उसकी गरम गरम सिसकियाँ

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उसकी गरम गरम सिसकियाँ

Antarvasna, sex stories in hindi:

Uski garam garam siskiyan कावेरी दीदी उस दिन घर आई हुई थी और जब दीदी घर पर आई तो उस दिन मुझे काफी अच्छा लगा लेकिन शायद उस दिन भाभी बिल्कुल भी खुश नहीं थी इसलिए दीदी को भी यह सब अच्छा नहीं लगा और वह उस दिन अपने घर चली गई थी। भाभी का व्यवहार बिल्कुल भी अच्छा नहीं है और इसी वजह से घर में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। पापा और मम्मी चाहते हैं कि वह लोग मेरे साथ कोलकाता में रहे इसलिए मैं पापा मम्मी को अपने साथ कोलकाता ले आया था। पापा भी अपने ऑफिस से रिटायर हो चुके हैं और वह अब इस बात से बड़े खुश थे कि वह मेरे साथ कोलकाता में रहने लगे है। एक दिन मैं सुबह के वक्त ऑफिस के लिए घर से निकला था उस दिन जब मैं अपने ऑफिस के लिए निकल रहा था तो अचानक से पापा का ब्लड प्रेशर लो हो गया जिस वजह से मुझे उन्हें अस्पताल में लेकर जाना पड़ा।

मैं पापा को अपने घर के नजदीकी अस्पताल में लेकर गया और डॉक्टरों ने उन्हें थोड़ी देर में ही घर जाने के लिए कह दिया था। उसके बाद मैं पापा को घर तो ले आया था लेकिन उस दिन मैं अपने ऑफिस नहीं जा पाया था। पापा का अचानक से ब्लड प्रेशर लो हो जाने की वजह से मां काफी ज्यादा घबरा गई थी इसलिए मैंने कुछ दिनों के लिए ऑफिस से छुट्टी ले ली और मैं कुछ दिनों तक घर पर ही था। कुछ दिनों की छुट्टी लेने के बाद मैं अपने ऑफिस जाने लगा था, मैं जब अपने ऑफिस जाने लगा तो एक दिन मुझे बस स्टॉप पर एक लड़की दिखी वह बस का इंतजार कर रही थी। मैं भी बस का इंतजार कर रहा था लेकिन बस आई नहीं थी और जब बस आई तो हम दोनों ही उस बस में चढ़ गए। मैं बार बार उस लड़की की तरफ़ देख रहा था और कहीं ना कहीं वह भी मेरी तरफ देख रही थी और यह सिलसिला शुरू हो चुका था। अगले दिन से वह लड़की मुझे अक्सर उसी बस स्टॉप पर दिखाई देती और हम दोनों एक ही बस में जाया करते थे।

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हम दोनों की एक दूसरे से बात करने की हिम्मत नहीं हो पाई थी, ना तो मैंने उस लड़की से बात की थी और ना ही उसने मुझसे बात की थी परंतु मैंने फैसला कर लिया था कि मैं उस लड़की से बात करूंगा। एक दिन जब मैंने उससे बात की तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा। मैं उस लड़की से बात करके बहुत ज्यादा खुश था। जिस तरीके से उससे मेरी बात हुई उससे मुझे काफी खुशी हुई। हम दोनों की पहली बार ही बात हुई थी लेकिन अब हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे थे उसका नाम पर आशा है। आशा से मैं जब भी बातें करता तो मुझे अच्छा लगता हम दोनों अक्सर एक दूसरे को सुबह के वक्त मिला करते थे। एक दिन हम बस में बैठे हुए एक दूसरे से बातें कर रहे थे उस दिन मैंने आशा से कहा कि क्या तुम मुझे अपना नंबर दे सकती हो तो आशा ने भी मुझे अपना नंबर दे दिया। अब हम दोनों एक दूसरे से फोन पर भी बातें करने लगे थे। हालांकि शुरुआत में हम दोनों की फोन पर इतनी बातें तो नहीं हुआ करती थी लेकिन धीरे धीरे हम दोनों की बातें होने लगी थी।

जब भी हम दोनों एक दूसरे से बात करते तो हमें बहुत ही अच्छा लगता और मैं इस बात से बहुत ही ज्यादा खुश हूं। हम दोनों के बीच काफी अच्छी दोस्ती हो चुकी थी लेकिन अब यह दोस्ती प्यार में भी बदलने लगी थी और मैं और आशा एक दूसरे से प्यार करने लगे थे। हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते। मुझे जब भी मौका मिलता तो मैं आशा के साथ समय बिताने की कोशिश करता और आशा भी इस बात से बहुत ज्यादा खुश है कि हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छे से समय बिता पा रहे हैं। हम दोनों की जिंदगी बड़े ही अच्छे से चल रही है और मैं बहुत ज्यादा खुश हूं जिस तरीके से आशा और मैं एक दूसरे के साथ रिलेशन में हैं। एक दूसरे को हम लोग हमेशा ही खुश रखने की कोशिश किया करते हैं मेरे और आशा के बीच बहुत ज्यादा प्यार है। एक दिन आशा ने मुझे कहा कि चलो आज मैं तुम्हें अपनी फैमिली से मिलवाती हूँ। उस दिन आशा ने मुझे अपने परिवार से मिलवाया। उसके परिवार में उसके पापा मम्मी और उसका एक छोटा भाई है उन लोगों से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा। उनसे मिलकर मुझे ऐसा लगा जैसे कि उन लोगों ने मुझे स्वीकार कर लिया था।

