सुजाता की चूत से पानी निकल आया

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Antarvasna, desi kahani:

Sujata ki chut se paani nikal aaya कुछ दिनों से मैं बहुत ज्यादा परेशान था मेरे बिजनेस में हुए नुकसान की वजह से मैं अभी तक उससे उभर नही पाया था उस वक्त मेरा साथ मेरी पत्नी सुजाता ने हीं दिया। सुजाता ने अपने पिताजी से पैसे की मदद ली और जिसके बाद उसने मुझे वह पैसे दे दिए ताकि मैं अपना काम दोबारा से शुरू कर सकूं लेकिन मुझे यह सब बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा। सुजाता ने मुझे कहा कि देखो अजीत हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे तरीके से समझते हैं मुझे लगता है कि हम दोनों ने हमेशा ही एक दूसरे का साथ दिया है और आगे भी हम दोनों एक दूसरे का साथ देते रहेंगे। मुझे सुजाता ने कहा कि तुम्हारा काम दोबारा से चलने लगेगा तो तुम पापा को पैसे वपस लौटा देना। मुझे लगा कि सुजाता बिल्कुल ठीक कह रही है और फिर मैंने भी वह पैसे रख लिये थे और उसके बाद मैंने दोबारा से अपना काम शुरू किया।

मेरा बिजनेस में पूरी तरीके से नुकसान हो चुका था इसलिए मैंने दोबारा से अपना काम शुरू किया तो मेरा काम अच्छा चलने लगा था और मैं काफी खुश था कि मेरा काम दोबारा से पहले की तरह ही चलने लगा है। सब कुछ मेरी जिंदगी में पहले की तरह ही हो चुका था मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि अब सब कुछ पहले की तरह ठीक हो चुका है। मैंने और सुजाता ने एक दूसरे के साथ जो सपने देखे थे उन्हें अब हम पूरा कर रहे थे क्योंकि मैं अब पापा के पैसे भी लौटा चुका था और अब मैं अपनी जिंदगी में काफी खुश था। मेरी शादी अभी सिर्फ डेढ़ वर्ष पहले ही हुई थी और उसके बाद में मेरे बिजनेस में हुए नुकसान की भरपाई करना मेरे लिए मुश्किल हो गया था लेकिन सुजाता ने मेरा साथ दिया और सब कुछ ठीक होने लगा अब पहले की तरह सब कुछ हो चुका था।

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एक दिन मैं और सुजाता घर पर ही थे उस दिन सुजाता ने मुझे कहा कि चलो आज कहीं चलते हैं मैंने सुजाता को कहा कि ठीक है। हम दोनों चाहते थे कि हम दोनों साथ में अच्छा समय बिताये। मैंने सुजाता से कहा कि मुझे भी लगता है कि आज हम लोगों को कहीं चलना चाहिए और हम दोनों साथ में घूमने के लिए गए। हम दोनों ने उस दिन बहुत ही अच्छा समय साथ में बिताया। हम लोग शाम को वापस लौटे तो हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे मुझे इस बात की खुशी थी कि सुजाता के साथ मैं अच्छा समय बिता पाया हूं। हम दोनों एक दूसरे के साथ हमेशा ही अच्छा समय बिताया करते। जब भी हम दोनों को मौका मिलता तो हमें बहुत ही अच्छा लगता। उस दिन भी सुजाता और मैं साथ में बैठे हैं हुए थे रात काफी हो चुकी थी और मैंने सुजाता को कहा कि सुबह मुझे जल्दी निकलना है। वह मुझे कहने लगी कि आप सो जाइए मुझे अभी नींद नहीं आ रही है। मैं सो चुका था लेकिन जब मैं उठा तो सुजाता उठी हुई थी मैंने सुजाता से कहा कि लेकिन तुम्हें नींद क्यों नहीं आ रही तो वह मुझे कहने लगी कि बस ऐसे ही।

मैंने सुजाता से पूछा कि क्या तुम्हारी तबीयत ठीक है तो वह मुझे कहने लगी हां मेरी तबीयत ठीक है। सुजाता और मैं एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं। मुझे उसके बाद नींद हीं नही आई हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे। करीब 1:00 बजे के आसपास हम दोनों सो गए और जब अगले दिन हम दोनों उठे तो घर में काम करने वाली नौकरानी भी आ चुकी थी और वह साफ सफाई करने लगी। सुजाता ने मुझे कहा कि मैं आपके लिए नाश्ता बना देती हूं मैंने सुजाता को कहा कि ठीक है। सुजाता ने मेरे लिए ब्रेकफास्ट बनाया उसके बाद मैंने नाश्ता किया फिर मैं अपने काम पर चला गया था। शाम को जब मैं घर लौटा तो उस दिन मुझे घर लौटने में थोड़ा देर हो गई थी सुजाता ने मुझे कहा कि आज मेरी सहेली का मुझे फोन आया था और वह मुझसे मिलना चाहती है। मैंने सुजाता से कहा की लेकिन आज तो काफी देर हो चुकी है क्या हम लोग कल उन्हें मिलने जाए।

