मोटे लंड और कसी चूत की धक्कामुक्की

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Antarvasna, hindi sex kahani:

Mote lund aur kasi chut ki dhakkamukki मेरे लिए ट्रेन का सफर बहुत ही यादगार रहा क्योंकि जब मैं उस सफर के दौरान अनीता से मिला तो मुझे अनीता से मिलकर अच्छा लगा। अनीता मुंबई में नौकरी करती है और मैं लखनऊ में जॉब करता हूं लेकिन अनीता से मेरी बात होने लगी थी और अनीता और मैं एक दूसरे से बातें करने लगे। कहीं ना कहीं मैं अनीता से अपने दिल की बात तो कहना चाहता था लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई थी। जब मैंने अनीता से अपने दिल की बात कही तो अनीता ने भी मेरे प्यार को स्वीकार कर लिया। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही खुश हैं और अब हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में है। जिस तरीके से हम दोनों का रिलेशन चल रहा है उससे मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और अनीता को भी बहुत अच्छा लगता है जब भी वह मेरे साथ बात किया करती है। हालांकि हम लोगों का मिलना कम ही हुआ करता है लेकिन जब अनीता लखनऊ अपने घर आई हुई थी तो उस से मेरी मुलाकात हुई। मैं जब अनीता से मिला तो मैं काफी खुश था मैंने अनीता को कहा कि तुम लखनऊ में ही कोई नौकरी क्यों नहीं कर लेती।

अनीता मुझे कहने लगी कि नहीं मैं मुंबई में ही खुश हूं। अनीता अपनी जॉब से बहुत ज्यादा खुश है और वह मुंबई में ही रहना चाहती हैं। मैं उस दिन अनीता से मिला तो मुझे बहुत अच्छा लगा काफी लंबे समय के बाद हम लोग एक दूसरे को मिले थे। हम लोगों की मुलाकात दो तीन महीने में हुआ करती थी और जब भी हम लोग एक दूसरे से मिलते तो हम दोनों खुश रहते। हमे एक दूसरे से मिलना बहुत ही अच्छा लगा और अनीता को भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता। अनीता मुंबई वापस लौट चुकी थी अनीता मुंबई चली गई थी और उससे मेरी काफी दिनों से फोन पर बात भी नहीं हो पाई। अनीता और मेरी बहुत दिनों से फोन पर बात नहीं हो पाई क्योंकि अनीता अपने काम के चलते बहुत बिजी थी और मैं भी अपने काम के चलते काफी ज्यादा बिजी था।

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बहुत लंबे समय के बाद जब मैंने अनीता को फोन किया तो मुझे बहुत अच्छा लगा और अनीता भी बहुत खुश थी। हम दोनों की एक दूसरे से काफी देर तक उस दिन फोन पर बात हुई। अनीता उस दिन कुछ ज्यादा परेशान नजर आ रही थी इसलिए मैंने अनीता से बात की और मैंने अनीता को कहा कि मैं तुमसे मिलने के लिए मुंबई आता हूं। अनीता से मिलने के लिए मैं मुंबई जाना चाहता था और मैं जब अनीता को मिलने के लिए मुंबई गया तो हम दोनों एक दूसरे से मिलकर बहुत ही ज्यादा खुश थे। मैं मुंबई में कुछ दिनों तक रहा और फिर मैं वापस लौट आया था। जब मैं वापस लौटा तो उसके बाद मैं अनीता को बहुत ज्यादा मिस कर रहा था। अब मैं अनीता से दूरी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाता था इसलिए मैंने अनीता को कहा कि हम लोगों को शादी कर लेनी चाहिए तो वह मुझे कहने लगी कि हां मुझे भी यही लगता है। अनीता और मैं एक दूसरे से शादी करने का फैसला कर चुके थे क्योंकि मेरी भी शादी की उम्र हो चुकी थी और मैं चाहता था कि मैं अनीता के बारे में पापा से बात करूं।

मैंने अपने घर पर अनीता के बारे में बता दिया था और वह लोग अनीता से मिलना चाहते थे। मैंने जब यह बात अनीता को बताई तो अनीता मुझे कहने लगी कि मैं कुछ समय के बाद घर आ रही हूं। जब अनीता घर आई तो वह लोग अनीता से मिले उन्हें अनीता बहुत पसंद आई और पापा और मम्मी मेरी शादी की बात को आगे बढ़ाने लगे। सब लोग इस बात से बहुत खुश हैं और जब हम दोनों की शादी हो गई तो मैं अनीता के साथ अपनी जिंदगी अच्छे से बिता रहा हूं। अनीता भी अब लखनऊ में ही रहती है और मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि वह अब लखनऊ में ही रहती है। अनीता ने लखनऊ में रह कर ही जॉब करना शुरू कर दिया है। हम दोनों की शादी को 6 महीने से ऊपर हो चुका है लेकिन हम दोनों के बीच कभी भी किसी बात को लेकर कोई झगड़ा नहीं हुआ और हम दोनों का जीवन बहुत ही अच्छे से चल रहा है। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ होते और एक दूसरे को समझते हैं उससे मुझे बहुत अच्छा लगता है।