मैंने भी आशा को अपने पापा मम्मी से मिलवाया तो वह लोग भी आशा से मिलकर बहुत ज्यादा खुश थे। मेरे परिवार और आशा के परिवार को हम दोनों के रिलेशन के बारे में पता था इसलिए वह लोग हम दोनों की शादी के लिए तैयार हो चुके थे। मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश था कि आशा के परिवार वाले मेरी और आशा की शादी के लिए तैयार हो चुके हैं और अब हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया था। जब हम दोनों की शादी हुई तो मैं बहुत खुश था कि आशा और मेरी शादी हो चुकी है। हम दोनों की शादी को सिर्फ एक ही महीना हुआ था और एक दिन अचानक से आशा बेहोश हो गई मैं बहुत ज्यादा घबरा गया था। उस दिन मैं आशा को लेकर अस्पताल में गया तो डॉक्टरों ने कहा कि आपको घबराने की जरूरत नहीं है, आशा किसी बात को लेकर परेशान है। मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था आशा ने मुझे उस दिन कुछ भी नहीं बताया और ना हीं मैंने उससे पूछा लेकिन एक दिन जब मैंने आशा से इस बारे में पूछा तो आशा ने मुझे अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में बताया। मैंने उससे कहा कि क्या तुम्हारी शादी पहले भी हो चुकी थी तो आशा ने मुझे कहा कि मेरी शादी पहले हो चुकी थी लेकिन कुछ समय के बाद ही मेरा डिवोर्स हो गया। मैं इस बात से बहुत ज्यादा गुस्से में था मैंने आशा से कहा कि तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया लेकिन मुझे भी लगा कि अब मुझे यह सब भूल कर आगे बढ़ना चाहिए।

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आशा और मैं अब अपने रिलेशन को अच्छी तरीके से चला रहे हैं। आशा और मैं एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुश है लेकिन कहीं ना कहीं मुझे यह बात हमेशा ही चिंतित करती है कि आशा ने मुझे अपनी शादी के बारे में नहीं बताया था। आशा की शादी पहले ही हो चुकी थी लेकिन उसने मुझसे यह सब छुपाया था। मै यह सब भूलने की कोशिश कर रहा था लेकिन यह सब इतना आसान नहीं था। मैं ऑफिस से घर लौटा तो उस दिन आशा घर पर ही थी आशा ने मुझे कहा मैं आपके लिए चाय बना देती हूं। आशा ने मेरे लिए चाय बनाई। जब वह मेरे साथ बैठी हुई मुझसे बातें कर रही थी तो मैं आशा की तरफ देख रहा था और हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तड़प रहे थे। मैंने आशा से कहा चलो बेडरूम में चलते हैं और हम लोग बेडरूम मे चले आए थे। जब हम लोग बेडरूम मे थे तो मैं आशा के बदन को सहलाने लगा और आशा की बदन की गर्मी को मैं पूरी तरीके से बढ़ा चुका था। वह बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी और मैं भी पूरी तरीके से गर्म हो चुका था। मैंने आशा से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने उसके होंठो को चूमना शुरू किया तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था। वह बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी मैंने जैसे ही आशा की चूत पर अपने मोटे लंड को लगाया तो आशा की चूत से पानी निकलने लगा था। वह मुझे कहने लगी मैं चाहती हूं आप मेरी चूत को कुछ देर तक चाटे।

मैंने आशा की चूत पर अपनी जीभ को लगा दिया था मुझे बहुत मजा आने लगा था और उसे भी मजा आ रहा था वह जिस तरीके से मेरी गर्मी को बढा रही थी। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी और मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगाते ही उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया था। आशा की  चूत में मेरा लंड गया तो वह जोर से चिल्लाने लगी और मैंने उसे कसकर अपनी बाहों में पकड़ लिया था। धीरे धीरे मेरा लंड आशा की चूत के अंदर जा रहा था। जिस तरीके से मेरा लंड आशा की चूत मे जा रहा था उससे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी। हम दोनों की गर्मी बढ रही थी और आशा भी बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी। वह मुझे कहने लगी तुम मुझे बहुत ही ज्यादा गर्म कर चुके हो। मैंने आशा की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को तेजी से करना शुरू कर दिया था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसे चोद रहा था और हम दोनो एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। हम दोनों जिस तरीके से एक दूसरे के साथ सेक्स के मजे ले रहे थे उससे हम दोनों को मजा आ रहा था। आशा की गर्मी बढ़ती जा रही थी और वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी।

मैंने उसके दोनों पैरों को चौडा कर लिया था। जब मैंने ऐसा किया तो वह गरम हो चुकी थी और मैं भी काफी ज्यादा गरम हो चुका था। मैं उसे बड़ी ही अच्छी तरीके से चोदे जा रहा था और आशा की सिसकारियां बढ़ती ही जा रही थी। उसकी गरम सिसकारिया बढ़ चुकी थी वह बिल्कुल रह नहीं पा रही थी। मैंने आशा की चूत के अंदर माल को गिरा दिया था। जब मैंने अपने लंड को आशा की चूत से बाहर निकाला तो उसके चेहरे पर एक अलग ही खुशी थी। मुझे बहुत अच्छा लगा जब आशा और मै एक दूसरे के साथ सेक्स के मजे लिए थे। हम दोनो एक दूसरे की बाहों में लेटे हुए थे। मैंने आशा को कहा तुम मेरे लंड को चूस लो। आशा ने मेरे लंड को चूसना शुरु किया वह मेरी गर्मी को बढाए जा रही थी। वह जिस तरीके से मेरी गर्मी बढा रही थी उससे मैं बहुत ज्यादा खुश था। उसने मेरी लंड से पानी को बाहर निकाल दिया था मुझे बहुत ही अच्छा लगा जिस तरीके से उसने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया था।


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