सुजाता कहने लगी कि हां यह ठीक रहेगा लेकिन कल आप जल्दी आ जाएगा मैंने सुजाता को कहा कि हां कल मैं जल्दी आ जाऊंगा। मैं सुजाता से बातें कर रहा था सुजाता कहने लगी कि अब हम लोग डिनर कर लेते हैं। रात के 10:00 बज चुके थे और फिर हम लोगों ने डिनर किया। अगले दिन मैं अपने काम से जल्दी घर लौट आया था और उस दिन हम लोग सुजाता की सहेली मीनाक्षी को मिलने के लिए गए। हम लोग जब मीनाक्षी के घर पर गये तो हम लोगों को काफी अच्छा लगा पहली बार मुझे सुजाता ने मीनाक्षी से मिलवाया था इससे पहले मैं कभी मीनाक्षी से नहीं मिला था। उस दिन मीनाक्षी और उसके पति से मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा। मुझे सुजाता ने कभी भी मीनाक्षी के बारे में नहीं बताया था। जब हम लोग घर लौट रहे थे तो उस दिन मुझे सुजाता ने बताया कि मीनाक्षी और वह स्कूल में साथ में पढ़ा करते थे लेकिन उसके बाद मीनाक्षी की फैमिली दुबई में शिफ्ट हो गई थी और फिर वहीं मीनाक्षी ने शादी की लेकिन अब उसके पति ने अपना बिजनेस मुंबई में शुरू कर लिया था इसलिए वह दोनों मुंबई में रहने लगे है।

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सुजाता और मैं एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हैं और हम दोनों की शादी शुदा जिंदगी बड़े ही अच्छे से चल रही है। सुजाता मुझे बहुत ही अच्छे तरीके से समझती है और मैं भी उसे अच्छे से समझता हूं। हम दोनों घर वापस आ चुके थे। हम दोनों घर पहुंच चुके थे। जब घर पहुंचने के बाद मैं और सुजाता अपने बेडरूम में लेटे हुए थे तो मैंने सुजाता को अपनी ओर खींचा। सुजाता मुझे कहने लगी तुम यह क्या कर रहे हो। मैंने सुजाता के होठों को चूम लिया था और उसके गाल पर मैंने पप्पी दे दी। मैंने सुजाता को अपनी बाहों में भर लिया था और वह पूरी तरीके से तड़पने लगी थी। उसकी तडप बहुत ज्यादा बढती जा रही थी, वह गर्म हो चुकी थी। सुजाता मुझे कहने लगी लगता है आज आपको मेरे साथ सेक्स करने का मन है। मैंने सुजाता की आंखों में देखा। मैं उसे देखकर मुस्कुरा उठा सुजाता भी खुश थी और मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी। सुजाता ने मेरे पैंट की चैन को खोलता हुए मेरे लंड को बाहर निकाला।

वह अपने हाथों से मेरे लंड को सहलाने लगी थी उसको बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरे लंड को हिला रही थी। मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरे मोटे लंड को हिलाती और मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी। अब उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समाया तो उसे मेरे लंड को सकिंग करने में बहुत ही मजा आ रहा था और मुझे भी बड़ा अच्छा लग रहा था जब वह मेरे लंड को चूसकर मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुका था। सुजाता ने मेरे लंड से पानी भी बाहर निकाल दिया था अब मैं तड़पने लगा था मेरी गर्मी भी बढ़ने लगी थी। मैंने सुजाता के कपड़ों को उतारते हुए जब उसकी चूत पर लंड को रगड़ना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी तो वह कहने लगी मुझे तुम्हारे लंड को चूसना है। वह मेरे लंड को चूसने लगी। वह जिस तरीके से मेरे लंड को सकिंग कर रही थी उससे मुझे मज़ा आ रहा था और वह बहुत ज्यादा खुश थी। मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था अब मैंने सुजाता के स्तनों को चूसना शुरू किया।

उसके स्तनों को चूसने में मुझे मजा आने लगा था और सुजाता की गर्मी बढ़ने लगी थी। मैंने उसके चूत का रसपान करना शुरू किया तो उसके अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही थी और मेरे अंदर की गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ रही थी। मैंने सुजाता से कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है वह मुझे कहने लगी मुझसे भी बिल्कुल रहा नहीं जा रहा है। मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को सटा दिया था और सुजाता की चूत का एहसास मुझे हो रहा था। उसकी चूत से पानी बाहर निकल रहा था। मेरा मन हुआ मैं सुजाता की चूत को चाट लूं और मैंने जब अपनी जीभ को उसकी चूत पर लगाया तो वह मचलने लगी। मुझे अच्छा लग रहा था जब मैं और सुजाता एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। अब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा चुके थे जैसे ही मैंने  सुजाता की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह उत्तेजित होने लगी। मेरा लंड सुजाता की चूत में जा चुका था। जब मैंने उसे धक्के देने शुरू किए तो मैं अपने लंड को उसकी योनि के अंदर बाहर कर रहा था वह तेजी से चिल्लाने लगी थी। उसकी सिसकारियां बढ रही थी मैं रह नहीं पा रहा था मेरे धक्को में और भी ज्यादा तेजी आती जा रही थी। मुझे उसे चोदने में मजा आ रहा था और वह भी मेरे साथ अच्छे से दे रही थी।

मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए उसे तेजी से चोदना शुरू कर दिया था। मैं जिस तरीके से उसकी चूत के मजे ले रहा था वह मेरे लिए अच्छा था। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था मुझे बहुत ही मजा आता जा रहा था। मैंने उसे बहुत देर तक चोदा उसके बाद जैसे ही मैंने अपने वीर्य को उसकी चूत में गिराया तो वह खुश हो गई थी और हम दोनों की गर्मी शांत हो गई थी। उसके बाद भी हम दोनों ने एक बार और सेक्स के मज़े लिए मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदा। मुझे उसे छोदने में मजा आया और मैं उसकी गर्मी को शांत कर पाया था।


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