अंजली की सिसकियाँ सुन के रहा नही गया

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Antarvasna, sex stories in hindi:

Anjali ki siskiyan sun ke raha nahi gaya कोमल और मुकेश के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था इसलिए वह दोनों एक दूसरे से अलग होना चाहते थे। मुकेश मेरा अच्छा दोस्त है और वह मेरे साथ ऑफिस में ही जॉब करता था मुकेश इस बात से बहुत ज्यादा परेशान रहने लगा था। मैंने मुकेश को कई बार समझाने की कोशिश की कि उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है लेकिन मुकेश इस बात से इतना ज्यादा परेशान हो चुका था कि वह ऑफिस से जॉब भी छोड़ चुका था। मैंने मुकेश को काफी समझाया लेकिन मुकेश ने मेरी बात न मानी और कोमल भी उससे अलग हो चुकी थी। उन दोनों की शादी को अभी सिर्फ एक साल ही हुआ है लेकिन ना जाने उन दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ कि वह दोनों एक दूसरे से अलग होते चले गए। उन दोनों के झगड़े बहुत ज्यादा बढ़ने लगे थे उन दोनों के बीच झगड़े बढ़ते ही जा रहे थे और फिर वह एक दूसरे से अलग हो चुके थे। मैं चाहता था कि मुकेश अपनी जिंदगी दोबारा से शुरू करें लेकिन ऐसा हो ना सका। मैंने मुकेश से कहा कि तुम दोबारा से अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करो।

मैंने मुकेश को बहुत समझाया लेकिन वह मेरी बात ना माना। समय के साथ साथ मुकेश को भी यह समझ आने लगा था कि उसे अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना ही होगा इसलिए वह अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने लगा था। यह मुकेश के लिए बहुत ही अच्छा था कि वह अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने लगा था उसकी लाइफ में सब कुछ ठीक होने लगा था। मेरे लिए भी पापा मम्मी अब रिश्ता देखने लगे थे लेकिन जब पहली बार मैं अंजलि को मिला तो अंजलि से मिलना मुझे अच्छा लगा। अंजलि के साथ मेरे घर वाले मेरा रिश्ता करवाना चाहते थे। अंजलि पापा के दोस्त की बेटी है मुझे भी अंजलि पहली नजर में ही पसंद आ गयी थी और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सगाई करने का फैसला कर लिया था। अंजलि को भी मैं पसंद आ चुका था और हम दोनों की अब सगाई हो चुकी थी। हम दोनों की सगाई हो जाने के बाद हम दोनों का एक दूसरे से मिलना बहुत होने लगा था।

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जब भी मैं अंजलि को मिलता तो अंजलि को बहुत ही अच्छा लगता वह मुझसे मिलकर बहुत ही खुश रहती। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझने लगे थे हम दोनों की फोन पर भी बातें होती रहती। हम दोनों की सगाई को 3 महीने से ऊपर हो चुका था और हम दोनों की शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थी। जब हम दोनों की शादी हो गई तो हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश थे। अंजलि ने घर की सारी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है और मैं भी बहुत ज्यादा खुश हूं जिस तरीके से अंजली घर की सारी जिम्मेदारी को निभा रही है। मुझे भी बहुत अच्छा लगता है जब भी अंजलि पापा मम्मी की देखभाल करती है। मैं अगर अपने काम के सिलसिले में कहीं बाहर भी रहता हूं तो अंजलि घर की सारी जिम्मेदारी को बखूबी निभा लेती है। अब अंजलि भी चाहती थी कि वह जॉब कर ले। मैंने अंजलि को कहा कि अगर तुम्हें लगता है कि तुम्हे नौकरी करनी चाहिए तो तुम जॉब कर सकती हो।

अंजली मुझसे कहने लगी कि हां मुझे भी यही लग रहा है कि मुझे जॉब करनी चाहिए क्योंकि घर में मेरा काफी समय बच जाया करता है और मैं घर में अकेली बोर हो जाती हूं। मैंने अंजलि से कहा कि ठीक है अगर तुम्हें लगता है कि तुम्हें नौकरी करनी चाहिए तो तुम जॉब कर लो। अंजलि ने जब एक कंपनी में इंटरव्यू दिया तो वहां पर उसका सलेक्शन हो गया। अंजली का सिलेक्शन हो जाने के बाद वह भी अब जॉब करने लगी थी। अंजली सुबह घर का सारा काम किया करती और उसके बाद वह ऑफिस चली जाती। हम दोनों अक्सर साथ में हीं ऑफिस जाया करते थे लेकिन अंजलि मुझसे जल्दी ऑफिस से घर आ जाया करती थी। अंजलि का ऑफिस घर के पास ही है इसलिए वह जल्दी घर आ जाया करती है। मैं अंजली के साथ बहुत ज्यादा खुश हूं और जब भी अंजलि और मैं एक दूसरे के साथ होते हैं तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता है।

