दूसरा हनीमून कई वर्षों बाद

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Dusra honeymoon kayi varshon baad सुबह के वक्त मैं जल्दी उठा और मैंने अपनी पत्नी को आवाज लगाते हुए कहा सुचित्रा क्या अखबार आ चुका है तो वह कहने लगी कि हां राजेश अखबार तो कब का आ चुका है। मैं अब अपने हॉल में बैठा हुआ था और मैं अखबार पढ़ने लगा मुझे अखबार पढ़ते हुए कुछ देर ही हुई थी कि सुचित्रा मेरे पास आकर बैठी और कहने लगी कि राजेश मुझे आपसे कुछ बात करनी थी। मैंने भी सुचित्रा की तरफ देखा और उसे कहा हां सुचित्रा कहो क्या कहना था सुचित्रा मुझे कहने लगी कि मैं आपसे यह कह रही थी कि बच्चों की छुट्टियां अगले हफ्ते पड़ने वाली है और मैं सोच रही थी कि हम लोग कहीं घूमने के लिए चलें यदि आप कहें तो मैं पड़ोस में सुमन से भी बात कर लेती हूं क्योंकि सुमन भी मुझे कह रही थी कि हम लोग भी बच्चों की छुट्टियों में कहीं घूमने के बारे में सोच रहे हैं। मैंने सुचित्रा को कहा सुचित्रा मैं तुम्हें दोपहर में अपने ऑफिस से फोन करता हूं क्योंकि आजकल ऑफिस में कुछ काम भी है और मैं जैसे ही ऑफिस से फ्री हो जाऊंगा तो मैं तुम्हें फोन करूंगा उसके बाद ही तुम सुमन से इस बारे में चर्चा करना। सुचित्रा ने मुझे कहा ठीक है मैं उसके बाद ही सुमन से इस बारे में बात करूंगी।

सुचित्रा और मेरी शादी को 15 वर्ष हो चुके हैं इन 15 वर्षों में मेरे जीवन में बहुत कुछ बदलाव आया है मैं पहले की तरह अब नहीं सोचता एक समय ऐसा भी था जब मैं आर्थिक रूप से बहुत परेशानी में चल रहा था लेकिन समय के साथ-साथ सब कुछ ठीक होने लगा और सुचित्रा ने भी मेरा बहुत साथ दिया, हम दोनों की शादी को 15 वर्ष बीत गए कुछ पता ही नहीं चला। मैं जब अपने ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था तो मेरे पापा मुझे कहने लगे कि राजेश बेटा तुम आते वक्त मेरे लिए दवाइयां ले आना मैंने पापा से कहा पापा आप मुझे दवाइयों का नाम लिखकर दे दीजिए, पापा कहने लगे ठीक है मैं तुम्हें दवाइयों के नाम लिखकर दे देता हूं। पापा एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते थे लेकिन उनकी तबीयत ने उनका साथ नहीं दिया और उन्होंने काम छोड़ दिया घर पर मैं ही इकलौता हूं। मेरी छोटी बहन शांति की भी शादी हो चुकी है वह भी हमसे मिलने के लिए कभी कबार आ जाती है वैसे तो उससे मेरी फोन पर अक्सर बात होती रहती है। जब भी मैं शांति से फोन पर बात करता हूं तो मुझे उससे बात करना अच्छा लगता है अभी कुछ दिनों पहले ही उसका फोन आया था और वह मुझसे पापा मम्मी के बारे में पूछ रही थी।