अनीता और मैं एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं और मैं अनीता के साथ जिस तरीके से अपनी शादीशुदा जीवन बिता रहा हूं उससे कहीं ना कहीं अनीता भी काफी खुश है। अनीता की छोटी बहन की शादी भी होने वाली थी और जब हम लोग अनीता की बहन की शादी में गए हुए थे तो हम दोनों को काफी अच्छा लगा। हम लोग वहां पर कुछ दिनों तक रहे और फिर हम लोग वापस लौट आए थे। जब हम लोग घर वापस लौटे तो उस दिन पापा और मम्मी ने मुझसे कहा कि बेटा हम लोग कुछ दिनों के लिए गांव जा रहे हैं। मैंने उन्हें कहा कि लेकिन आप लोगों को वहां जाने की क्या जरूरत है तो वह कहने लगे कि काफी समय हो गया है हम लोग गांव भी नहीं गए हैं इस बहाने हम लोग कुछ समय गांव में भी बिता लेंगे। मैंने उन्हें कहा कि ठीक है यदि आपको लगता है कि आपको कुछ समय के लिए गांव जाना चाहिए तो ठीक है मैं कल ही आपकी टिकट करवा दूंगा।

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मैंने अगले दिन पापा मम्मी की टिकट करवा दी फिर वह लोग गांव चले गए थे। मुझे भी अपने ऑफिस के काम के चलते घर लौटने में देर हो जाया करती थी और अनीता भी जब ऑफिस से लौटती तो वह हर रोज मुझे फोन किया करती थी। पापा और मम्मी अभी भी गांव में ही थे और जब उस दिन मुझे घर लौटने में देरी हुई तो अनीता का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगी कि आप घर कब आ रहे हैं। मैंने अनीता को कहा कि बस थोड़ी देर बाद ही मैं घर पर आ रहा हूं। थोड़े समय के बाद मैं घर पर पहुंचा तो अनीता मेरा इंतजार कर रही थी अनीता ने मुझे कहा कि मैंने आपके लिए खाना बना दिया है। हम दोनों ने साथ में खाना खाया और कुछ देर हम दोनों एक दूसरे के साथ बैठे हुए बातें कर रहे थे। अनीता ने मुझसे पूछा कि आज मां का फोन आया था और मेरी काफी देर तक उनसे बात हुई। मैंने अनीता को कहा कि वह लोग कैसे हैं तो वह मुझे कहने लगी कि वह लोग ठीक है। अनीता से मेरी बात हो रही थी और अब हम लोग अपने बेडरूम में आ गए थे।

हम लोग बेडरूम में आए तो मैं और अनीता एक दूसरे के साथ लेटे हुए थे और अनीता मेरे लंड को चूत मे लेने के लिए तैयार थी। वह मुझसे अपनी चूतड़ों को टकराती तो मैं भी समझ गया था वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार है। मैंने अनीता को कहां यह बहुत ही अच्छा है। हम दोनो एक दूसरे के साथ अब सेक्स करना चाहते थे। हम दोनो एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो चुके थे। मैंने अनीता के नरम होंठों को चूमना शुरू किया तो वह गरम होती चली गई। जब उसकी गर्मी बढ़ रही थी तो वह मेरी तरफ देख कर कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। अनीता और मैं पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे मैंने अनीता से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। अनीता ने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया था। उसने मेरे लंड को चूसना शुरू किया। वह जिस तरीके से मेरे मोटे लंड को चूस कर मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी उससे मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा और अनीता भी बहुत ज्यादा खुश थी। वह मेरा साथ अच्छे से दिए जा रही थी हम दोनों गरम हो चुके थे।

वह मेरे लंड को चूत में लेने के लिए तैयार थी। मैंने उसके दोनों पैरों को खोलकर उसकी चूत पर लंड को लगाया तो वह सिसकारियां लेने लगी थी और मेरी गर्मी बढ़ने लगी थी। मैंने अनीता की चूत के अंदर अपने लंड को डाला। जैसे ही मेरा मोटा लंड अनीता की चूत के अंदर गया तो वह चिल्लाने लगी और अब वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। अनीता की चूत की चिकनाई बढ़ चुकी थी वह जिस तरीके से मेरा साथ दे रही थी उससे हम दोनों को बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। हम दोनों बहुत ज्यादा गर्म हो चुके थे मेरे धक्कों में तेजी आती जा रही थी। मैं और अनीता एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे से सेक्स संबंध बना रहे थे और जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे उससे हम लोगों को मजा आता जा रहा था। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुश हैं और एक दूसरे की चूत की गर्मी को हम लोगों ने बहुत ही अच्छे से बढा दिया था। हम दोनों बिल्कुल भी रह ना सके और जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स के मज़े लिए उससे अनीता बहुत ज्यादा खुश थी। मेरा माल उसकी चूत मे गिर चुका था वह भी झड चुकी थी।

उसकी चूत से माल टपक रहा था मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला। अनीता की चूत से पानी अभी भी टपक रहा था। मैंने जब उसकी चूत मारने के बाद उसकी चूत में माल गिराया तो वह खुश हो गई थी। मैं बहुत ज्यादा खुश था मै उसकी चूत को सहलाने लगा था। मेरा लंड दोबारा से कठोर हो चुका था। मैंने उसकी चूत में लंड को घुसाया तो वह चिल्लाने लगी। उसे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था उसे मजा आता जा रहा था। मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था। वह बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे उससे हम दोनों को ही मजा आ रहा था। हम दोनों की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी अब मेरा वीर्य मेरे अंडकोष से बाहर आ चुका था और जैसे ही मैंने अपने माल को गिराया तो वह खुश हो चुकी थी।


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