अंजलि और मैं एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हैं और हम दोनों की जिंदगी अच्छे से चल रही है। जिस दिन हम दोनों की छुट्टी होती है उस दिन हम दोनों साथ में समय बिताने के बारे में सोचते। हम दोनों ने कुछ समय साथ में बिताने का फैसला किया था। अंजलि की भी छुट्टी थी और मेरी भी ऑफिस की छुट्टी थी इसलिए हम दोनों अंजलि के पापा मम्मी से मिलने के लिए चले गए। उनसे मिलने के बाद हम लोग वहां से मूवी देखने के लिए गए। अंजलि और मैंने साथ में बहुत ही अच्छा समय बिताया उसके बाद हम लोग घर लौट आए हैं। अंजलि के साथ समय बिताना मुझे बहुत ही अच्छा लगता और उसके साथ मैं बहुत ही ज्यादा खुश रहता। जब मैं अंजलि के साथ होता हूं तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और अंजलि को भी बड़ा अच्छा लगता है और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश है। मैं अंजली के साथ जिस तरीके से रिलेशन को चला रहा हूं वह मेरे लिए बहुत ही अच्छा है हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही ज्यादा प्यार करते हैं।

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एक दिन अंजलि और मैं एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे उस दिन हम दोनों ऑफिस से घर लौटे ही थे तो मैंने अंजली से कहा कि कल मुझे बेंगलुरु जाना होगा। अंजलि कहने लगी कि आप वहां से वापस कब लौटेंगे मैंने अंजलि को कहा कि मैं वहां से कुछ ही दिनों में वापस लौट आऊंगा। उस दिन अंजलि ने मेरा सामान पैक किया और मैं अगले दिन बैंगलुरु चला गया था वहां पर कुछ दिनों तक रहने के बाद मैं वहां से वापस लौट आया था। मैं जिस दिन बेंगलुरु से वापस लौटा तो अंजलि भी अपने ऑफिस से घर लौट रही थी। हम दोनों उस दिन साथ में बैठे हुए थे अंजलि मेरे लिए पानी लेने के लिए चली गई। वह मेरे लिए पानी का गिलास लेकर आई। वह मुझे कहने लगी आपका सफर कैसा रहा? मैंने उसे कहा मेरा सफर ठीक ही रहा हम लोगों ने डिनर किया और डिनर करने के बाद जब मैं और अंजलि साथ में बैठे हुए थे। अंजलि और मैंने काफी दिनों से एक दूसरे के साथ सेक्स नहीं कर पाए थे वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तड़प रही थी। मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया। अंजलि को जब मैंने अपनी बाहों में भर लिया था तो वह भी गरम होती चली गई थी।

अब मेरी गर्मी भी बढ़ती जा रही थी हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे। हम दोनों से बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था और ना ही अंजलि अपने आपको रोक पा रही थी। मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया था मैं उसके होठों को चूम रहा था तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और अंजलि को भी काफी मज़ा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरी गर्मी को बढाए जा रही थी। अंजलि और मैं एक दूसरे की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा रहे थे। अब हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स करने का फैसला कर लिया था। मैंने अंजलि के कपड़े उतारे मैंने उसके कपड़े उतार तो मैं अंजलि के स्तनों को महसूस करने लगा था। कुछ देर तक उसके स्तनों को चूसने के बाद मैंने उसके स्तनों पर लंड को रगडना शुरू किया। वह  मेरे लंड को अपने मुंह में लेने के लिए तड़प रही थी। उसने अपने मुंह को खोलते हुए मेरे लंड को मुंह में लेना शुरू कर दिया था। जिस तरीके से वह मेरे लंड को चूस रही थी वह मेरे लिए बड़ा ही अच्छा था और मुझे भी मज़ा आता जब वह मेरे लंड को चूस रही थी।

जब मैं अंजलि की गर्मी को बढाता तो वह उत्तेजित होती जाती। मैंने अंजलि की पैंटी को नीचे उतारते हुए उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया था। उसकी योनि को चाटना मेरे लिए अच्छा था और वह भी उत्तेजित होती जा रही थी जिस तरीके से वह गर्म हो रही थी वह मेरे लिए बड़ा ही अच्छा था। मैंने उसकी योनि से पानी को बाहर निकाल दिया था लेकिन जैसे ही मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को टच किया तो वह मचलने लगी। वह अपने पैरों को खोलने लगी थी उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकाल रहा था। मैंने अपने लंड को धीरे धीरे अंदर घुसाना शुरू किया। मेरा मोटा लंड उसकी चूत में चला गया था जब मेरा मोटा लंड उसकी चूत में गया तो मुझे मजा आने लगा था और अंजलि को भी बहुत मजा आने लगा था। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को जिस तरह से बढ़ा रहे हैं उस से हम दोनों को ही मजा आने लगा था और अंजलि को बहुत मजा आने लगा था।

अंजलि की सिसकारियां बढ़ती जा रही थी और मेरे धक्कों में तेजी आती जा रही थी। मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था। अंजलि की चूत से गर्मी बाहर की तरफ निकल रही थी। मैंने अंजलि के साथ जमकर सेक्स के मज़े लिए। जब मैंने अपने माल को अंजलि के स्तनों पर गिराया तो वह खुश हो चुकी थी और मैं भी खुश था। उसके बाद मैंने अंजलि को घोड़ी बनाकर चोदा और उसके बाद भी मैंने उसकी चूत के मजे लिए। मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब भी मैं अंजलि के साथ सेक्स करता हूं।


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