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अब मैं अपने ऑफिस चला गया जब मैं ऑफिस में गया तो ऑफिस में काफी काम था शायद हमारे बॉस भी छुट्टी पर जाने वाले थे लेकिन मुझे लगा कि मुझे उनसे अपनी छुट्टी के लिए बात कर लेनी चाहिए। मैंने बॉस से अपनी छुट्टी की बात की तो उन्होंने मुझे कहा कि ठीक है राजेश तुम एक हफ्ते की छुट्टी ले लो उन्होंने मुझे एक हफ्ते की छुट्टी दे दी फिर मैंने सुचित्रा को फोन किया और कहा सुचित्रा जब बच्चों की छुट्टियां पड़ेगी तो उसके दो दिन बाद ही हम लोग निकल पड़ेंगे। सुचित्रा कहने लगी कि लेकिन हम लोगों ने तो कहीं का कोई प्लान ही नहीं बनाया है मैंने सुचित्रा को कहा वह सब मैं घर आकर तुम से बात कर लूंगा तुम सुमन से भी इस बात को लेकर चर्चा कर लेना ताकि वह लोग भी हमारे साथ चल पाए। सुचित्रा कहने लगी ठीक है मैं सुमन से भी इस बारे में बात कर लूंगी और सुमन अपने पति से भी बात कर लेगी। जब मैं घर लौटा तो सुचित्रा ने मुझे बताया कि मैंने सुमन से इस बारे में बात की थी तो वह कहने लगी कि मैं आज ही अपने पति से इस बारे में बात कर लूंगी। जब मुझे सुचित्रा ने यह कहा तो मैंने सुचित्रा को कहा चलो यह तो अच्छी बात है कि सुमन और उसका परिवार भी हमारे साथ घूमने के लिए चलेगा। वह लोग हमारे काफी करीबी हैं एक वजह तो यह भी है कि वह हमारे पड़ोस में रहते हैं और दूसरी उनका हमारे साथ काफी अच्छा संबंध है सुमन अक्सर हमारे घर पर आती है। सुचित्रा मुझसे पूछने लगी कि लेकिन हम लोग घूमने के लिए कहां जाएंगे मैंने सुचित्रा को कहा मुझे तुम थोड़ा समय दो मैं इस बारे में सोचता हूं कि हम लोग घूमने के लिए कहां जाएंगे वैसे तो इस वक्त गर्मी बहुत ज्यादा हो रही है तो मैं सोच रहा हूं कि किसी ठंडी जगह पर जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। सुचित्रा मुझे कहने लगी कि हां राजेश आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं हम लोगों को किसी ठंडी जगह पर ही जाना चाहिए हम लोग ऐसे किसी हिल स्टेशन के बारे में सोच सकते हैं।

मैंने सुचित्रा को कहा हां ठीक है मैं इस बारे में सोचता हूं और तुम्हें कल तक मैं बताता हूं अगले दिन मैंने सुचित्रा को कहा कि क्यों ना हम लोग नैनीताल घूमने के लिए जाए। सुचित्रा के चेहरे पर खुशी थी वह मुझे कहने लगी कि हां नैनीताल जाना हमारे लिए ठीक होगा सुचित्रा और मुझे अपने वह पुराने दिन याद आए जब हम लोग अपने हनीमून के लिए नैनीताल गए थे लेकिन उसके बाद हम लोगों का कभी नैनीताल जाना नहीं हो पाया। सुचित्रा बहुत खुश थी और उसने सुमन से इस बारे में बात कर ली थी सुमन और उसके पति भी चलने के लिए तैयार हो चुके थे अब हम लोगों ने सारी व्यवस्थाएं कर ली। हम लोग चंडीगढ़ से टैक्सी बुक कर के ही जाने वाले थे मेरे एक परिचित हैं उनका टूर एंड ट्रेवल्स का काम है तो उनसे ही मैंने टैक्सी के बारे में बात कर ली थी उन्होंने मुझे कहा कि राजेश जी आप चिंता मत कीजिए। मैंने उन्हें कहा हमें कल नैनीताल के लिए निकलना है तो वह कहने लगे कि सुबह मैं आपके घर पर ड्राइवर को गाड़ी के साथ भिजवा दूंगा। अगले दिन सुबह उन्होंने ड्राइवर को घर पर भिजवा दिया था बच्चे तो तैयार हो चुके थे लेकिन सुचित्रा अभी तक तैयार नहीं हुई थी मैंने सुचित्रा को कहा तुम जल्दी से तैयार हो जाओ। सुचित्रा मुझे कहने लगी कि मैं रास्ते के लिए नाश्ता बना रही हूं बस थोड़ा टाइम और लगेगा मैंने उसे कहा ठीक है तुम जल्दी से कर दो मैं सुमन और महेश को कह देता हूं।

