के परिवार वाले उसे घर से कम ही बाहर जाने दिया करते थे लेकिन फिर भी वह कुछ ना कुछ बहाना बनाकर मुझसे मिलने आ ही जाती है और मैं भी सुनैना से मिलकर बहुत खुश होता हूं। हम दोनों का प्यार परवान चढ़ता जा रहा था और मैं और सुनैना एक दूसरे के साथ बहुत समय बिताने की कोशिश किया करते हैं।

मैं सुनैना के साथ होता हूं तो मैं बहुत ज्यादा खुश होता हूं। इसी बीच एक दिन मां का मुझे फोन आया मां ने मुझे कहा बेटा तुम कुछ दिनों के लिए जयपुर आ जाओ। मैंने मां से कहा मैं कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले लेता हूं और मैं जयपुर आ जाता हूं। मुझे कुछ दिनों के लिए जयपुर जाना था मैंने जब यह बात सुनैनी को बताई तो सुनैना उदास हो गई थी। मैंने सुनैना से कहा मैं जल्दी जयपुर से वापस लौट आऊंगा। मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर चला गया मैं अपने पापा मम्मी से मिलकर बहुत ज्यादा खुश था और वह लोग भी मुझसे मिलकर बहुत खुश थे मैं कुछ दिनों तक घर पर रहा फिर मैं वापस लौट आया था। मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरी छुट्टियां खत्म हो गई और मैं वापस रोहतक लौट आया था। जब मैं रोहतक वापस लौटा तो उस दिन मैंने सुनैना को फोन किया सुनैना ने मुझे बताया आज वह मुझसे मिल नहीं पाएगी क्योंकि उनके घर पर कोई मेहमान आने वाले थे इसलिए वह उस दिन घर पर ही थी। मेरी बात उस दिन रात को सुनैना से फोन पर हुई सुनैना चोरी छुपे मुझसे फोन पर बातें किया करती है।

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मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब भी हम दोनों एक दूसरे से बातें करते हैं। मैं और सुनैना एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुश है और हम दोनों का रिलेशन बहुत ही अच्छे से चल रहा है। उस दिन मै और सुनैना साथ में बैठे हुए एक दूसरे से बातें कर रहे थे। उसने मुझे कहा आज मैं अपनी सहेली के घर जा रही हूं। मैंने सुनैना से कहा क्या कोई जरूरी काम है तो उसने मुझे कहा हां मुझे अपनी सहेली से मिलने के लिए जाना है। मैंने उस से कहा मैं तुम्हें तुम्हारी सहेली के घर छोड़ देता हूं तो वह कहने लगी ठीक है और उस दिन मैंने सुनैना को उसकी सहेली के घर छोड़ दिया था। जब वह वहां से वापस लौटी तो उस दिन हम थोडी देर एक दूसरे को मिले फिर मैंने सुनैना को उसके घर तक छोड़ दिया था। मैं अब वापस लौट आया था जब मैं वापस लौटा तो उसके बाद मेरी बात सुनैना से फोन पर हो रही थी और हम दोनों एक दूसरे से बात कर के बहुत ज्यादा खुश थे।

जिस तरीके से सुनैना और मेरी बातें फोन पर होती है उससे मुझे हमेशा ही बहुत ज्यादा अच्छा लगता है और सुनैना को भी बहुत अच्छा लगता है। वह मेरे साथ बात करती है हम दोनों की जिंदगी अच्छे से चल रही है और मैं इस बात से खुश हूं कि सुनैना और मैं एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझते हैं। हम दोनों अच्छे तरीके से एक दूसरे को समझते हैं और हम दोनों के रिलेशन को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिल रही है। हम दोनों का प्रेम संबंध बहुत ही अच्छे से चल रहा है मेरे और सुनैना का प्रेम संबंध तो अच्छे से चल ही रहा है और हम दोनों जब भी एक दूसरे के साथ होते तो हमें काफी अच्छा लगता। सुनैना मुझसे मिलने के लिए अक्सर आ ही जाती थी एक दिन वह मुझसे मिलने के लिए आई हुई थी। उस दिन सुनैना बहुत ही ज्यादा सुंदर लग रही थी मैं सुनैना को देखकर अपने अंदर की आग को बिल्कुल रोक ना सका।

इससे पहले मैंने सुनैना के बारे में कभी कुछ ऐसा सोचा नहीं था लेकिन उस दिन मैंने सुनैना की गांड पर अपने हाथ को लगाया तो वह मचलने लगी और उसकी गर्मी बढ़ती जा रही थी। उसकी गर्मी इतनी ज्यादा बढ रही थी कि वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और मैं भी अपने आपको रोक नहीं पा रहा था। हमने एक दूसरे से अपने होठों को टकराना शुरू कर दिया था और जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे से अपने होठों को टकरा रहे थे उससे हम दोनों को बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था और हमारी गर्मी बहुत ज्यादा बढ रही थी। अब हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके हैं। मैंने सुनैना से कहा मै तुम्हारी चूत मारना चाहता हूं। सुनैना मुझे कहने लगी मुझे डर लग रहा है लेकिन अब वह गर्म हो चुकी थी और अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार थी।

जब मैंने उसकी चूत को अपनी उंगली से सहलाना शुरू किया तो वह गर्म होती चली गई और उसकी योनि से पानी बाहर निकल आया था। मैंने सुनैना की चूत पर आपने लंड को लगाया और उसकी योनि के अंदर मैंने लंड को डालना शुरू कर दिया था। मैंने अब सुनैना की चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया था मेरा लंड पूरी तरीके से उसकी चूत के अंदर तक जा चुका था। जब मैंने उसकी चूत के अंदर लंड को घुसाया तो मैं काफी खुश था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे तरीके से सेक्स संबंध बना रहे थे और जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बना रहे थे उससे हम दोनों की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी।

अब हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे लेकिन जैसे ही मैंने अपने लंड को सुनैना की चूत के अंदर डाला तो वह खुश हो गई थी और मुझे बोली आज मुझे मजा आ गया है। मैंने जब अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला तो मैंने देखा उसकी योनि से खून निकल रहा था लेकिन सुनैना बहुत ही ज्यादा खुश थी जिस तरीके से हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन रहे थे। उसके बाद मैं सुनैना के गोरे बदन को हमेशा ही महसूस करने के लिए तड़पता रहता हूं और वह भी मेरा लंड चूत मे लेने के लिए हमेशा ही तैयार रहती है।


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