निशा जब मेरी ज़िन्दगी में आई

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Antarvasna, kamukta:

Nisha jab meri zindagi me aayi रविवार के दिन मैं घर पर ही था तो मैंने सोचा कि चलो आज अपनी दीदी को मिल आता हूं उस दिन मैं दीदी को मिलने के लिए चला गया। लंबे अरसे के बाद मैं दीदी को मिला था तो दीदी भी बहुत ज्यादा खुश थी और दीदी मुझसे पूछने लगी कि तुम्हारी नौकरी कैसी चल रही है। मैंने दीदी को कहा कि दीदी मेरी जॉब तो अच्छी चल रही है लेकिन काफी समय हो गया था आप लोगों से मुलाकात भी नहीं हुई थी तो सोचा की आप लोगों से मुलाकात कर लेता हूं। उस दिन मैं दीदी से मिला तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा जीजा जी घर पर नहीं थे वह अपने किसी काम से गए हुए थे। मैं दीदी से मिलकर बहुत ही खुश था और फिर मैं वापस घर लौट आया था। जब मैं घर वापस लौटा तो मां ने मुझसे कहा कि बेटा क्या तुम  कविता से मिले थे तो मैंने मां से कहा कि हां मां मैं कविता दीदी को मिला था।

मां मुझसे पूछने लगी कि कविता कैसी है मैंने मां से कहा कि मां कविता दीदी तो ठीक है और वह कह रही थी कि कुछ दिनों में वह आपसे मिलने के लिए घर पर आएंगे। उस दिन मैं शाम के वक्त अपने दोस्त को मिलने उसके घर पर गया हुआ था और जब मैं शाम के वक्त अपने दोस्त को मिलने के लिए गया तो वह मुझे कहने लगा कि मेरी सगाई होने वाली है। मैंने उसे कहा कि लेकिन तुमने तो मुझे कुछ बताया ही नहीं। मैं अमित को काफी दिनों के बाद मिल रहा था अमित ने मुझे बताया कि उसकी इंगेजमेंट होने वाली है। मैंने अमित को इस बात के लिए बधाई दी और वह कहने लगा कि बस यह सब बहुत ही जल्द बाजी में हुआ। मैंने अमित को कहा कि कोई बात नहीं लेकिन हम लोगों को बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा था जब हम लोग एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे। अमित से मैं काफी दिनों के बाद मिल रहा था क्योंकि अपनी जॉब के चलते मैं बिजी रहता हूं इसलिए मैं अमित को भी नहीं मिल पाया था।

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उससे मिलने के बाद मैं घर लौट आया था और घर लौटने के बाद मैंने मां को अमित की सगाई के बारे में बताया तो मां कहने लगी यह तो बहुत ही अच्छा है कि अमित की सगाई होने वाली है। जिस दिन अमित की इंगेजमेंट थी उस दिन मैं उसकी इंगेजमेंट में गाया हुआ था और वहां पर मुझे अमित ने निशा से मिलवाया। निशा से मिलना मेरे लिए बहुत ही अच्छा था और मुझे नहीं मालूम था कि निशा और मैं उसके बाद में एक दूसरे को मिलेंगे और हम दोनों की अच्छी दोस्ती हो जाएगी। अब हम दोनों एक दूसरे को प्यार भी करने लगे थे और प्यार का इजहार मैंने हीं निशा से किया था। जब मैंने निशा से अपने दिल की बात कही तो निशा भी मना ना कर सकी और अब हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में बहुत ज्यादा खुश है। जिस तरीके से मैं और निशा एक दूसरे के साथ होते हैं उससे हमें बहुत ही अच्छा लगता है और मैं भी इस बात से बड़ा खुश हूं कि निशा और मेरी जिंदगी बहुत ही अच्छे से चल रही है।

निशा के मेरी जिंदगी में आने से मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं और जब से निशा मेरी जिंदगी में आई है मेरी जिंदगी में काफी बदलाव आने लगे हैं। मैं निशा के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करता हूं और हम दोनों एक दूसरे को जब भी समय देने की कोशिश करते हैं तो हमें बहुत ही अच्छा लगता है। एक दिन निशा और मैं साथ में बैठे हुए थे उस दिन जब निशा ने मुझे कहा कि चलो आज हम लोग हमारे घर पर चलते हैं। मैंने निशा से कहा कि लेकिन मैं तो तुम्हारे परिवार में किसी को भी नहीं जानता हूं। वह मुझे कहने लगी कि इसीलिए तो आज मैं तुम्हें अपनी फैमली से मिलाना चाहती हूँ। निशा ने उस दिन मुझे अपनी फैमिली से मिलवाया यह पहली बार था जब मैं निशा के परिवार से मिल रहा था।