मैंने महेश को कहा तो महेश कहने लगा हम लोग तो तैयार हो चुके हैं, हम लोग गाड़ी में सामान रखने लगे थे और थोड़ी देर बाद सुचित्रा भी आ गई। हम लोग अब चंडीगढ़ से नैनीताल के लिए निकल चुके थे सब लोगों के अंदर बहुत ही उत्सुकता थी सुमन और महेश तो पहली बार ही नैनीताल जा रहे थे इसलिए वह बड़े खुश थे और वह हम लोगों से पूछ रहे थे कि नैनीताल में जब आप लोग गए थे तो आपको कैसा लगा था। हम लोगों ने भी उनसे कहा कि नैनीताल तो बहुत ही अच्छा है। हम नैनीताल पहुंचे तो नैनीताल की खूबसूरत वादियों को देखकर बच्चे बहुत खुश थे, सुमन और महेश भी कहने लगे कि यहां पर तो बहुत अच्छा नजारा है। हम लोग फोटो खींचने लगे उसी वक्त वहां पर एक कपल भी था वह भी फोटो खिंचवा रहा था उन लोगों की नई नई शादी हुई थी वह महिला मेरे पास आई और कहने लगी क्या आप हमारी फोटो खीचेंगे? मैंने उन लोगों की फोटो खींच ली लेकिन मुझे नहीं पता था कि वह लोग भी हमारे ही होटल में रुके हुए हैं जिस होटल में हम लोग रुके थे। यह भी अजीब इत्तेफाक था लेकिन जब मैं होटल में गया तो अंजली मुझसे कहने लगी आप लोग भी इसी होटल में रुके हुए हैं हम दोनों उस वक्त रिसेप्शन पर थे। मैंने अंजली से कहा हां हम लोग भी यही पर रुके हुए हैं मुझे तो अंजली को देखकर उसके साथ सेक्स करने का मन था। वह भी मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए बेताब थी क्योंकि उसके पति उसकी इच्छा पूरी नहीं कर पा रहे थे इसलिए उसने मुझे अपने कमरे में बुला लिया। हम लोग एक साथ बैठे हुए थे तभी उसने मेरे लंड पर अपने हाथ को फेरना शुरू किया मैंने भी उसके स्तनों को दबाते हुए बाहर निकालना शुरू किया। मैंने उसके बदन से कपड़े उतारे और उसे नंगा कर दिया।

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वह मेरे सामने नग्न अवस्था में लेटी हुई थी उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ को टपक रहा था मुझसे रहा नहीं गया। मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए अंजली की चूत पर लगाया और धीरे धीरे अंदर की तरफ धकेलना शुरू किया मेरा मोटा लंड जैसे ही अंजली की चूत में गया तो वह कहने लगी मुझे अब अच्छा लग रहा है मेरे पति तो मुझे चोद ही नहीं पा रहे हैं बेवजह ही मेरा हनीमून खराब कर रहे हैं। मैंने अंजली को धक्का देते हुए कहा मैंने भी यही अपनी पत्नी के साथ हनीमून मनाया था लेकिन मैंने उसे चोदकर खुश कर दिया था। जब यह बात मैंने अंजली को कहीं तो अंजली खुश हो गई और कहने लगी आप मुझे चोदते रहो मैंने उसकी चूत का भोसड़ा बना दिया। मै उसकी गांड मारने कि सोचने लगा मैंने उसकी गांड पर तेल लगाते हुए अपने लंड को भी चिकना बना लिया और उसकी गांड के अंदर अपने लड को प्रवेश करवाते हुए डाल दिया जैसे ही उसकी गांड के अंदर मेरा लंड घुसा तो वह चिल्लाने लगी। मै लगातार तेज गति से उसे धक्के मारने लगा उसकी गांड से खून आने लगा था।

वह कहने लगी आप काफी अनुभवी हैं और आपके साथ में आज अपनी गांड मरवाकर मैं खुश हूं मुझे नैनीताल का यह सफर हमेशा जिंदगी भर याद रहेगा। मैंने उसे कहा यादगार तो तुमने मेरे लिए भी बना दिया है दूसरी बार भी मुझे ऐसा लग रहा है कि में अपना हनीमून मनाने के लिए आया हुआ हूं। अंजली के चेहरे पर खुशी थी मेरे लंड से वीर्य बाहर की तरफ को निकलने लगा था जब मेरा वीर्य बाहर निकला तो मैंने अंजली को कहा मेरा तो हो चुका है अब मैं अपनी पत्नी के पास जा रहा हूं। मैं अपनी पत्नी और बच्चों के पास चला गया और उन लोगों के साथ मैंने नैनीताल घूमने का पूरा मजा लिया सुमन और महेश भी खुश थे और उनके बच्चे भी बहुत खुश थे। हम लोग कुछ दिन वहां रुकने के बाद वापस लौट आए अंजली मुझे पागलों की तरह अब भी फोन करती रहती है।


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