उन लोगों से मिलकर मुझे अच्छा लगा और निशा भी बहुत ज्यादा खुश थी जब हम लोग एक साथ बैठे हुए बातें कर रहे थे। कहीं ना कहीं निशा के परिवार वालों को भी पता चल चुका था कि हम दोनों के बीच कुछ तो चल रहा है। मेरे और निशा के बीच बहुत ही प्यार है। निशा ने मुझसे कहा कि मैंने अपने पापा को इस बारे में बता दिया है कि हम दोनों एक दूसरे से शादी करना  चाहते है। जब निशा ने मुझे यह बात बताई तो मैंने निशा को कहा कि कहीं हम जल्दी बाजी में फैसला तो नहीं ले रहे हैं हमें थोड़ा समय एक दूसरे को देना चाहिए। निशा कहने लगी कि हां यह तो ठीक है लेकिन मैं पापा से इस बारे में बात कर चुकी हूं। निशा ने अपनी फैमिली को मेरे बारे में बता दिया था इसलिए मैं भी चाहता था कि मैं पापा मम्मी से निशा के बारे में बात करूं। जब मैंने निशा के बारे में घर वालो से बात की तो उन लोगों को भी अच्छा लगा और वह लोग निशा से मिलना चाहते थे।

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जब निशा हमारे घर पर आई तो निशा से मिलकर सब लोग बहुत ही खुश थे और निशा को मां ने अपनी बहू के रूप में भी स्वीकार कर लिया था और मेरे लिए यह बहुत ही अच्छा था हम दोनों ही एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हैं और जब भी मैं निशा के साथ होता हूं तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। हम दोनों के परिवार वालों को भी हमारे रिश्ते से कोई एतराज नहीं था और यह हम लोगों के लिए बड़ा ही अच्छा था। मैं और निशा एक दूसरे को ज्यादा से ज्यादा समय देने की कोशिश किया करते हैं और हम लोग एक दूसरे के साथ होते हैं तो हमें बहुत ही अच्छा लगता है। कुछ समय बाद हम दोनों की इंगेजमेंट हो चुकी थी और थोड़े ही समय बाद हम लोगों की शादी भी हो गई। हम लोगों की शादी बड़े ही धूमधाम से हुई और मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं कि मेरी शादी निशा से हो चुकी है।

निशा को अपनी पत्नी के रूप में पाना मेरे लिए बहुत ही अच्छा था मैं और निशा दोनों ही बहुत ज्यादा खुश है। शादी की पहली रात थी। मैं और निशा एक दूसरे के साथ अपनी रात को रंगीन बनाना चाहते थे। मैंने निशा को अपनी ओर खींचा तो मैं उसके होठों को चूमने लगा था। मैं जिस तरह से निशा के होंठो को चूम रहा था उसकी गर्मी बढ रही थी। वह पूरी तरीके से गर्म होती जा रही थी हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढा रहे थे। जब मैंने निशा से कहा तुम अपने कपड़े उतार दो तो निशा मेरी तरफ देख कर कहने लगी तुम ही मेरे कपड़े उतार दो। मैंने निशा के बाद से उसके कपडो को उतारा तो मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर उन्हें चूसना शुरू कर दिया। मैं निशा के स्तनों को चूस रहा था तो मुझे मजा आने लगा था और उसे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। मैं जिस तरीके से उसके स्तनों को चूस रहा था और उसकी गर्मी को बढाए जा रहा था। मैंने निशा की गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था और उसकी चूत से निकलता हुआ पानी भी बहुत ज्यादा बढने लगा था।

मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है और निशा की गर्मी बढ़ाती जा रही थी। मैंने निशा की चूत से निकलते हुए पानी को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया था। जो मैंने निशा की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाने का फैसला किया तो वह मुझे कहने लगी तुम मेरे पैरों को चौड़ा कर लो। निशा ने अपने पैरों को खोल लिया था ताकि मेरा लंड उसकी चूत मे आसानी से जा सके। यह पहली बार था जब हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने जा रहे थे। मैंने अब निशा की चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया था। निशा की चूत में मेरा लंड जाते ही उसकी सील टूट चुकी थी और निशा की सील टूटने के बाद मैंने उसे धक्के देना शुरू कर दिया था। मैं जिस तरीके से निशा को चोद रहा था उससे उसे मज़ा आने लगा था और वह मुझे कहने लगी मुझे और तेजी से धक्के मारो। निशा की चूत से निकलता हुआ खून मेरी गर्मी को बढाए जा रहा था। मुझे मजा आ रहा था जब मैं और निशा एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे।

हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा दिया था। हम दोनो एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा ले रहे थे हम दोनों ने एक दूसरे के साथ बहुत देर तक सेक्स के मजे लिए। जैसे ही मैंने निशा की चूत में वीर्य को गिराया तो वह खुश हो चुकी थी लेकिन अभी भी मेरी इच्छा नहीं भरी थी मैंने उसे कहा तुम मेरे लंड को चूसो तो वह मेरे मोटे लंड को बड़े अच्छे तरीके से चूस रही थी। जिस तरीके से वह मेरे लंड को सकिंग कर रही थी उससे उसे मज़ा आने लगा था और निशा बहुत ही ज्यादा खुश हो चुकी थी। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाएं जा रहे थे। मैंने निशा के दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था और मेरा  मोटा लंड निशा की चूत में जाने के लिए तैयार था। मैंने जब निशा को चोदना शुरू किया तो हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे। जब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे तो हम दोनों को ही मजा आने लगा था और हम दोनों बहुत ज्यादा खुश हो चुके थे। जिस तरीके से हम लोग एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे मैंने निशा के दोनों पैरों को चौड़ा किया हुआ था। मैंने निशा के साथ 5 मिनट तक सेक्स के मजे लिए थे। जब मेरा वीर्य निशा की चूत में गिरा तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा और निशा भी बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी।


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